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Kushinagar News: बढ़ने लगा गंडक नदी का जलस्तर, तटबंधों पर भी दबाव
Wed, 07 Aug 2024 03:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 07 Aug 2024 03:50 AM IST
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तमकुहीरोड/खड्डा। गंडक नदी का डिस्चार्ज सोमवार को एक लाख क्यूसेक से कम हो जाने के बाद एक बार फिर मंगलवार से बढ़ने लगा है। मंगलवार शाम पांच बजे डिस्चार्ज 1.448 लाख क्यूसेक पहुंच गया। इससे गंडक नदी का डिस्चार्ज चेतावनी चेतावनी बिंदु से 44 सेमी ऊपर चला गया। नरवाजोत ठोकर व बांध के साथ अन्य तटबंधों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, विभाग संसाधन के साथ किसी भी खतरे से निपटने को लेकर चौकन्ना है। बांध के किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
गंडक नदी का डिस्चार्ज सोमवार को 81 हजार क्यूसेक आ जाने के बाद मंगलवार से एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। इससे नरवाजोत स्थित किमी 1.700 पर बने ठोकर व बांध के साथ चैनपट्टी, जवही दयाल, विरवट कोन्हवलिया, बाक खाश, बाघा चौर, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला स्थित ठोकरों व तटबंधों पर पानी के दबाव बढ़ने का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है।
पहले गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ने से नरवाजोत में न केवल ठोकर के नोज का एक हिस्सा धंस गया था, बल्कि ठोकर के डाउन व अप स्ट्रीम में दोनों ओर लगभग दो-दो सौ मीटर क्षेत्र में भारी नुकसान भी हुआ था। यही नहीं, कई हेक्टेयर में बोई गई फसल के साथ भवनों और झोपड़ियों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा था।
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अब जब नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि होने लगा है तो लोगों को एक बार फिर खतरे की चिंता सताने लगी है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद संभावित खतरे को लेकर लगातार तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी में लगे हुए हैं और बोल्डर के साथ मिट्टी से भरी बोरियों का स्टॉक कर रखा है, ताकि विपरीत परिस्थिति में उसका इस्तेमाल कर सकें।
गांव के श्रीकांत सिंह, मुन्ना मद्धेशिया, कैलाश सिंह, दुधनाथ शर्मा, उपेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव का सिलसिला अभी आगे भी जारी रहने की संभावना है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेपाल ने छोड़ा 1.44800 लाख क्यूसेक पानी
खड्डा। मंगलवार की सुबह हुई बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। नेपाल में बारिश के चलते वाल्मीकि गंडक बैराज से शाम पांच बजे 1.44800 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंडक नदी का डिस्चार्ज चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से 44 सेंटीमीटर बढ़ गया। हालांकि मंगलवार की सुबह आठ बजे भैंसहा गेज स्थल पर जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर के सापेक्ष 24 सेमी ऊपर 95.24 मीटर पर था। शाम पांच बजे 95.44 मीटर दर्ज किया गया। इसमें अभी कुछ और बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है। करीब एक माह पूर्व गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब साढे चार लाख क्यूसेक पहुंच गया था। इसकी वजह से जलस्तर खतरे के निशान 96.00 मीटर से 22 सेमी ऊपर चली गई थी। नदी में बाढ़ जाने से 35 हजार आबादी प्रभावित हो गई थी।
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गंडक नदी का डिस्चार्ज सोमवार को 81 हजार क्यूसेक आ जाने के बाद मंगलवार से एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है। इससे नरवाजोत स्थित किमी 1.700 पर बने ठोकर व बांध के साथ चैनपट्टी, जवही दयाल, विरवट कोन्हवलिया, बाक खाश, बाघा चौर, नोनिया पट्टी, कचहरी टोला स्थित ठोकरों व तटबंधों पर पानी के दबाव बढ़ने का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है।
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पहले गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ने से नरवाजोत में न केवल ठोकर के नोज का एक हिस्सा धंस गया था, बल्कि ठोकर के डाउन व अप स्ट्रीम में दोनों ओर लगभग दो-दो सौ मीटर क्षेत्र में भारी नुकसान भी हुआ था। यही नहीं, कई हेक्टेयर में बोई गई फसल के साथ भवनों और झोपड़ियों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा था।
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अब जब नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि होने लगा है तो लोगों को एक बार फिर खतरे की चिंता सताने लगी है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग के जेई चंद्रप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव, जेई विनोद कुमार शर्मा, जेई रामचंद्र प्रसाद संभावित खतरे को लेकर लगातार तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी में लगे हुए हैं और बोल्डर के साथ मिट्टी से भरी बोरियों का स्टॉक कर रखा है, ताकि विपरीत परिस्थिति में उसका इस्तेमाल कर सकें।
गांव के श्रीकांत सिंह, मुन्ना मद्धेशिया, कैलाश सिंह, दुधनाथ शर्मा, उपेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि नदी के डिस्चार्ज में उतार चढ़ाव का सिलसिला अभी आगे भी जारी रहने की संभावना है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेपाल ने छोड़ा 1.44800 लाख क्यूसेक पानी
खड्डा। मंगलवार की सुबह हुई बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। नेपाल में बारिश के चलते वाल्मीकि गंडक बैराज से शाम पांच बजे 1.44800 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंडक नदी का डिस्चार्ज चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से 44 सेंटीमीटर बढ़ गया। हालांकि मंगलवार की सुबह आठ बजे भैंसहा गेज स्थल पर जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर के सापेक्ष 24 सेमी ऊपर 95.24 मीटर पर था। शाम पांच बजे 95.44 मीटर दर्ज किया गया। इसमें अभी कुछ और बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है। करीब एक माह पूर्व गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब साढे चार लाख क्यूसेक पहुंच गया था। इसकी वजह से जलस्तर खतरे के निशान 96.00 मीटर से 22 सेमी ऊपर चली गई थी। नदी में बाढ़ जाने से 35 हजार आबादी प्रभावित हो गई थी।