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हत्यारोपी को जेल भेजा गया
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:40 PM IST
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खड्डा। थानाक्षेत्र के बसंतपुर गांव के पास दो दिसंबर को गंडक किनारे अमरनाथ की लाश मिली थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मामूली विवाद में सिर पर्र इंट मारकर अमरनाथ की हत्या की थी।
महराजगंज जिले के सोहगीबरवा निवासी अमरनाथ पुत्र श्रवण भगत एक दिसंबर को मछली मारने के लिए साइकिल से गांव के ही एक युवक के साथ निकले थे। देर शाम तक जब वह घर वापस नहीं आए तो परिवार के लोगों ने संभावित जगहों पर तलाश की। दो दिसंबर को सुबह से ही परिवार के लोग फिर अमरनाथ की तलाश में जुट गए।
इस बीच किसी ने बताया कि अमरनाथ अपने गांव के ही एक युवक रामायण के साथ कुशीनगर जिले के बसंतपुर गांव की तरफ गए थे। तब परिवार के लोग और कुछ अन्य लोग खोजते हुए बसंतपुर की ओर चल पड़े। तभी किसी की नजर मुख्य गंडक नदी के किनारे कच्ची सड़क पर गिरी पड़ी अमरनाथ की साइकिल पर पड़ी। परिवार के लोगों ने जब खोजबीन की तो करीब 50 मीटर की दूरी पर अमरनाथ का खून से लथपथ शव नदी में दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने पुलिस से हत्या की आशंका जताते हुए खड्डा पुलिस को तहरीर दी थी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले का जांच कर आरोपी रामायण को हिरासत में लिया। एसआई अछैवर यादव ने कहा कि रामायण ने अपराध स्वीकार किया है। एसआई के अनुसार सोहगीबरवा गांव निवासी आरोपी रामायण ने पूछताछ में बताया कि जाल और मछली मारने के विवाद में उसने अमरनाथ के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। बेहोशी की हालत में उसे नदी में फेंक दिया ताकि लोग समझें कि वह डूब कर मरा है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया है।
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महराजगंज जिले के सोहगीबरवा निवासी अमरनाथ पुत्र श्रवण भगत एक दिसंबर को मछली मारने के लिए साइकिल से गांव के ही एक युवक के साथ निकले थे। देर शाम तक जब वह घर वापस नहीं आए तो परिवार के लोगों ने संभावित जगहों पर तलाश की। दो दिसंबर को सुबह से ही परिवार के लोग फिर अमरनाथ की तलाश में जुट गए।
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इस बीच किसी ने बताया कि अमरनाथ अपने गांव के ही एक युवक रामायण के साथ कुशीनगर जिले के बसंतपुर गांव की तरफ गए थे। तब परिवार के लोग और कुछ अन्य लोग खोजते हुए बसंतपुर की ओर चल पड़े। तभी किसी की नजर मुख्य गंडक नदी के किनारे कच्ची सड़क पर गिरी पड़ी अमरनाथ की साइकिल पर पड़ी। परिवार के लोगों ने जब खोजबीन की तो करीब 50 मीटर की दूरी पर अमरनाथ का खून से लथपथ शव नदी में दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने पुलिस से हत्या की आशंका जताते हुए खड्डा पुलिस को तहरीर दी थी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने मामले का जांच कर आरोपी रामायण को हिरासत में लिया। एसआई अछैवर यादव ने कहा कि रामायण ने अपराध स्वीकार किया है। एसआई के अनुसार सोहगीबरवा गांव निवासी आरोपी रामायण ने पूछताछ में बताया कि जाल और मछली मारने के विवाद में उसने अमरनाथ के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। बेहोशी की हालत में उसे नदी में फेंक दिया ताकि लोग समझें कि वह डूब कर मरा है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया है।