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Kushinagar News: पडरौना के सुभाष चौक स्थित निर्बल आवासीय कॉलोनी में हर साल जलभराव से जूझते हैं लोग
Tue, 23 May 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 23 May 2023 12:22 AM IST
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समय रहते नहीं हुआ प्रबंध तो इस बार भी जूझेंगे जलभराव की समस्या से
फोटो है।
- पडरौना के गुदरी बाजार और जमालपुर जाने वाले मार्ग पर भर जाता है बरसात का पानी
- बिजली घर, ब्लॉक परिसर और गंडक कॉलोनी भी हो जाती है जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के सुभाष चौक स्थित निर्बल आवासीय कॉलोनी सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां बरसात में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लोगों का घरों और दुकानों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। वजह कि यह लो लैंड वाली जगह है। इस कॉलोनी में बरसात में पानी भर जाता है। ऐसे में लोगों का घरों और दुकानों से बाहर निकलना और अंदर जाना मुश्किल हो जाता है।
इसी तरह बेलवा चुंगी के निकट से जमालपुर जाने वाले मार्ग पर भी बरसात में जलभराव हो जाता है। शहर के गुदरी बाजार में जाने वाली सड़क भी बरसात में जलमग्न हो जाती है, जिससे बाजार करने के लिए आने वाले लोगों और स्थानीय बाशिंदों व दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्लॉक और बिजली घर परिसर भी जलमग्न हो जाता है। लोगों को वहां जाने में कठिनाई होती है। यह समस्या हर साल रहती है, लेकिन जिम्मेदार उसका समाधान नहीं कराते हैं।
पडरौना शहर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था का इंतजाम न होने का खामियाजा शहर के लोगों को बरसात में भुगतना पड़ता है। शहर के सुभाष चौक के बगल में स्थित निर्बल आवासीय कॉलोनी में 60 से अधिक परिवार निवास करते हैं, लेकिन यहां नालियों के ऊपर लोगों ने घर बना रखे हैं। नालियों की सफाई नहीं होती है।
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बरसात के दिनों में इस कॉलोनी में घुटने भर पानी भर जाता है। जलभराव के बीच लोगों को रहना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। इस बार भी लोग बरसात में होने वाली समस्या को लेकर चिंतित हैं।
इसके अलावा बाढ़खंड की गंडक कॉलोनी, ब्लॉक और हाइडिल परिसर में भी जलभराव से निजात दिलाने के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इसके अलावा शहर के गुदरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में भी आने वाले लोग तथा बाजारवासी चार महीने कीचड़ से परेशान रहते हैं।
निर्बल आवासीय कॉलोनी का हाल बुरा
इस गर्मी में कॉलोनी की सड़कें सूखी हुईं हैं, लेकिन बरसात में इस कॉलोनी में कदम रखना भी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि लो लैंड होने के कारण इसमें पानी भर जाता है। दुकानदार और यहां के बाशिंदों के घर व दुकानें काफी नीचे हो गई हैं। बरसात में घुटने तक पानी भर जाता है। घरों और दुकानों में रखे सामान बरसात के पानी से बचाने के लिए लोगों ने चौखट को एक फीट ऊंचाई तक ईंट से ऊंचा कर रखा है, ताकि बरसात का पानी अंदर प्रवेश न करने पाए। इस कॉलोनी में बसपा का जिला कार्यालय है। इसके अलावा बिजली मैकेनिक, कंप्यूटर की दुकान, एक्सरे सेंटर सहित अन्य दुकानें हैं। इसके अलावा यहां निजी मकान तो हैं ही, लोग किराए पर भी कमरे लेकर रहते हैं। बरसात में सभी को दुर्दशा का सामना करना पड़ता है।
बरसात में जलमग्न जाती है जमालपुर जाने वाली सड़क
पडरौना शहर के बेलवा चुंगी के निकट से एक सड़क जमालपुर मोहल्ले में जाती है। लोगों का कहना है कि जलभराव यहां की प्रमुख समस्या है। नाले चोक हैं। न तो नालों की सफाई होती है और न ही मोहल्ले की नालियों की। इस वजह से पानी बह नहीं पाता है। बरसात में स्थिति काफी चिंताजनक हो जाती है। बारिश अधिक होने पर पानी निकल नहीं पाता और कई दिनों तक सड़क पर ही जमा रहता है। इस वजह से लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर रहता है। यहां के लोगों ने नगरपालिका परिषद से अबकी बार समय रहते जलभराव से बचाव का समुचित इंतजाम कर लेने की मांग की है।
गुदरी बाजार जाने वाली सड़क पर भर जाता है पानी
तिलक चौक से आगे गुदरी बाजार जाने वाली सड़क पर भी पिछले साल बरसात का पानी भर गया था। नतीजा यह हुआ था कि आलू मंडी के रास्ते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई थी। दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर रखे थे। इसके अलावा गुदरी बाजार में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है, जो बरसात में और विकराल रूप धारण कर लेती है। दुकानदार सड़क पर अपनी दुकानें लगाते हैं। सब्जियों के अवशेष सड़क पर ही फेंक देते हैं। बरसात में पूरी सड़क ही कीचड़ में सन जाती है। नतीजतन फिसलन और गंदगी के चलते लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है।
सरकारी दफ्तर और कॉलोनियों के परिसर में भर जाता है पानी
शहर के कठकुइयां रोड पर जलनिकासी का प्रबंध नहीं है। बरसात में कठकुइयां मोड़ से खिरिया टोला तक सड़क पर करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। इसके चलते बरसात का पानी सड़क के किनारे स्थित ब्लॉक कार्यालय परिसर और उसके सामने स्थित बिजली घर परिसर में भी भर जाता है। नतीजा यह होता है कि इन दोनों विभागों में अपनी जरूरतों से आए लोगों को काफी कठिनाई झेलकर कार्यालयों में जाना पड़ता है। थोड़ी सी असावधानी होने पर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोट भी लग जाती है। क्योंकि बिजली घर परिसर में सड़क के किनारे ही ट्रांसफाॅर्मर वर्कशॉप भी है, जिसकी मरम्मत के कारण तेल सड़क पर फैला रहता है। इसी सड़क के किनारे बाढ़खंड के एक्सईएन और अन्य अभियंताओं का कार्यालय तथा उनका आवास भी है। कॉलोनी के बाहर दुकानें हैं, जहां बरसात के समय जलभराव हो जाने पर आने-जाने में दिक्कतें होती हैं। सड़क के किनारे स्थित नाला अभी से मिट्टी से भरा हुआ है।
जलभराव पर परिचर्चा
निर्बल आवासीय कॉलोनी में कई वर्षों से दुकान किए हैं। यहां बिजली मैकेनिक का काम करते हैं। दुकान काफी नीचे है। इस कारण चौखट पर ईंट से बैरियर बना दिए हैं। क्योंकि बरसात में यहां घुटने तक पानी भर जाता है।
-नीशू अस्थाना
निर्बल आवासीय कॉलोनी में हमारी कंप्यूटर की दुकान है। नए कंप्यूटर खरीदने या मेंटीनेंस सहित स्पेयर आदि खरीदने के लिए ग्राहक आते हैं। अभी तो ठीक है, लेकिन बरसात में बड़ी नारकीय स्थिति हो जाती है।
-अनिल यादव
गंडक विभाग में यहां कार्यरत हैं। अमीन के पद पर कार्यरत हैं। बरसात में सड़क और कॉलोनी का पानी भर जाता है। इससे कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में थोड़ी असुविधा होती है। हालांकि, कुछ देर में पानी बहकर निकल जाता है।
-मनोज कुमार
गंडक कॉलोनी के बाहर सड़क के किनारे हमारी चाय-पान की दुकान है। विभाग के कर्मचारियों के अलावा अन्य ग्राहक भी आते हैं। दुकान के सामने नाला है, जो साफ नहीं होता है। मिट्टी से भर गया है। बरसात में दुकान में पानी चला आता है।
-लालमुनि
कोट
शहर में जलभराव की समस्या को लेकर नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। इस बरसात में पहले जैसे समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। साइफन और सभी नालों की समय रहते सफाई कराई जाएगी।
-विनय जायसवाल, नवनिर्वाचित चेयरमैन, नगरपालिका परिषद पडरौना
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फोटो है।
- पडरौना के गुदरी बाजार और जमालपुर जाने वाले मार्ग पर भर जाता है बरसात का पानी
- बिजली घर, ब्लॉक परिसर और गंडक कॉलोनी भी हो जाती है जलमग्न
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर के सुभाष चौक स्थित निर्बल आवासीय कॉलोनी सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां बरसात में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लोगों का घरों और दुकानों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। वजह कि यह लो लैंड वाली जगह है। इस कॉलोनी में बरसात में पानी भर जाता है। ऐसे में लोगों का घरों और दुकानों से बाहर निकलना और अंदर जाना मुश्किल हो जाता है।
इसी तरह बेलवा चुंगी के निकट से जमालपुर जाने वाले मार्ग पर भी बरसात में जलभराव हो जाता है। शहर के गुदरी बाजार में जाने वाली सड़क भी बरसात में जलमग्न हो जाती है, जिससे बाजार करने के लिए आने वाले लोगों और स्थानीय बाशिंदों व दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्लॉक और बिजली घर परिसर भी जलमग्न हो जाता है। लोगों को वहां जाने में कठिनाई होती है। यह समस्या हर साल रहती है, लेकिन जिम्मेदार उसका समाधान नहीं कराते हैं।
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पडरौना शहर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था का इंतजाम न होने का खामियाजा शहर के लोगों को बरसात में भुगतना पड़ता है। शहर के सुभाष चौक के बगल में स्थित निर्बल आवासीय कॉलोनी में 60 से अधिक परिवार निवास करते हैं, लेकिन यहां नालियों के ऊपर लोगों ने घर बना रखे हैं। नालियों की सफाई नहीं होती है।
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बरसात के दिनों में इस कॉलोनी में घुटने भर पानी भर जाता है। जलभराव के बीच लोगों को रहना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। इस बार भी लोग बरसात में होने वाली समस्या को लेकर चिंतित हैं।
इसके अलावा बाढ़खंड की गंडक कॉलोनी, ब्लॉक और हाइडिल परिसर में भी जलभराव से निजात दिलाने के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इसके अलावा शहर के गुदरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में भी आने वाले लोग तथा बाजारवासी चार महीने कीचड़ से परेशान रहते हैं।
निर्बल आवासीय कॉलोनी का हाल बुरा
इस गर्मी में कॉलोनी की सड़कें सूखी हुईं हैं, लेकिन बरसात में इस कॉलोनी में कदम रखना भी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि लो लैंड होने के कारण इसमें पानी भर जाता है। दुकानदार और यहां के बाशिंदों के घर व दुकानें काफी नीचे हो गई हैं। बरसात में घुटने तक पानी भर जाता है। घरों और दुकानों में रखे सामान बरसात के पानी से बचाने के लिए लोगों ने चौखट को एक फीट ऊंचाई तक ईंट से ऊंचा कर रखा है, ताकि बरसात का पानी अंदर प्रवेश न करने पाए। इस कॉलोनी में बसपा का जिला कार्यालय है। इसके अलावा बिजली मैकेनिक, कंप्यूटर की दुकान, एक्सरे सेंटर सहित अन्य दुकानें हैं। इसके अलावा यहां निजी मकान तो हैं ही, लोग किराए पर भी कमरे लेकर रहते हैं। बरसात में सभी को दुर्दशा का सामना करना पड़ता है।
बरसात में जलमग्न जाती है जमालपुर जाने वाली सड़क
पडरौना शहर के बेलवा चुंगी के निकट से एक सड़क जमालपुर मोहल्ले में जाती है। लोगों का कहना है कि जलभराव यहां की प्रमुख समस्या है। नाले चोक हैं। न तो नालों की सफाई होती है और न ही मोहल्ले की नालियों की। इस वजह से पानी बह नहीं पाता है। बरसात में स्थिति काफी चिंताजनक हो जाती है। बारिश अधिक होने पर पानी निकल नहीं पाता और कई दिनों तक सड़क पर ही जमा रहता है। इस वजह से लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर रहता है। यहां के लोगों ने नगरपालिका परिषद से अबकी बार समय रहते जलभराव से बचाव का समुचित इंतजाम कर लेने की मांग की है।
गुदरी बाजार जाने वाली सड़क पर भर जाता है पानी
तिलक चौक से आगे गुदरी बाजार जाने वाली सड़क पर भी पिछले साल बरसात का पानी भर गया था। नतीजा यह हुआ था कि आलू मंडी के रास्ते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई थी। दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर रखे थे। इसके अलावा गुदरी बाजार में अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है, जो बरसात में और विकराल रूप धारण कर लेती है। दुकानदार सड़क पर अपनी दुकानें लगाते हैं। सब्जियों के अवशेष सड़क पर ही फेंक देते हैं। बरसात में पूरी सड़क ही कीचड़ में सन जाती है। नतीजतन फिसलन और गंदगी के चलते लोगों को आने जाने में काफी परेशानी होती है।
सरकारी दफ्तर और कॉलोनियों के परिसर में भर जाता है पानी
शहर के कठकुइयां रोड पर जलनिकासी का प्रबंध नहीं है। बरसात में कठकुइयां मोड़ से खिरिया टोला तक सड़क पर करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। इसके चलते बरसात का पानी सड़क के किनारे स्थित ब्लॉक कार्यालय परिसर और उसके सामने स्थित बिजली घर परिसर में भी भर जाता है। नतीजा यह होता है कि इन दोनों विभागों में अपनी जरूरतों से आए लोगों को काफी कठिनाई झेलकर कार्यालयों में जाना पड़ता है। थोड़ी सी असावधानी होने पर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोट भी लग जाती है। क्योंकि बिजली घर परिसर में सड़क के किनारे ही ट्रांसफाॅर्मर वर्कशॉप भी है, जिसकी मरम्मत के कारण तेल सड़क पर फैला रहता है। इसी सड़क के किनारे बाढ़खंड के एक्सईएन और अन्य अभियंताओं का कार्यालय तथा उनका आवास भी है। कॉलोनी के बाहर दुकानें हैं, जहां बरसात के समय जलभराव हो जाने पर आने-जाने में दिक्कतें होती हैं। सड़क के किनारे स्थित नाला अभी से मिट्टी से भरा हुआ है।
जलभराव पर परिचर्चा
निर्बल आवासीय कॉलोनी में कई वर्षों से दुकान किए हैं। यहां बिजली मैकेनिक का काम करते हैं। दुकान काफी नीचे है। इस कारण चौखट पर ईंट से बैरियर बना दिए हैं। क्योंकि बरसात में यहां घुटने तक पानी भर जाता है।
-नीशू अस्थाना
निर्बल आवासीय कॉलोनी में हमारी कंप्यूटर की दुकान है। नए कंप्यूटर खरीदने या मेंटीनेंस सहित स्पेयर आदि खरीदने के लिए ग्राहक आते हैं। अभी तो ठीक है, लेकिन बरसात में बड़ी नारकीय स्थिति हो जाती है।
-अनिल यादव
गंडक विभाग में यहां कार्यरत हैं। अमीन के पद पर कार्यरत हैं। बरसात में सड़क और कॉलोनी का पानी भर जाता है। इससे कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में थोड़ी असुविधा होती है। हालांकि, कुछ देर में पानी बहकर निकल जाता है।
-मनोज कुमार
गंडक कॉलोनी के बाहर सड़क के किनारे हमारी चाय-पान की दुकान है। विभाग के कर्मचारियों के अलावा अन्य ग्राहक भी आते हैं। दुकान के सामने नाला है, जो साफ नहीं होता है। मिट्टी से भर गया है। बरसात में दुकान में पानी चला आता है।
-लालमुनि
कोट
शहर में जलभराव की समस्या को लेकर नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। इस बरसात में पहले जैसे समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। साइफन और सभी नालों की समय रहते सफाई कराई जाएगी।
-विनय जायसवाल, नवनिर्वाचित चेयरमैन, नगरपालिका परिषद पडरौना