{"_id":"6a55ca057c27faf7740231c2","slug":"vande-bharat-loco-pilot-faints-while-driving-at-70-kmph-in-gorakhpur-2026-07-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन में बेहोश ड्राइवर: 70 की स्पीड में बेहोश हुआ वंदेभारत का लोको पायलट, ALP ने बचाई जान- जानिए कैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन में बेहोश ड्राइवर: 70 की स्पीड में बेहोश हुआ वंदेभारत का लोको पायलट, ALP ने बचाई जान- जानिए कैसे
Tue, 14 Jul 2026 11:03 AM IST
Rohit Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:03 AM IST
सार
रविवार सुबह 5:40 बजे गोरखपुर से चलकर वंदेभारत ट्रेन अभी चली थी कि लोको पायलट हेमंत की तबीयत खराब हो गई और वे बेहोश हो गए। यह देखकर सहायक लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी और ट्रेन को उनौला स्टेशन तक पहुंचाया। कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंचे डॉक्टर के इलाज के बाद लोको पायलट हेमंत ट्रेन को लेकर रवाना हुए।
विज्ञापन
वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर-पटना वंदेभारत (26502) के लोको पायलट (ड्राइवर) हेमंत की चलती ट्रेन में बेहोश हो गए। करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ट्रेन की कमान सहायक लोको पायलट ने संभाली और उनकी सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। गोरखपुर से चालक, गार्ड भेजकर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक ट्रेन उनौला और पिपराइच स्टेशन रुकी रही।
विज्ञापन
रविवार सुबह 5:40 बजे गोरखपुर से चलकर वंदेभारत ट्रेन अभी चली थी कि लोको पायलट हेमंत की तबीयत खराब हो गई और वे बेहोश हो गए। यह देखकर सहायक लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी और ट्रेन को उनौला स्टेशन तक पहुंचाया। कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंचे डॉक्टर के इलाज के बाद लोको पायलट हेमंत ट्रेन को लेकर रवाना हुए।
विज्ञापन
पिपराइच स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने वाली थी कि उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें ट्रेन से उतार लिया गया। यहां चालक को उतार कर इलाज कराया गया और फिर उन्हें नकरिटयागंज भेज दिया गया। इस बीच गोरखपुर से चालक, लोको इंस्ट्रक्टर और एहतियात के तौर पर मालगाड़ी के एक गार्ड को पिपराइच भेजा गया। इसके बाद ट्रेन पटना की ओर रवाना की गई।
विज्ञापन