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आपत्ति करने पर नोकझोंक, पुलिस ने पीटा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:51 PM IST
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पिपरा बाजार। बुधवार की दोपहर लगभग 11 बजे एक मतदाता की कम उम्र के सवाल पर नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र की ढोरही गांव के मतदान केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस के जवान पहुंचे और मतदान केंद्र के पास मौजूद लोगों की पिटाई की। गांववालों का कहना है कि पुलिस ने दरवाजे पर बैठे लोगों को भी नहीं बख्शा। जबकि एसओ ने कार्रवाई से इनकार किया। विशुनपुरा ब्लॉक की ढोरही ग्राम पंचायत का मतदान केंद्र गांव के समीप स्थित किसान सेवा सहकारी समिति में बनाया गया था।
दोपहर में एक मतदाता वोट देने पहुंचा तो वहां मौजूद कुछ लोग उसकी उम्र कम बताते हुए आपत्ति करने लगे। इसके बाद शोर होने लगा। केंद्र पर तैनात पुलिस के जवानों ने आपत्ति किए गए मतदाता को लाइन से बाहर निकाला और परिसर में मौजूद पुलिस वाहन में बैठा दिया।
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इसके बाद हंगामा बढ़ता देख पुलिस के जवानों ने अधिकारियों को हालात की जानकारी दी। अतिरिक्त फोर्स पहुंचने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने दौड़ाकर पिटाई की है। मधुसूदन मिश्र कहते हैं कि वह अपने दरवाजे पर बैठे थे और शोरशराबे से उनका कोई संबंध नहीं था, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा। आदर्श ने बताया कि वह मतदान के बाद घर लौट रहे थे, उनकी बेवजह पिटाई कर दी गई है।
बित्तू, विजय, राजू, जगदीश, वाशिंद्र आदि ने भी पिटाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को गांव में दौड़ाकर पीटा गया। इस संबंध में एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि लोग झगड़ा कर रहे थे। भीड़ को भगाने के लिए लाठियां पटकी गई। पिटाई करने का आरोप निराधार है।
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सूचना मिलते ही पुलिस के जवान पहुंचे और मतदान केंद्र के पास मौजूद लोगों की पिटाई की। गांववालों का कहना है कि पुलिस ने दरवाजे पर बैठे लोगों को भी नहीं बख्शा। जबकि एसओ ने कार्रवाई से इनकार किया। विशुनपुरा ब्लॉक की ढोरही ग्राम पंचायत का मतदान केंद्र गांव के समीप स्थित किसान सेवा सहकारी समिति में बनाया गया था।
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दोपहर में एक मतदाता वोट देने पहुंचा तो वहां मौजूद कुछ लोग उसकी उम्र कम बताते हुए आपत्ति करने लगे। इसके बाद शोर होने लगा। केंद्र पर तैनात पुलिस के जवानों ने आपत्ति किए गए मतदाता को लाइन से बाहर निकाला और परिसर में मौजूद पुलिस वाहन में बैठा दिया।
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इसके बाद हंगामा बढ़ता देख पुलिस के जवानों ने अधिकारियों को हालात की जानकारी दी। अतिरिक्त फोर्स पहुंचने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने दौड़ाकर पिटाई की है। मधुसूदन मिश्र कहते हैं कि वह अपने दरवाजे पर बैठे थे और शोरशराबे से उनका कोई संबंध नहीं था, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा। आदर्श ने बताया कि वह मतदान के बाद घर लौट रहे थे, उनकी बेवजह पिटाई कर दी गई है।
बित्तू, विजय, राजू, जगदीश, वाशिंद्र आदि ने भी पिटाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को गांव में दौड़ाकर पीटा गया। इस संबंध में एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि लोग झगड़ा कर रहे थे। भीड़ को भगाने के लिए लाठियां पटकी गई। पिटाई करने का आरोप निराधार है।