{"_id":"67e6f58737037fbb48046e40","slug":"vipassana-garden-of-mahaparinirvan-sthal-awaits-transfer-kushinagar-news-c-7-gkp1057-884181-2025-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: हस्तांतरण के इंतजार में महापरिनिर्वाण स्थली का विपश्यना उपवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: हस्तांतरण के इंतजार में महापरिनिर्वाण स्थली का विपश्यना उपवन
Sat, 29 Mar 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
बेकार पड़ा बुद्ध विपश्यना उपवन। संवाद
कुशीनगर। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में विश्व बैंक सहायतित प्रो-पुअर पर्यटन विकास की परियोजनाओं का पुरसाहाल नहीं है। इन्हें धरातल पर उतारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नव निर्माण करीब एक साल पहले ही पूरा किया जा चुका है, लेकिन बेमतलब साबित हो रहे हैं। वजह उन नवनिर्मित परियोजनाओं के हस्तांतरण को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है, हालांकि पर्यटन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन कोई रुचि नहीं ले रहा है। पर्यटन यह प्रयास सरकारी व गैर-सरकारी दोनों तरह से कराने में वार्ता कर रहा है।
कुशीनगर में पर्यटन को चमकाने के लिए 4 अगस्त 2021 को विश्व बैंक सहायतित 18.74 करोड़ रुपये की लागत से पथिक निवास का उच्चीकरण, बुद्ध विपश्यना उपवन का सुंदरीकरण, पाथ-वे, पवेलियन, दो तालाबों का सुंदरीकरण, भव्य ध्यान केंद्र, हिरण्यवती नदी पर परिक्रमा पथ का निर्माण कराया गया। वहीं फुट ओवरब्रिज, फूड प्लाजा का नवीनीकरण, हस्त शिल्पकारों के लिए आठ दुकानें व पाथ-वे के किनारे विक्टोरियन लैंप लगाने का काम किया गया है। पथिक निवास के उच्चीकरण के अलावा सभी परियोजनाएं धूल फांक रहीं हैं। पानी के अभाव में मिट्टी में धंसे फ्लोटिंग फाउंटेन : बुद्ध विपश्यना में दो तालाबों का सुंदरीकरण कराया गया है। उनके चारों तरफ पाथवे और तालाब के अंदर फ्लोटिंग फाउंटेन लगाए गए हैं। लेकिन मौजूदा समय में तालाबों में पानी नहीं है। सूख चुके हैं। इसके चलते फ्लोटिंग फाउंटेन मिट्टी में धंसे हुए हैं। कोई आकर्षण नहीं है। पूरे विपश्यना उपवन क्षेत्र में सफाई का अभाव है। भव्य नवनिर्मित ध्यान केंद्र के चारों तरफ पेड़ की पत्तियों का अंबार लगा हुआ है। अंदर भी सफाई का अभाव है। यह परियोजना मकसद में फेल दिख रही है।
विज्ञापन
कुशीनगर में पर्यटन को चमकाने के लिए 4 अगस्त 2021 को विश्व बैंक सहायतित 18.74 करोड़ रुपये की लागत से पथिक निवास का उच्चीकरण, बुद्ध विपश्यना उपवन का सुंदरीकरण, पाथ-वे, पवेलियन, दो तालाबों का सुंदरीकरण, भव्य ध्यान केंद्र, हिरण्यवती नदी पर परिक्रमा पथ का निर्माण कराया गया। वहीं फुट ओवरब्रिज, फूड प्लाजा का नवीनीकरण, हस्त शिल्पकारों के लिए आठ दुकानें व पाथ-वे के किनारे विक्टोरियन लैंप लगाने का काम किया गया है। पथिक निवास के उच्चीकरण के अलावा सभी परियोजनाएं धूल फांक रहीं हैं। पानी के अभाव में मिट्टी में धंसे फ्लोटिंग फाउंटेन : बुद्ध विपश्यना में दो तालाबों का सुंदरीकरण कराया गया है। उनके चारों तरफ पाथवे और तालाब के अंदर फ्लोटिंग फाउंटेन लगाए गए हैं। लेकिन मौजूदा समय में तालाबों में पानी नहीं है। सूख चुके हैं। इसके चलते फ्लोटिंग फाउंटेन मिट्टी में धंसे हुए हैं। कोई आकर्षण नहीं है। पूरे विपश्यना उपवन क्षेत्र में सफाई का अभाव है। भव्य नवनिर्मित ध्यान केंद्र के चारों तरफ पेड़ की पत्तियों का अंबार लगा हुआ है। अंदर भी सफाई का अभाव है। यह परियोजना मकसद में फेल दिख रही है।
विज्ञापन