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Kushinagar News: विद्यारंभ हमारे षोडश संस्कारों का अनिवार्य अंग

Wed, 26 Aug 2026 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:01 AM IST
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Vidyarambha is an essential part of our sixteen Sanskaras.
पकवाइनार। बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को बीएड विभाग का दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा के उद्देश्य और शिक्षक के दायित्वों से अवगत कराया।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुई।
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डॉ. राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यारंभ संस्कार हमारे षोडश संस्कारों का अनिवार्य अंग है। वैदिक काल में शिक्षा की शुरुआत उपनयन संस्कार के माध्यम से होती थी। भारतीय मनीषियों ने भी शिक्षा की महत्ता पर विशेष बल दिया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति में निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए स्वयं को तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे भविष्य की पीढ़ी के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
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विद्यार्थियों को व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने कहा कि बीएड प्रशिक्षु के रूप में विद्यार्थी देश के भविष्य का निर्माण करने वाले सबसे प्रभावशाली वर्ग शिक्षक के रूप में तैयार हो रहे हैं। इसलिए उनका शिक्षण और प्रशिक्षण प्रभावी एवं उपयोगी होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने और परिवार, संस्था व समाज का नाम रोशन करने की अपील की।
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अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने महाविद्यालय के आदर्श वाक्य ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि परिश्रम और निरंतर अभ्यास से कार्यों में सफलता और जीवन में पूर्णता प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए। इस दौरान डॉ. चंद्रप्रकाश सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राध्यापकों और छात्राध्यापिकाओं को ‘आलोक’ पत्रिका का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर विभाग के आचार्य श्रीकृष्ण कुमार जायसवाल, डॉ. दुर्ग विजय पाल सिंह, विवेक श्रीवास्तव, राकेश कुमार सोनकर सहित अंकित मौर्य, विकास कुमार गौतम, नीतीश कुशवाहा, बिट्टू गुप्ता, सोनम कुशवाहा, शिखा सिंह, अंजू कुशवाहा, आकांक्षा आदि मौजूद रहे।
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