फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   water discharged increased in gandak river, administration alert

पहली बारिश में ही गंडक में आया 1.52 लाख क्यूसेक पानी, खड्डा से तमकुहीराज तक बाढ़ व राजस्व विभाग अलर्ट

Sun, 21 Jun 2020 09:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 09:54 PM IST
विज्ञापन
water discharged increased in gandak river,  administration alert
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से अहिरौलीदान में उफनाई नदी। - फोटो : KUSHINAGAR
पहली बारिश में ही गंडक में आया 1.52 लाख क्यूसेक पानी, खड्डा से तमकुहीराज तक बाढ़ व राजस्व विभाग अलर्ट
विज्ञापन

पडरौना। मानसून सत्र की पहली बरसात में ही गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को भारत-नेपाल सीमा स्थित वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि अभी नदी के दोनों तरफ का रेता क्षेत्र सूखा होने के कारण इतने पानी का कहीं गंभीर असर तो नहीं होगा लेकिन पहले ही जलस्तर बढ़ जाने के कारण खड्डा से लेकर तमकुहीराज तक बाढ़ खंड व राजस्व विभाग के कर्मचारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। जलस्तर अगर अगले 24 घंटे में बढ़ता है तो समस्या शुरू हो सकती है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार, बरसात शुरू होते ही क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है। रेता क्षेत्र के किसान भी अच्छी फसल की उम्मीद लगाए हैं। परंतु मानसून सीजन की पहली बरसात में ही गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। 15 जून को सुबह वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में 17500 क्युसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो पांच दिन में ही बढ़कर डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया है। रविवार की सुबह आठ बजे डिस्चार्ज एक लाख 52 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। जलस्तर बढ़ने की वजह से नदी के बाईं तरफ बसे मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह, बालगोविंद छपरा, शाहपुर, विन्ध्याचलपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि गांवों के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन

तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज क्षेत्र में एपी बांध के पिपराघाट से लेकर अहिरौलीदान तक खतरा बढ़ गया है। बांध के किनारे बसे गांवों के लोग चिंतित हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी बांध के किनारे तक पहुंच गया है। एपी बांध के किनारे बसे जंगलीपट्टी, बिनटोली, जवही दयाल, चैनपट्टी, विरवट कोन्हवलिया, बाकखाश, बाघाचौर और नोनियापट्टी के लोगों का कहना है कि पानी और बढ़ा तो समस्या शुरू हो जाएगी। ग्रामीण मथुरा सिंह, संजय सिंह, बाबूलाल निषाद, प्रभुनाथ यादव, गौतम सिंह, सरल शर्मा, कैलाश सिंह, वकील निषाद, मनोज गुप्ता, अनवत राम, पप्पू यादव आदि का कहना है कि एपी बांध के कई स्थानों पर नदी बांध से सटकर बहने लगी है। जलस्तर में उतार चढ़ाव से कटान का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ खण्ड की तरफ से पिपराघाट और अहिरौलीदान के बीच बांध की मजबूती के लिए कराए जा रहे कार्यों को जल्दी-जल्दी पूरा कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम व एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी अवर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed