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Kushinagar News: जिद पर अड़े ग्रामीण, तीसरे दिन भी बांध पर नहीं गिराया जा सका बोल्डर, खींचतान जारी
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अहिरौली दान की पुलिया से होकर बिहार में निकलते पानी पर नजर रखे है यूपी पुलिस। स्रोत-सोशल मीडिया
कुशीनगर। एपी बांध पर अहिरौलदान के दानचक गांव के सामने बोल्डर गिराने को लेकर तीसरे दिन भी जिले और बिहार के ग्रामीणों में खींचतान जारी रही। दानचक के पास धंसते जा रहे बांध को बचाने के लिए बोल्डर पहुंचाने की कोशिश हुई लेकिन ग्रामीणों के विरोध से बांध पर बोल्डर नहीं गिराया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि बांध पर बोल्डर गिराने से पानी का बहाव प्रभावित हो सकता है। इसी आशंका को लेकर वे विरोध कर रहे हैं। रात में बोल्डर लेकर पहुंचे ट्रैक्टर चालक को भी ग्रामीणों ने लौटा दिया।
विवाद के डर से कोई ट्रैक्टर चालक बोल्डर लेकर जाना नहीं चाहता है। रात में जनरेटर, कुर्सी, चारपाई लेकर बिहार पुलिस बांध पर पहुंची तो गांव वालों बोल्डर आने की आशंका में बिहार पुलिस के सामने दौड़ा लिया। सच्चाई जानने के बाद गांव वाले लौट गए। पूरी रात बंधे पर दोनों प्रांत की पुलिस जमी रही।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के 22 टोले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि बाढ़ आने के बाद एपी बंधे को लेकर दोनों प्रांत के लोगों के बीच बढ़ी खींचतान पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है। दानचक के पास एपी बांध पर पानी का दबाव लगातार बना हुआ था। हालांकि नदी का जलस्तर और पानी का दबाव कम होने से शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को बांध पर कुछ राहत दिखी है। इसके बावजूद बांध का हिस्सा लगातार धंस रहा है। इससे आसपास के ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
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प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी बांध की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गौरहा गांव के सामने सोमवार की रात एपी बांध टूटने के बाद तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। नदी का जलस्तर कम होने से गांवों से पानी निकला है लेकिन 20 गांवों में कई जगह घुटने तक पानी भरा है।
एपी बंधे में लगे दो साइफन व रिसाव से गोपालगंज गांव के करीब बीस गांवों में पानी भर गया है। तीसरे दिन भी दानचक गांव के समीप बंधे पर तनातनी दिखी और दोनों प्रांत की पुलिस तैनात है। बिसंभरपुर, गोपालपुर, कुचायकोट थानाध्यक्ष के अलावा महिला पुलिसकर्मी तैनात रही। बिसंभरपुर थानाध्यक्ष मुकेंद्र कुमार ने बताया कि लोग बेवजह विवाद कर रहे हैं, रात को चारपाई, जनरेटर, कुर्सी लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली आई तो बोल्डर समझकर दौड़ाने लगे। बाद में समझाया गया। कुशीनगर पुलिस भी आ गई, इसके बाद लोग शांत हुए। कई बार विवाद करने का प्रयास हुआ। बंधे पर बोल्डर नहीं डालने से रिसाव तो हो ही रहा है, आवागमन भी प्रभावित हो गया है।
कोट::
-बांध की सुरक्षा के लिए बोल्डर डालना जरूरी है लेकिन डर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक बोल्डर लेकर आने को तैयार नहीं हैं। इसी वजह से मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार की देर रात तक बोल्डर गिराने का प्रयास किया गया लेकिन गांव वाले समझने को तैयार नहीं हैं। विवाद की स्थिति मौके पर उत्पन्न हो जा रहा है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बनाने की कोशिश जारी है। -अमर श्रीवास्तव, जेई बाढ़ खंड कुशीनगर
-पानी कम हो रहा है, बंधे पर दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है। बाढ़ खंड की जिम्मेदारी बंधे पर बोल्डर डालने की है। बोल्डर डालने से कौन रोक रहा है, इसकी बाढ़ खंड की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। अगर शिकायत मिलती है तो पुलिस की मौजूदगी में बोल्डर भरवाया जाएगा। सरकारी कार्य कोई प्रभावित नहीं कर सकता है। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर
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विवाद के डर से कोई ट्रैक्टर चालक बोल्डर लेकर जाना नहीं चाहता है। रात में जनरेटर, कुर्सी, चारपाई लेकर बिहार पुलिस बांध पर पहुंची तो गांव वालों बोल्डर आने की आशंका में बिहार पुलिस के सामने दौड़ा लिया। सच्चाई जानने के बाद गांव वाले लौट गए। पूरी रात बंधे पर दोनों प्रांत की पुलिस जमी रही।
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तरयासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के 22 टोले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि बाढ़ आने के बाद एपी बंधे को लेकर दोनों प्रांत के लोगों के बीच बढ़ी खींचतान पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है। दानचक के पास एपी बांध पर पानी का दबाव लगातार बना हुआ था। हालांकि नदी का जलस्तर और पानी का दबाव कम होने से शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को बांध पर कुछ राहत दिखी है। इसके बावजूद बांध का हिस्सा लगातार धंस रहा है। इससे आसपास के ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
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प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी बांध की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गौरहा गांव के सामने सोमवार की रात एपी बांध टूटने के बाद तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। नदी का जलस्तर कम होने से गांवों से पानी निकला है लेकिन 20 गांवों में कई जगह घुटने तक पानी भरा है।
एपी बंधे में लगे दो साइफन व रिसाव से गोपालगंज गांव के करीब बीस गांवों में पानी भर गया है। तीसरे दिन भी दानचक गांव के समीप बंधे पर तनातनी दिखी और दोनों प्रांत की पुलिस तैनात है। बिसंभरपुर, गोपालपुर, कुचायकोट थानाध्यक्ष के अलावा महिला पुलिसकर्मी तैनात रही। बिसंभरपुर थानाध्यक्ष मुकेंद्र कुमार ने बताया कि लोग बेवजह विवाद कर रहे हैं, रात को चारपाई, जनरेटर, कुर्सी लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली आई तो बोल्डर समझकर दौड़ाने लगे। बाद में समझाया गया। कुशीनगर पुलिस भी आ गई, इसके बाद लोग शांत हुए। कई बार विवाद करने का प्रयास हुआ। बंधे पर बोल्डर नहीं डालने से रिसाव तो हो ही रहा है, आवागमन भी प्रभावित हो गया है।
कोट::
-बांध की सुरक्षा के लिए बोल्डर डालना जरूरी है लेकिन डर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक बोल्डर लेकर आने को तैयार नहीं हैं। इसी वजह से मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार की देर रात तक बोल्डर गिराने का प्रयास किया गया लेकिन गांव वाले समझने को तैयार नहीं हैं। विवाद की स्थिति मौके पर उत्पन्न हो जा रहा है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बनाने की कोशिश जारी है। -अमर श्रीवास्तव, जेई बाढ़ खंड कुशीनगर
-पानी कम हो रहा है, बंधे पर दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है। बाढ़ खंड की जिम्मेदारी बंधे पर बोल्डर डालने की है। बोल्डर डालने से कौन रोक रहा है, इसकी बाढ़ खंड की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। अगर शिकायत मिलती है तो पुलिस की मौजूदगी में बोल्डर भरवाया जाएगा। सरकारी कार्य कोई प्रभावित नहीं कर सकता है। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर

अहिरौली दान की पुलिया से होकर बिहार में निकलते पानी पर नजर रखे है यूपी पुलिस। स्रोत-सोशल मीडिया