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तौल केंद्र पर गन्ना किसानों का हंगामा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:45 PM IST
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कोटवा बाजार। अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की पर्ची पर सभी तरह के गन्ने की तौल कराए जाने से नाराज किसानों ने बृहस्पतिवार को बिहारी छपरा के तौल केंद्र पर हंगामा कर दिया। किसानों की मांग थी कि जिस प्रकार के गन्ना की पर्ची है, उस पर उसी प्रजाति के गन्ना की तौल कराई जाए।
किसानों ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि उन्हें गन्ना देने के लिए विवश किया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। महराजगंज जिले की सहकारी गन्ना विकास समिति घुघली क्षेत्र के बिहारी छपरा, बगलहा, कौवासार, परसिया और सिरसिया सागर का गन्ना कप्तानगंज चीनी मिल को मिल को आवंटित है।
कप्तानगंज चीनी मिल की तरफ से बिहारी छपरा में तौल केंद्र स्थापित कर गन्ना खरीदा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सभी प्रकार के गन्ना के लिए उन्हें अस्वीकृत प्रजाति के गन्ना की पर्ची दे दी गई है। किसानों से उन्हीं पर्चियों पर गन्ना तौलवाने के लिए विवश किया जा रहा है।
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जबकि अधिकतर किसानों के पास सामान्य और अगेती प्रजाति का गन्ना है। बृहस्पतिवार को तौल केंद्र पर गन्ना लेकर पहुंचे किसान विजय मिश्रा, केश्वर यादव, अवधेश पांडेय, नरेश कुशवाहा, त्रिलोकी दुबे, छोटाई गुप्ता और गौरी आदि हंगामा करने लगे। किसानों का कहना था कि उनका गन्ना सामान्य प्रजाति का है, लेकिन उसे अस्वीकृत प्रजाति की पर्ची पर तौलवाने के लिए विवश किया जा रहा है।
उन किसानों ने मिल प्रबंधन और तौल केंद्र से कर्मियों को चेताया कि यदि दो दिन के अंदर गन्ना की प्रजाति के अनुसार टिकट देकर तौल नहीं की गई तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हाेंगे।
इस संबंध में मिल के गन्ना प्रबंधक डीडी पांडेय का कहना था कि गन्ना का सर्वे समिति की ओर से किया गया था। यदि ऐसी समस्या है तो किसान पत्र देकर अवगत करा दें। मिल उस क्षेत्र का सर्वे कराकर तत्काल सुधार कराएगी।
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किसानों ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि उन्हें गन्ना देने के लिए विवश किया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। महराजगंज जिले की सहकारी गन्ना विकास समिति घुघली क्षेत्र के बिहारी छपरा, बगलहा, कौवासार, परसिया और सिरसिया सागर का गन्ना कप्तानगंज चीनी मिल को मिल को आवंटित है।
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कप्तानगंज चीनी मिल की तरफ से बिहारी छपरा में तौल केंद्र स्थापित कर गन्ना खरीदा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सभी प्रकार के गन्ना के लिए उन्हें अस्वीकृत प्रजाति के गन्ना की पर्ची दे दी गई है। किसानों से उन्हीं पर्चियों पर गन्ना तौलवाने के लिए विवश किया जा रहा है।
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जबकि अधिकतर किसानों के पास सामान्य और अगेती प्रजाति का गन्ना है। बृहस्पतिवार को तौल केंद्र पर गन्ना लेकर पहुंचे किसान विजय मिश्रा, केश्वर यादव, अवधेश पांडेय, नरेश कुशवाहा, त्रिलोकी दुबे, छोटाई गुप्ता और गौरी आदि हंगामा करने लगे। किसानों का कहना था कि उनका गन्ना सामान्य प्रजाति का है, लेकिन उसे अस्वीकृत प्रजाति की पर्ची पर तौलवाने के लिए विवश किया जा रहा है।
उन किसानों ने मिल प्रबंधन और तौल केंद्र से कर्मियों को चेताया कि यदि दो दिन के अंदर गन्ना की प्रजाति के अनुसार टिकट देकर तौल नहीं की गई तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हाेंगे।
इस संबंध में मिल के गन्ना प्रबंधक डीडी पांडेय का कहना था कि गन्ना का सर्वे समिति की ओर से किया गया था। यदि ऐसी समस्या है तो किसान पत्र देकर अवगत करा दें। मिल उस क्षेत्र का सर्वे कराकर तत्काल सुधार कराएगी।