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Kushinagar News: स्वास्थ्य विभाग ने कसा शिकंजा तो उतरा ठगी के धंधे में
Thu, 29 May 2025 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 29 May 2025 01:38 AM IST
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तमकुहीराज। विदेशों में रोजगार देने के नाम पर ठगी करने वाला डॉ. वाजिद झोलाछाप है। पहले चौराहे पर क्लीनिक खोलकर लोगों का इलाज करता था। इलाज के दौरान मामला बिगड़ा और स्वास्थ्य विभाग की ओर शिकंजा कसा गया तो कुछ दिन तक शांत रहा। बाद में तमकुहीरोड कस्बे में रेहान टेस्ट सेंटर के नाम से आफिस खोलकर बेरोजगार युवकों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने लगा। इसका नेटवर्क पूर्वांचल के अलावा बिहार में भी फैला है।
इसके पूर्व भी झोलाछाप पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। स्थानीय पुलिस से सेटिंग होने के कारण वह बच निकलता है। इस मामले में भी एक सप्ताह से सेवरही पुलिस बेरोजगारों को केस दर्ज करने के लिए दौड़ा रही थी। मंगलवार को एसपी के पास जब बेरोजगार पहुंचे तो देर शाम को सेवरही पुलिस ने आनन-फानन में केस दर्ज किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद से आरोपी भूमिगत हो गए हैं। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी सगे भाई संतोष सिंह व ब्रजेश सिंह, हाटा कोतवाली थाना क्षेत्र के डुमरी मलाव निवासी सूरज सिंह, लालीपार निवासी आदेश सिंह, प्रिंस सिंह, सुबोध मल्ल, अमित शर्मा, रुपेश सिंह, गोरखपुर के कैम्पीयर गंज थाना क्षेत्र के सोनौरा बुजुर्ग निवासी राजेश साहनी, संदीप साहनी आदि ने बताया कि ठगी का आरोपी बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के दरोगाडीह रामपुर बरहन निवासी डॉ. वाजिद अली रेहान टेस्ट सेंटर खोला था।
इसके साथ देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के पैना गांव निवासी मुन्ना निषाद, फतेहपुर वैरिया घाट निवासी नरसिंह निषाद संचालक बरवापट्टी थाना क्षेत्र के दरोगाडीह (रामपुर बरहन) निवासी डॉ. वाजीद अली देवरिया जिले के पैना निवासी मुन्ना निषाद, व फतेहपुर वैरिया घाट निवासी नरसिंह निषाद के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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बुधवार को विवेचक जिस मकान में विदेश भेजने के लिए ऑफिस खोला गया था। उस दो मंजिल मकान को चिन्हित किया और नक्शा बनाया। आस-पास के लोगों ने बताया कि डॉ. वाजिद यहां आफिस खोलकर विदेश भेजने का काम करता था। हर रोज युवकों की यहां पर भीड़ लगती थी। इस समय मकान से बोर्ड हटा लिया गया है। बेरोजगार युवकों ने बताया कि ठगी का जाल डॉ. वाजिद अली सेवरही के अलावे फाजिलनगर,कसया, देवरिया, गोरखपुर व बिहार प्रांत के कई जिलों में फैलाया है। देवरिया का रहने वाला नरसिंह सिंह अपना नाम बताता था। उसके कार के नंबर से ट्रेस किया गया तो उसका नाम नरसिंह निषाद था। ठगी के खेल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर कुछ रसूखदार लोग भी शामिल हैं जो पुलिस तक पहुंचने वाले मामलों में बचाव करते हैं। पुलिस अब केस दर्ज कर तेजी से तलाश में जुटी है। सेवरही थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपी डॉ. वाजिद के घर पुलिस भेजी गई थी, वह घर पर नहीं मिला।
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इसके पूर्व भी झोलाछाप पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है। स्थानीय पुलिस से सेटिंग होने के कारण वह बच निकलता है। इस मामले में भी एक सप्ताह से सेवरही पुलिस बेरोजगारों को केस दर्ज करने के लिए दौड़ा रही थी। मंगलवार को एसपी के पास जब बेरोजगार पहुंचे तो देर शाम को सेवरही पुलिस ने आनन-फानन में केस दर्ज किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद से आरोपी भूमिगत हो गए हैं। कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी सगे भाई संतोष सिंह व ब्रजेश सिंह, हाटा कोतवाली थाना क्षेत्र के डुमरी मलाव निवासी सूरज सिंह, लालीपार निवासी आदेश सिंह, प्रिंस सिंह, सुबोध मल्ल, अमित शर्मा, रुपेश सिंह, गोरखपुर के कैम्पीयर गंज थाना क्षेत्र के सोनौरा बुजुर्ग निवासी राजेश साहनी, संदीप साहनी आदि ने बताया कि ठगी का आरोपी बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के दरोगाडीह रामपुर बरहन निवासी डॉ. वाजिद अली रेहान टेस्ट सेंटर खोला था।
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इसके साथ देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के पैना गांव निवासी मुन्ना निषाद, फतेहपुर वैरिया घाट निवासी नरसिंह निषाद संचालक बरवापट्टी थाना क्षेत्र के दरोगाडीह (रामपुर बरहन) निवासी डॉ. वाजीद अली देवरिया जिले के पैना निवासी मुन्ना निषाद, व फतेहपुर वैरिया घाट निवासी नरसिंह निषाद के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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बुधवार को विवेचक जिस मकान में विदेश भेजने के लिए ऑफिस खोला गया था। उस दो मंजिल मकान को चिन्हित किया और नक्शा बनाया। आस-पास के लोगों ने बताया कि डॉ. वाजिद यहां आफिस खोलकर विदेश भेजने का काम करता था। हर रोज युवकों की यहां पर भीड़ लगती थी। इस समय मकान से बोर्ड हटा लिया गया है। बेरोजगार युवकों ने बताया कि ठगी का जाल डॉ. वाजिद अली सेवरही के अलावे फाजिलनगर,कसया, देवरिया, गोरखपुर व बिहार प्रांत के कई जिलों में फैलाया है। देवरिया का रहने वाला नरसिंह सिंह अपना नाम बताता था। उसके कार के नंबर से ट्रेस किया गया तो उसका नाम नरसिंह निषाद था। ठगी के खेल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर कुछ रसूखदार लोग भी शामिल हैं जो पुलिस तक पहुंचने वाले मामलों में बचाव करते हैं। पुलिस अब केस दर्ज कर तेजी से तलाश में जुटी है। सेवरही थानाध्यक्ष धीरेंद्र राय ने बताया कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपी डॉ. वाजिद के घर पुलिस भेजी गई थी, वह घर पर नहीं मिला।