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Kushinagar News: मरीजों का फर्श पर इलाज, शव वाहन के लिए एक घंटा इंतजार

Wed, 21 Jun 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 21 Jun 2023 11:43 PM IST
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treatment on floor in jila asptal
रविंद्र नगर ​​स्थित जिला अस्पताल के जनरल वार्ड की गैलरी में फर्श पर मरीज का होता इलाज।संवाद
पटरी पर नहीं आ रही जिला अस्पताल की व्यवस्था, जिम्मेदार अनजान
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तेज बुखार से एक महिला की मौत, डायरिया के पहुंचे कई मरीज भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। इलाज की उम्मीद लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुधवार को तेज बुखार से दम तोड़ने वाली महिला के परिजनों को एक घंटा बाद शव वाहन मुहैया हुआ, वहीं, जनरल वार्ड में बेड फुल होने से फर्श पर लिटाकर मरीजों को खून और ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। कई बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया गया था। मजबूर तीमारदार सिस्टम को कोसते हुए न बचाने की जद्दोजहद करते दिखे।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में विशुनपुरा थाना क्षेत्र के लाेहरपट्टी गांव की प्रेमी देवी अपनी 60 वर्षीय मां इमीरती देवी को इलाज के लिए बुधवार को दोपहर में करीब एक बजे लेकर आईं। उनकी मां को तेज बुखार था। कुछ देर इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। बिलख रही प्रेमी देेवी के पास रुपये नहीं थे। अन्य मरीजों के तीमारदारों ने शव वाहन दिलवाने की मांग स्वास्थ्यकर्मियों से की। एक घंटा इंतजार के बाद शव वाहन मिला। शव वाहन मिलने में देरी की वजह चालक का नहीं होना बताई गई।
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जनरल वार्ड में 73 मरीज भर्ती किए गए हैं। इसी बीच इमरजेंसी से इलाज के बाद वार्ड में भर्ती के लिए भेजे गए जटहां बाजार थाना क्षेत्र के हिरनही गांव निवासी रामबचन चौहान (68) को बेड नहीं मिला। फर्श पर ही लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाया गया। बेड खाली होने पर देने की बात स्वास्थ्यकर्मियों ने कही।
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पडरौना के खिरकिया बाजार के निवासी महंथ (50), बहलुदवा भिटहा निवासी नीरज तिवारी (25) का भी फर्श पर लिटाकर ग्लूकोज और खून चढ़ाया जा रहा था। इसके अलावा कई अन्य मरीज भी फर्श पर लेटे मिले। वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय का कहना था कि लगातार मरीज आ रहे हैं। बेड की संख्या नहीं बढ़ रही है। लौटा भी नहीं सकते, इसलिए फर्श पर लिटाकर ही इलाज किया जा रहा है। इसे लेकर तीमारदारों से कहासुनी भी हो रही है, लेकिन व्यवस्था सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
इमरजेंसी में डायरिया सेे पीड़ित लोग भी पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक रह रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी बेड से अधिक बच्चे भर्ती किए गए हैं। इलाज कराने आए लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों कोे इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल की ओपीडी व इमरजेंसी में लगाए गए फंखे गर्म हवा दे रहे हैं। इसकी वजह से भर्ती मरीजों को हाथ का पंखा झलना पड़ रहा है। गर्मी से परेशान मरीज बेड से उठकर इधर उधर टहल रहे हैं। रात को बिजली भी कट रही है। इसकी वजह से वार्ड में भर्ती मरीजों की परेशानी और बढ़ जा रही है।


फर्श पर लिटाकर नहीं हो रहा इलाज : सीएमएस
जो व्यवस्था है, उसमें काम चलाया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले और डायरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। जनरल वार्ड 50 बेड का था, 18 बेड और बढ़ाया गया है। बावजूद बेड कम पड़ जा रहे हैं। फर्श पर लिटाकर इलाज किए जाने की जानकारी मुझे नहीं है।
-डॉ. एचएस राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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