{"_id":"68e414c072caa6ca0e0d714f","slug":"water-discharge-in-gandak-increased-villagers-panicked-department-increased-monitoring-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-146659-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: गंडक में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, ग्रामीणों में दहशत, विभाग ने बढ़ाई निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: गंडक में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, ग्रामीणों में दहशत, विभाग ने बढ़ाई निगरानी
Tue, 07 Oct 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
नरवाजोत बांध से सटकर बहती गंडक नदी। स्रोत-सोशल मीडिया
तमकुहीरोड। नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का डिस्चार्ज रविवार को 1.31 लाख क्यूसेक पहुंच गया। इसका असर सोमवार को क्षेत्र में देखने को मिला। गंडक का जलस्तर बढ़ने से बांध से दूर हो चुकी नदी एक बार फिर बांध व ठोकरों से टकराने लगी है। गनीमत यह है कि सोमवार को डिस्चार्ज घट कर 70 हजार क्यूसेक नीचे आ गया है। लोगों का कहना है कि मानसून अब अवसान की ओर है, लेकिन अभी तक बंधे पर बने रेनकट को ठीक नहीं कराया जा सका है। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने किसी प्रकार के संभावित खतरे को देखते हुए तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है।
भारी बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बैराज से रविवार को गंडक नदी में 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने से नदी जलस्तर सोमवार से एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है, जबकि शनिवार के पहले नदी का डिस्चार्ज जो 50 हजार क्यूसेक से नीचे आ चुका था और नदी बांध को छोड़ कर दूर जाकर बहने लगी थी, लेकिन नेपाल की पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण रविवार को अचानक गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ कर 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक हो गया था,इससे तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया था।
लोगों को आशंका थी कि यदि पहले की तरह डिस्चार्ज में वृद्धि का सिलसिला जारी रहता है तो स्थिति बिगड़ने का खतरा हो सकता है, क्योकिं इसके पहले भी नदी पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के पांच सौ मीटर के हिस्से को कटान के जद में ले लिया था।
विज्ञापन
जिससे यहां बांध को काफी क्षति पहुंची थी और बांध को बचाने के लिए अभियंताओं को लंबे समय तक मशक्कत करनी पड़ी थी, यही नहीं कटान के चलते किसानों की फसल व उपजाऊ भूमि भी कटान की भेंट चढ़ गई थी, लेकिन बाद में नदी का डिस्चार्ज घट जाने के बाद नदी की धारा बांध छोड़ कर बीच में चली गई थी।
इसके बाद लोगों ने राहत की सांस लिया था, लेकिन क्षेत्र में शुक्रवार व शनिवार को हुई भारी बारिश और नदी का डिस्चार्ज बढ़ जाने से जो नदी बांध से दूर हो चुकी थी, वह अब नरवाजोत के किमी 1.000 और किमी 1.700 पर बने पुराने ठोकर के साथ भंगी टोला, दहारी टोला, तवकल टोला,जवही दयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया मे पुनः बांध के पास पहुंच कर बहने लगी है, गनीमत यह है कि सोमवार को नदी का डिस्चार्ज पुनः घट कर 70 हजार क्यूसेक से नीचे चला गया है और मंगलवार से तटबंधों से पानी दबाव कम होना शुरू हो जाएगा, इसे लेकर सोमवार को बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव,जेई विनोद शर्मा आदि बांध की चौकसी में लगे रहे।इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि डिस्चार्ज का घटना शुरू हो गया है और बांध को कोई खतरा नही है। एहतियातन तटबंधों की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
भारी बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बैराज से रविवार को गंडक नदी में 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने से नदी जलस्तर सोमवार से एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गया है, जबकि शनिवार के पहले नदी का डिस्चार्ज जो 50 हजार क्यूसेक से नीचे आ चुका था और नदी बांध को छोड़ कर दूर जाकर बहने लगी थी, लेकिन नेपाल की पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण रविवार को अचानक गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ कर 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक हो गया था,इससे तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया था।
विज्ञापन
लोगों को आशंका थी कि यदि पहले की तरह डिस्चार्ज में वृद्धि का सिलसिला जारी रहता है तो स्थिति बिगड़ने का खतरा हो सकता है, क्योकिं इसके पहले भी नदी पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के पांच सौ मीटर के हिस्से को कटान के जद में ले लिया था।
विज्ञापन
जिससे यहां बांध को काफी क्षति पहुंची थी और बांध को बचाने के लिए अभियंताओं को लंबे समय तक मशक्कत करनी पड़ी थी, यही नहीं कटान के चलते किसानों की फसल व उपजाऊ भूमि भी कटान की भेंट चढ़ गई थी, लेकिन बाद में नदी का डिस्चार्ज घट जाने के बाद नदी की धारा बांध छोड़ कर बीच में चली गई थी।
इसके बाद लोगों ने राहत की सांस लिया था, लेकिन क्षेत्र में शुक्रवार व शनिवार को हुई भारी बारिश और नदी का डिस्चार्ज बढ़ जाने से जो नदी बांध से दूर हो चुकी थी, वह अब नरवाजोत के किमी 1.000 और किमी 1.700 पर बने पुराने ठोकर के साथ भंगी टोला, दहारी टोला, तवकल टोला,जवही दयाल, मुसहर बस्ती और विरवट कोन्हवलिया मे पुनः बांध के पास पहुंच कर बहने लगी है, गनीमत यह है कि सोमवार को नदी का डिस्चार्ज पुनः घट कर 70 हजार क्यूसेक से नीचे चला गया है और मंगलवार से तटबंधों से पानी दबाव कम होना शुरू हो जाएगा, इसे लेकर सोमवार को बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव,जेई विनोद शर्मा आदि बांध की चौकसी में लगे रहे।इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि डिस्चार्ज का घटना शुरू हो गया है और बांध को कोई खतरा नही है। एहतियातन तटबंधों की निगरानी की जा रही है।