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लगातार बारिश से कई मोहल्लों में भरा पानी, लोग बेहाल
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लगातार बारिश से कई मोहल्लों में भरा पानी, लोग बेहाल
- पडरौना शहर के नौका टोला, बलुचहां रोड, कन्हैैया टॉकीज सहित कई मोहल्ले जलमग्न- जलनिकासी का समुचित प्रबंध न होने से पानी के रास्ते आने-जाने को लोग विवश- बलुचहां रोड के निकट नाला ढह जाने से अवरुद्घ हो गई है कई मोहल्लों की जलनिकासी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। शुक्रवार की सुबह से हो रही बारिश ने पडरौना शहर के लोगों की परेशानी फिर बढ़ा दी है। शनिवार को सुबह से लगातार बारिश के चलते पूरा नौका टोला मोहल्ला जलमग्न हो गया है। घुटने भर से अधिक पानी के रास्ते लोग आने-जाने को विवश हैं। इस मोहल्ले में अनेक लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसी तरह बलुचहां रोड, तुलसी आवासीय कॉलोनी, कन्हैया टॉकीज रोड, ओंकार वोटिका कॉलोनी, तिलकनगर, कठकुइयां रोड पर भी चलना दूभर हो गया है। दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने वाले लोगों को इन्हीं पानी भरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है। रोडवेज परिसर तो तालाब नजर आ रहा है।
बरसात के चार महीने पडरौना शहर के कुछ मोहल्लों के लिए काफी कष्टदायक होते हैं। इनमें सबसे दयनीय स्थिति नौका टोला (अंबेडकरनगर) तुलसी आवासीय कॉलोनी, गरुण नगर, जटहां रोड, बाइपास रोड, छावनी सहित कई मोहल्लों की हो जाती है। शुक्रवार को सुबह से हो रही बारिश से इन मोहल्लों के लोगों की परेशानी फिर बढ़ गई है। इसके अलावा बलुचहां रोड स्थित एक नाला ढह जाने से इस मोहल्ले के साथ-साथ नौका टोला, साहबगंज, तिलकनगर सहित कई मोहल्लों में घुटने भर पानी भर गया है। इन मोहल्लों के लोगों को आने-जाने के लिए कोई अन्य रास्ता न होने के कारण पानी के रास्ते ही अपनी जरुरतों से आना-जाना पड़ रहा है।
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ईओ एएन सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से नगर के मुहल्लों में जलजभराव की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा कुछ मुहल्लों में जलनिकासी की समस्या है। इन मुहल्लों में जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार बीते दो दिन से हो रहे रुक-रुक कर मूलाधार बारिश के चलते कस्बा के कई दुकानों और घर में बारिश का पानी घुस गया। दुकान में बारिश घुसने से लाखों का समान खराब हो गया। इससे लोगों को तमाम परेशानी उठानी पड़ी।
रामकोला नगर के भुनेश्वर तिवारी के मकान में बरसात का पानी दरवाजे समेत अंदर तक घुस गया था। उन्होंने पंप सेट लगाकर पानी निकासी का प्रयास करते दिखे, लेकिन पानी ज्यादा होने से निकासी में देर लग रही थी। मीना बाजार में अनिल कटारूका की कपड़े की दुकान में भी बारिश का पानी दुकान में घुस गया। इसके चलते दुकान में रखे लाखों रुपये के कपड़े भीगकर खराब हो गया। बरसात का पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कस्बा में जगह-जगह पानी लगा रहा है। जबकि नगर पंचायत की तरफ से जेसीबी मशीन से नालों में फंसे हुए मिट्टी को भी साफ कराया जा रहा था।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही क्षेत्र में शुक्रवार से हो रही भारी बारिश और जल जमाव के चलते रेलवे स्टेशन के सामने जानकीनगर मोहल्ले में झोपड़ी डाल कर निवास करने वाले कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसके चलते इन लोगों को रेलवे स्टेशन पर शरण लेना पड़ा है। यही हाल सीमा विस्तार वाले गांवो का भी है।
सेवरही के रेलवे स्टेशन के सामने जानकीनगर में कृष्णा, हीरा, लोहा, बादशाह, बबलु, रंजू, रबड़ी, शम्भु, विनोद, चंदन आदि दलित परिवार झोपड़ीयो में निवास करते है। बरसात शुरू होते ही उनके घर में बारिश का पानी घुस जाता है। शुक्रवार से हो रही बारिश के चलते उनकी घर में बारिश का पानी घुस गया है। इसके चलते यह लोग रेलवे स्टेशन या अन्य स्थानों पर प्लास्टिक तान कर रहने को मजबूर है। इसी तरह सीमा विस्तार वाले वाले सुमही संतपट्टी, दुबौली, कत्तौरा, पकड़ीयार पूरबपट्टी, अवदान टोला, समता कालोनी आदि गांव में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जल जभराव से परेशान प्रभुनाथ प्रजापति, मक्खन जायसवाल, लल्लु यादव, बीरबल शर्मा, हरेंद्र यादव, ओमप्रकाश शर्मा, राहुल सोनी आदि ने बताया कि गांव को डेढ़ साल पहले नगर पंचायत में शामिल किया गया था। लेकिन गांव में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं है। जिससे लोगों को सड़क, बिजली, पानी, जल जमाव जैसी समस्याओं से परेशान होना पड़ता है।
लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार बीते 24 घंटे से हो रही तेज बारिश से बाजार के अमरचंद कालोनी के दो घरों में पानी भर गया। घर में घुसे बारिश के पानी को लोग पंपिंग सेट लगाकर बाहर निकाला। इसके अलावा रामकोला-कप्तानगंज से लक्ष्मीगंज, बाजार का रेलवे स्टेशन मार्ग समेत बाजार से जुड़े कई सड़कों पर पानी घुस गया है।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कस्बे में बने एनएच-730 सड़क और उसके आस पास के घर में बारिश का पानी घुस गया। इतना ही नहीं तहसील परिसर और कस्बे में बनी नालियों की बजबजाती पानी भी सड़कों पर फैला हुआ है, जिससे लोगों में जलजनित बीमारियां फैलने की आशंका बानी हुई है।
कस्बा के सुभाष चौक से तहसील मुख्यालय तक सड़क की चौड़ीकरण और नाली निर्माण का कार्य हुआ था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से बने नाला में एकत्र पानी का बहाव बाहर के बजाय उलटा कस्बे की तरफ पसर गया है। हालांकि इससे परेशान लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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- पडरौना शहर के नौका टोला, बलुचहां रोड, कन्हैैया टॉकीज सहित कई मोहल्ले जलमग्न- जलनिकासी का समुचित प्रबंध न होने से पानी के रास्ते आने-जाने को लोग विवश- बलुचहां रोड के निकट नाला ढह जाने से अवरुद्घ हो गई है कई मोहल्लों की जलनिकासी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। शुक्रवार की सुबह से हो रही बारिश ने पडरौना शहर के लोगों की परेशानी फिर बढ़ा दी है। शनिवार को सुबह से लगातार बारिश के चलते पूरा नौका टोला मोहल्ला जलमग्न हो गया है। घुटने भर से अधिक पानी के रास्ते लोग आने-जाने को विवश हैं। इस मोहल्ले में अनेक लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसी तरह बलुचहां रोड, तुलसी आवासीय कॉलोनी, कन्हैया टॉकीज रोड, ओंकार वोटिका कॉलोनी, तिलकनगर, कठकुइयां रोड पर भी चलना दूभर हो गया है। दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने वाले लोगों को इन्हीं पानी भरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है। रोडवेज परिसर तो तालाब नजर आ रहा है।
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बरसात के चार महीने पडरौना शहर के कुछ मोहल्लों के लिए काफी कष्टदायक होते हैं। इनमें सबसे दयनीय स्थिति नौका टोला (अंबेडकरनगर) तुलसी आवासीय कॉलोनी, गरुण नगर, जटहां रोड, बाइपास रोड, छावनी सहित कई मोहल्लों की हो जाती है। शुक्रवार को सुबह से हो रही बारिश से इन मोहल्लों के लोगों की परेशानी फिर बढ़ गई है। इसके अलावा बलुचहां रोड स्थित एक नाला ढह जाने से इस मोहल्ले के साथ-साथ नौका टोला, साहबगंज, तिलकनगर सहित कई मोहल्लों में घुटने भर पानी भर गया है। इन मोहल्लों के लोगों को आने-जाने के लिए कोई अन्य रास्ता न होने के कारण पानी के रास्ते ही अपनी जरुरतों से आना-जाना पड़ रहा है।
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ईओ एएन सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से नगर के मुहल्लों में जलजभराव की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा कुछ मुहल्लों में जलनिकासी की समस्या है। इन मुहल्लों में जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार बीते दो दिन से हो रहे रुक-रुक कर मूलाधार बारिश के चलते कस्बा के कई दुकानों और घर में बारिश का पानी घुस गया। दुकान में बारिश घुसने से लाखों का समान खराब हो गया। इससे लोगों को तमाम परेशानी उठानी पड़ी।
रामकोला नगर के भुनेश्वर तिवारी के मकान में बरसात का पानी दरवाजे समेत अंदर तक घुस गया था। उन्होंने पंप सेट लगाकर पानी निकासी का प्रयास करते दिखे, लेकिन पानी ज्यादा होने से निकासी में देर लग रही थी। मीना बाजार में अनिल कटारूका की कपड़े की दुकान में भी बारिश का पानी दुकान में घुस गया। इसके चलते दुकान में रखे लाखों रुपये के कपड़े भीगकर खराब हो गया। बरसात का पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कस्बा में जगह-जगह पानी लगा रहा है। जबकि नगर पंचायत की तरफ से जेसीबी मशीन से नालों में फंसे हुए मिट्टी को भी साफ कराया जा रहा था।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही क्षेत्र में शुक्रवार से हो रही भारी बारिश और जल जमाव के चलते रेलवे स्टेशन के सामने जानकीनगर मोहल्ले में झोपड़ी डाल कर निवास करने वाले कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इसके चलते इन लोगों को रेलवे स्टेशन पर शरण लेना पड़ा है। यही हाल सीमा विस्तार वाले गांवो का भी है।
सेवरही के रेलवे स्टेशन के सामने जानकीनगर में कृष्णा, हीरा, लोहा, बादशाह, बबलु, रंजू, रबड़ी, शम्भु, विनोद, चंदन आदि दलित परिवार झोपड़ीयो में निवास करते है। बरसात शुरू होते ही उनके घर में बारिश का पानी घुस जाता है। शुक्रवार से हो रही बारिश के चलते उनकी घर में बारिश का पानी घुस गया है। इसके चलते यह लोग रेलवे स्टेशन या अन्य स्थानों पर प्लास्टिक तान कर रहने को मजबूर है। इसी तरह सीमा विस्तार वाले वाले सुमही संतपट्टी, दुबौली, कत्तौरा, पकड़ीयार पूरबपट्टी, अवदान टोला, समता कालोनी आदि गांव में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जल जभराव से परेशान प्रभुनाथ प्रजापति, मक्खन जायसवाल, लल्लु यादव, बीरबल शर्मा, हरेंद्र यादव, ओमप्रकाश शर्मा, राहुल सोनी आदि ने बताया कि गांव को डेढ़ साल पहले नगर पंचायत में शामिल किया गया था। लेकिन गांव में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं है। जिससे लोगों को सड़क, बिजली, पानी, जल जमाव जैसी समस्याओं से परेशान होना पड़ता है।
लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार बीते 24 घंटे से हो रही तेज बारिश से बाजार के अमरचंद कालोनी के दो घरों में पानी भर गया। घर में घुसे बारिश के पानी को लोग पंपिंग सेट लगाकर बाहर निकाला। इसके अलावा रामकोला-कप्तानगंज से लक्ष्मीगंज, बाजार का रेलवे स्टेशन मार्ग समेत बाजार से जुड़े कई सड़कों पर पानी घुस गया है।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कस्बे में बने एनएच-730 सड़क और उसके आस पास के घर में बारिश का पानी घुस गया। इतना ही नहीं तहसील परिसर और कस्बे में बनी नालियों की बजबजाती पानी भी सड़कों पर फैला हुआ है, जिससे लोगों में जलजनित बीमारियां फैलने की आशंका बानी हुई है।
कस्बा के सुभाष चौक से तहसील मुख्यालय तक सड़क की चौड़ीकरण और नाली निर्माण का कार्य हुआ था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से बने नाला में एकत्र पानी का बहाव बाहर के बजाय उलटा कस्बे की तरफ पसर गया है। हालांकि इससे परेशान लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।