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Kushinagar News: मानसून से पहले नहीं सुधरी दशा तो जलभराव से जूझेंगे मोहल्लेवासी
Sun, 21 May 2023 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 21 May 2023 12:16 AM IST
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पडरौना नगर के ओंकार वाटिका कॉलोनी में बरसात आते ही भर जाता है सड़क पर पानी।संवाद
बरसात में घुटने भर लगता है सड़क पर पानी
फोटो है।
वीर अब्दुल हमीदनगर स्थित घरों में घुस जाता है नालियों और सड़कों का गंदा पानी
कन्हैया टॉकीज रोड से बरसात के दिनों में गुजरना भी हो जाता है मुश्किल ओंकारवाटिका कॉलोनी में भी निचले हिस्सों में जलभराव से जूझते हैं मोहल्लेवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मानसून आने में अब एक महीना से भी कम समय है, लेकिन बरसात के दिनों में शहर के जलभराव वाले मोहल्लों में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कारगर प्रयास शुरू नहीं हो पाया है। नाले जाम हैं। वहां न तो नालों की सफाई शुरू हो पाई है और न नालियों की नियमित सफाई हो पा रही है। ऐसे में इन मोहल्लों के लोग अबकी बारिश्स में एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझने की आशंका से चिंतित हैं।
यह स्थिति पडरौना शहर के वीर अब्दुल हमीद नगर (खिरिया टोला), ओंकार वाटिका कॉलोनी के लो लैंडवाले हिस्से और कन्हैया टॉकीज रोड के आसपास रहने वाले मोहल्लेवासियों और व्यवसायियों की है। इन स्थानों पर गड्ढायुक्त सड़कें ही बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या बयां कर रही हैं।
यहां के लोगों ने नवनिर्वाचित चेयरमैन और सभासदों से गुजारिश की है कि बरसात से पहले नालों की सफाई सहित ऐसी व्यवस्था कर दी जाए कि उन्हें हर बार की तरह इस बार जलभराव के संकट से जूझना न पड़े।
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वीर अब्दुल हमीद नगर के लोगों के घरों में घुस जाता है बरसात का पानी
पडरौना शहर के कठकुइयां रोड के किनारे स्थित वीर अब्दुल हमीद नगर के लोगों के लिए जलभराव प्रमुख समस्या है। सड़क जब नीची और क्षतिग्रस्त थी तो गड्ढों की वजह से आना-जाना मुश्किल था, लेकिन सड़क बनने के बाद ऊंची हुई तो बरसात में परेशानी बढ़ गई है। इस मोहल्ले के लोग बताते हैं कि इस मोहल्ले से लगने वाले सभी नाले बंद हो गए हैं। उनकी सफाई नहीं होती। लोगों ने वहां अतिक्रमण कर लिया है। इस वजह से बरसात का पानी निकल नहीं पाता और सड़क के किनारे तथा उनके घरों में घुस जाता है। यह स्थिति ज्यादातर परिवारों के सामने आती है। जब तक बरसात बीत नहीं जाता, तब तक दिन का सुकून और रातों की नींद गायब रहती है। यह समस्या साल दर साल बनी हुई है।
सड़क पर भर जाता है एक फीट पानी, पैर टूटने का रहता है डर
पडरौना शहर के लाजपत नगर, कन्हैया टॉकीज रोड और रामलीला मैदान के अंतर्गत आने वाले घरों और सड़कों की हालत भी बरसात में बदसूरत हो जाती है। इन सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां के लोग बताते हैं कि बरसात के दिनों में कन्हैया टॉकीज रोड व अन्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भरा होता है। इस वजह से सड़क में गड्ढे और सीवरेज के खुले अथवा क्षतिग्रस्त ढक्कनों का पता नहीं चलता। साइकिल, बाइक सवार हों या पैदल, इस रास्ते गुजरते समय गिरकर चोटिल हो जाते हैं। पैर टूटने का डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि नालियों पर अतिक्रमण और सफाई न होने के कारण बरसात का पानी जल्दी निकल नहीं पाता है। यदि बारिश ज्यादा हो गई तो जलभराव दो-तीन दिन तक रहता है।
ओंकारवाटिका कॉलोनी के लो लैंडवाले हिस्से में भी जलभराव
पडरौना की ओंकारवाटिका कॉलोनी पॉश कॉलोनियों में गिनी जाती है। अधिकतर सड़कें नगरपालिका ने बनवा दी हैं। सड़कें ऊंची हो गई हैं, लेकिन जो लो लैंड वाले हिस्से हैं, वहां जलभराव की समस्या पूरे बरसात रहती है। ओंकारवाटिका कॉलोनी के लोगों ने बताया कि इस मोहल्ले से भूतनाथ कॉलोनी में जाने वाली सड़क जलभराव के चलते टूट गई है। इसमें जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात में जलभराव के दौरान उधर से गुजरना खतरनाक होता है। इसके अलावा इस मोहल्ले में अन्य निचले स्थानों पर भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस मोहल्ले में कई बड़े खाली प्लॉट हैं, जहां सामान्य दिनों में जलभराव रहता है। बरसात में तो स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। बरसात का पानी खाली प्लॉट से निकलकर सड़कों पर बहने लगता है।
परिचर्चा-बोले मोहल्लेवासी
ओंकारवाटिका कॉलोनी के निचले हिस्से में जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं है। नालियां सफाई के अभाव में मिट्टी व झाड़ियों से भर गई हैं। इसलिए पानी निकल नहीं पाता है। बरसात में खाली प्लॉटों में भरा पानी भी सड़क पर बहने लगता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है।
-चंद्रिका यादव, ओंकारवाटिका
वीर अब्दुल हमीद नगर मोहल्ले में जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इस मोहल्ले के अगल-बगल जितने भी नाले थे लोगों ने अतिक्रमण कर भर दिया है। इसलिए बरसात का पानी नहीं निकल पाता है। सड़कें ऊंची हैं और घर नीचे हो गए हैं। इसके चलते बरसात और नालियों का पानी घरों में चला जाता है। बरसात में घुटने तक पानी घरों में भर जाता है। बड़ी मुश्किल से बरसात के दिन कटते हैं।
-मोहम्मद फारुक, वीर अब्दुल हमीद नगर
पडरौना का कन्हैया टॉकीज रोड, लाजपत नगर और रामलीला मैदान बरसात में जाने लायक नहीं रह जाता। नालियों प लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे उनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती। सड़कें गड्ढे में तब्दील हैं। बरसात में अधिक बारिश होने पर पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। उस पर एक फीट तक पानी भर जाता है। गंदे पानी के रास्ते न दुकानदार जाने की हिम्मत जुटा पाते हैं और न ग्राहक।
-राहुल, व्यवसायी, कन्हैया टॉकीज रोड
बरसात में लाजपत नगर मोहल्ले की स्थिति बड़ी ही खराब हो जाती है। इस मोहल्ले में बहुत से पुराने घर हैं। सड़कों पर एकत्र बारिश का पानी लोगों के घरों में भर जाता है। इसके चलते पूरा दिन लोगों को अपने घरों से पानी निकालने में ही गुजर जाता है।
-संजय गुप्ता, व्यवसायी, लाजपत नगर
कोट
पडरौना शहर में इस बार उन सभी हिस्सों में जलभराव से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां पूर्व के वर्षों में लोग बरसात में इस समस्या से जूझते रहे हैं। इसके लिए पोकलेन मंगाई जा रही है। साइफन और बड़े नाले साफ कराए जाएंगे। ताकि बरसात में शहर का पानी आसानी से निकल जाए।
-विनय जायसवाल, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद, पडरौना।
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फोटो है।
वीर अब्दुल हमीदनगर स्थित घरों में घुस जाता है नालियों और सड़कों का गंदा पानी
कन्हैया टॉकीज रोड से बरसात के दिनों में गुजरना भी हो जाता है मुश्किल ओंकारवाटिका कॉलोनी में भी निचले हिस्सों में जलभराव से जूझते हैं मोहल्लेवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मानसून आने में अब एक महीना से भी कम समय है, लेकिन बरसात के दिनों में शहर के जलभराव वाले मोहल्लों में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कारगर प्रयास शुरू नहीं हो पाया है। नाले जाम हैं। वहां न तो नालों की सफाई शुरू हो पाई है और न नालियों की नियमित सफाई हो पा रही है। ऐसे में इन मोहल्लों के लोग अबकी बारिश्स में एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझने की आशंका से चिंतित हैं।
यह स्थिति पडरौना शहर के वीर अब्दुल हमीद नगर (खिरिया टोला), ओंकार वाटिका कॉलोनी के लो लैंडवाले हिस्से और कन्हैया टॉकीज रोड के आसपास रहने वाले मोहल्लेवासियों और व्यवसायियों की है। इन स्थानों पर गड्ढायुक्त सड़कें ही बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या बयां कर रही हैं।
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यहां के लोगों ने नवनिर्वाचित चेयरमैन और सभासदों से गुजारिश की है कि बरसात से पहले नालों की सफाई सहित ऐसी व्यवस्था कर दी जाए कि उन्हें हर बार की तरह इस बार जलभराव के संकट से जूझना न पड़े।
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वीर अब्दुल हमीद नगर के लोगों के घरों में घुस जाता है बरसात का पानी
पडरौना शहर के कठकुइयां रोड के किनारे स्थित वीर अब्दुल हमीद नगर के लोगों के लिए जलभराव प्रमुख समस्या है। सड़क जब नीची और क्षतिग्रस्त थी तो गड्ढों की वजह से आना-जाना मुश्किल था, लेकिन सड़क बनने के बाद ऊंची हुई तो बरसात में परेशानी बढ़ गई है। इस मोहल्ले के लोग बताते हैं कि इस मोहल्ले से लगने वाले सभी नाले बंद हो गए हैं। उनकी सफाई नहीं होती। लोगों ने वहां अतिक्रमण कर लिया है। इस वजह से बरसात का पानी निकल नहीं पाता और सड़क के किनारे तथा उनके घरों में घुस जाता है। यह स्थिति ज्यादातर परिवारों के सामने आती है। जब तक बरसात बीत नहीं जाता, तब तक दिन का सुकून और रातों की नींद गायब रहती है। यह समस्या साल दर साल बनी हुई है।
सड़क पर भर जाता है एक फीट पानी, पैर टूटने का रहता है डर
पडरौना शहर के लाजपत नगर, कन्हैया टॉकीज रोड और रामलीला मैदान के अंतर्गत आने वाले घरों और सड़कों की हालत भी बरसात में बदसूरत हो जाती है। इन सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां के लोग बताते हैं कि बरसात के दिनों में कन्हैया टॉकीज रोड व अन्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भरा होता है। इस वजह से सड़क में गड्ढे और सीवरेज के खुले अथवा क्षतिग्रस्त ढक्कनों का पता नहीं चलता। साइकिल, बाइक सवार हों या पैदल, इस रास्ते गुजरते समय गिरकर चोटिल हो जाते हैं। पैर टूटने का डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि नालियों पर अतिक्रमण और सफाई न होने के कारण बरसात का पानी जल्दी निकल नहीं पाता है। यदि बारिश ज्यादा हो गई तो जलभराव दो-तीन दिन तक रहता है।
ओंकारवाटिका कॉलोनी के लो लैंडवाले हिस्से में भी जलभराव
पडरौना की ओंकारवाटिका कॉलोनी पॉश कॉलोनियों में गिनी जाती है। अधिकतर सड़कें नगरपालिका ने बनवा दी हैं। सड़कें ऊंची हो गई हैं, लेकिन जो लो लैंड वाले हिस्से हैं, वहां जलभराव की समस्या पूरे बरसात रहती है। ओंकारवाटिका कॉलोनी के लोगों ने बताया कि इस मोहल्ले से भूतनाथ कॉलोनी में जाने वाली सड़क जलभराव के चलते टूट गई है। इसमें जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात में जलभराव के दौरान उधर से गुजरना खतरनाक होता है। इसके अलावा इस मोहल्ले में अन्य निचले स्थानों पर भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस मोहल्ले में कई बड़े खाली प्लॉट हैं, जहां सामान्य दिनों में जलभराव रहता है। बरसात में तो स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। बरसात का पानी खाली प्लॉट से निकलकर सड़कों पर बहने लगता है।
परिचर्चा-बोले मोहल्लेवासी
ओंकारवाटिका कॉलोनी के निचले हिस्से में जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं है। नालियां सफाई के अभाव में मिट्टी व झाड़ियों से भर गई हैं। इसलिए पानी निकल नहीं पाता है। बरसात में खाली प्लॉटों में भरा पानी भी सड़क पर बहने लगता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है।
-चंद्रिका यादव, ओंकारवाटिका
वीर अब्दुल हमीद नगर मोहल्ले में जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इस मोहल्ले के अगल-बगल जितने भी नाले थे लोगों ने अतिक्रमण कर भर दिया है। इसलिए बरसात का पानी नहीं निकल पाता है। सड़कें ऊंची हैं और घर नीचे हो गए हैं। इसके चलते बरसात और नालियों का पानी घरों में चला जाता है। बरसात में घुटने तक पानी घरों में भर जाता है। बड़ी मुश्किल से बरसात के दिन कटते हैं।
-मोहम्मद फारुक, वीर अब्दुल हमीद नगर
पडरौना का कन्हैया टॉकीज रोड, लाजपत नगर और रामलीला मैदान बरसात में जाने लायक नहीं रह जाता। नालियों प लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे उनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती। सड़कें गड्ढे में तब्दील हैं। बरसात में अधिक बारिश होने पर पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। उस पर एक फीट तक पानी भर जाता है। गंदे पानी के रास्ते न दुकानदार जाने की हिम्मत जुटा पाते हैं और न ग्राहक।
-राहुल, व्यवसायी, कन्हैया टॉकीज रोड
बरसात में लाजपत नगर मोहल्ले की स्थिति बड़ी ही खराब हो जाती है। इस मोहल्ले में बहुत से पुराने घर हैं। सड़कों पर एकत्र बारिश का पानी लोगों के घरों में भर जाता है। इसके चलते पूरा दिन लोगों को अपने घरों से पानी निकालने में ही गुजर जाता है।
-संजय गुप्ता, व्यवसायी, लाजपत नगर
कोट
पडरौना शहर में इस बार उन सभी हिस्सों में जलभराव से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां पूर्व के वर्षों में लोग बरसात में इस समस्या से जूझते रहे हैं। इसके लिए पोकलेन मंगाई जा रही है। साइफन और बड़े नाले साफ कराए जाएंगे। ताकि बरसात में शहर का पानी आसानी से निकल जाए।
-विनय जायसवाल, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद, पडरौना।