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Kushinagar News: रोकथाम की कवायद के बीच बुखार से दो और मासूमों की माैत
Mon, 08 Dec 2025 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 08 Dec 2025 11:47 PM IST
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रोते-बिलखते परिजन।
मंसाछापर/ कुशीनगर। जिले में बुखार से दो और मासूमों की जान चली गई है। इसके साथ ही जिले में अब तक 9 बच्चों की मौत बुखार से हो चुकी है। विशुनपुरा ब्लॉक के रोआरी गांव के नरकटिया टोले में रविवार की देर रात बुखार और उल्टी से पीड़ित आठ वर्षीय बच्चे की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा क्षेत्र के खोटही गांव के फकीरा छपरा गांव निवासी चार वर्षीय बच्ची की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रविवार शाम को इलाज के दौरान हो गई।
जानकारी के मुताबिक रोआरी गांव के नरकटिया टोला निवासी लालबाबू ने बताया कि बेटी किंजल (8 वर्ष) को पिछले चार दिनों से बुखार से पीडि़त थी। उसे दस्त भी आ रहा था। परिजन उसे रामकोला सीएचसी पर ले गए, जहां किंजल का इलाज चल रहा था। रविवार की शाम को अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने उसे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
जहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बच्ची की मौत की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और बीडीओ अखंड प्रताप गांव में पहुंंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी ली। किंजल एक भाई और दो बहनों में दूसरी नंबर की थी। इसके अलावा गांव के गोलू (5), काजल (15) और पवन (7) भी बुखार व पेट दर्द से पीड़ित हैं।
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दो दिसंबर को इसी टोले के भरत चौहान की सात वर्षीय बेटी सलोनी की भी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। टीम ने गांव में जांच और दवा वितरण किया था। इसी दौरान किंजल को भी बुखार व दस्त शुरू हुआ था।
इसके पहले जिले में अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी हैं।
इसमें एक की लेप्टोस्पायरोसिस, दूसरे की एईएस और तीसरे की हेपेटाइटिस से मौत होने की पुष्टि हुई है। बाकी बच्चों की मौत की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए जांच में पता चला कि लेप्टोस्पायरोसिस चूहा और छछूंदर से फैला है।
चूहा और छछूंदर को मारने के लिए गांव में कृषि विभाग की टीम भ्रमण कर दवा वितरण करने के अलावा लोगों को जागरूक कर रही है। सोमवार को जिले के 362 घरों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे किया, इसमें 26 बुखार के सामान्य मरीज मिले, 14 लोगों का जांच के लिए सैंपल लिया गया। वहीं एक बुखार से पीड़ित बच्चा फाजिलनगर, एक कसया सीएचसी और चार बच्चे मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के पीकू वार्ड में भर्ती हैं। सभी के स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक रोआरी गांव के नरकटिया टोला निवासी लालबाबू ने बताया कि बेटी किंजल (8 वर्ष) को पिछले चार दिनों से बुखार से पीडि़त थी। उसे दस्त भी आ रहा था। परिजन उसे रामकोला सीएचसी पर ले गए, जहां किंजल का इलाज चल रहा था। रविवार की शाम को अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने उसे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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जहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बच्ची की मौत की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और बीडीओ अखंड प्रताप गांव में पहुंंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी ली। किंजल एक भाई और दो बहनों में दूसरी नंबर की थी। इसके अलावा गांव के गोलू (5), काजल (15) और पवन (7) भी बुखार व पेट दर्द से पीड़ित हैं।
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दो दिसंबर को इसी टोले के भरत चौहान की सात वर्षीय बेटी सलोनी की भी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। टीम ने गांव में जांच और दवा वितरण किया था। इसी दौरान किंजल को भी बुखार व दस्त शुरू हुआ था।
इसके पहले जिले में अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी हैं।
इसमें एक की लेप्टोस्पायरोसिस, दूसरे की एईएस और तीसरे की हेपेटाइटिस से मौत होने की पुष्टि हुई है। बाकी बच्चों की मौत की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए जांच में पता चला कि लेप्टोस्पायरोसिस चूहा और छछूंदर से फैला है।
चूहा और छछूंदर को मारने के लिए गांव में कृषि विभाग की टीम भ्रमण कर दवा वितरण करने के अलावा लोगों को जागरूक कर रही है। सोमवार को जिले के 362 घरों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे किया, इसमें 26 बुखार के सामान्य मरीज मिले, 14 लोगों का जांच के लिए सैंपल लिया गया। वहीं एक बुखार से पीड़ित बच्चा फाजिलनगर, एक कसया सीएचसी और चार बच्चे मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के पीकू वार्ड में भर्ती हैं। सभी के स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है।