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Kushinagar News: फाजिलनगर में जाम...एंबुलेंस फंसी, खतरे में जान
Sun, 26 Jul 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:28 AM IST
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फाजिलनगर में जाम में फंसी पश्चिम चंपारण नंबर की एंबुलेंस।संवाद
गुरवलिया बाजार। फाजिलनगर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के चलते हाईवे पर यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को ओवरब्रिज से मालवाहक गुजरने के दौरान लंबा जाम लग गया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे एंबुलेंस वाहन, यात्रियों और व्यापारियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार विभाग ने सुगम यातायात संचालन व सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं।
फ्लाईओवर निर्माण के चलते एक ही लेन दाेनों तरफ से वाहन आ-जा रहे हैं। संकरे मार्ग पर निर्माण सामग्री से लदे ट्रक भी कतार में खड़े रहते हैं। ऐसे में जैसे ही कोई मालवाहक वाहन ओवरब्रिज के नीचे से गुजरता है, पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है और जाम लग जाता है।
गौरतलब है कि फाजिलनगर से होकर प्रतिदिन बिहार और कुशीनगर के करीब 100 से अधिक एंबुलेंस गोरखपुर एम्स व दूसरे अस्पतालों तक आते-जाते हैं। जाम लगने से गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस भी सामान्य वाहनों के बीच फंसकर रेंगने लगते हैं।
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फाजिलनगर पूर्वांचल और बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। रज्जब पिपरा से लेकर छोटी ओवरब्रिज तक जाम लग रहा है। ऑटो व ई रिक्शा के अवैध स्टैंड से दिक्कत हो रही है।लगातार जाम लगने से बाजार आने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो रही है। माल ढुलाई में देरी होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती है, न ही भारी वाहनों के संचालन के लिए कोई अलग व्यवस्था बनाई गई है। डायवर्जन, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक प्रबंधन के प्रभावी इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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व्यापारी बोले
हर दिन जाम लगने से ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पाते हैं। कई लोग रास्ते से ही लौट जा रहे हैं। इसका सीधा असर हमारी बिक्री पर पड़ रहा है। निर्माण जरूरी है लेकिन यातायात की व्यवस्था भी सुचारु ढंग से चलती रहनी चाहिए। -प्रदीप राय, व्यापारी
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बिहार और आसपास के जिलों से आने वाले वाहन घंटों जाम में फंसते हैं। समय पर माल नहीं पहुंचता और व्यापार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को तत्काल स्थायी ट्रैफिक प्लान लागू करना चाहिए। -सोनू जायसवाल,व्यापारी
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सुरक्षा के लिहाज से बंदोबस्त नहीं
- एक लेन से ही आवागमन होना।
- निर्माण सामग्री से लदे ट्रकों की सड़क किनारे खड़े होने खतरा को दे रहे दावत। इनके लिए कोई इंतजाम नहीं।
- भारी वाहनों के लिए अलग रूट व समय निर्धारण नहीं।
- ट्रैफिक नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं।
-एंबुलेंस और मरीजों की आवाजाही को वैकल्पिक प्रबंध नहीं।
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फ्लाईओवर निर्माण के चलते एक ही लेन दाेनों तरफ से वाहन आ-जा रहे हैं। संकरे मार्ग पर निर्माण सामग्री से लदे ट्रक भी कतार में खड़े रहते हैं। ऐसे में जैसे ही कोई मालवाहक वाहन ओवरब्रिज के नीचे से गुजरता है, पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है और जाम लग जाता है।
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गौरतलब है कि फाजिलनगर से होकर प्रतिदिन बिहार और कुशीनगर के करीब 100 से अधिक एंबुलेंस गोरखपुर एम्स व दूसरे अस्पतालों तक आते-जाते हैं। जाम लगने से गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस भी सामान्य वाहनों के बीच फंसकर रेंगने लगते हैं।
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फाजिलनगर पूर्वांचल और बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। रज्जब पिपरा से लेकर छोटी ओवरब्रिज तक जाम लग रहा है। ऑटो व ई रिक्शा के अवैध स्टैंड से दिक्कत हो रही है।लगातार जाम लगने से बाजार आने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो रही है। माल ढुलाई में देरी होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती है, न ही भारी वाहनों के संचालन के लिए कोई अलग व्यवस्था बनाई गई है। डायवर्जन, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक प्रबंधन के प्रभावी इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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व्यापारी बोले
हर दिन जाम लगने से ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पाते हैं। कई लोग रास्ते से ही लौट जा रहे हैं। इसका सीधा असर हमारी बिक्री पर पड़ रहा है। निर्माण जरूरी है लेकिन यातायात की व्यवस्था भी सुचारु ढंग से चलती रहनी चाहिए। -प्रदीप राय, व्यापारी
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बिहार और आसपास के जिलों से आने वाले वाहन घंटों जाम में फंसते हैं। समय पर माल नहीं पहुंचता और व्यापार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को तत्काल स्थायी ट्रैफिक प्लान लागू करना चाहिए। -सोनू जायसवाल,व्यापारी
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सुरक्षा के लिहाज से बंदोबस्त नहीं
- एक लेन से ही आवागमन होना।
- निर्माण सामग्री से लदे ट्रकों की सड़क किनारे खड़े होने खतरा को दे रहे दावत। इनके लिए कोई इंतजाम नहीं।
- भारी वाहनों के लिए अलग रूट व समय निर्धारण नहीं।
- ट्रैफिक नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं।
-एंबुलेंस और मरीजों की आवाजाही को वैकल्पिक प्रबंध नहीं।

फाजिलनगर में जाम में फंसी पश्चिम चंपारण नंबर की एंबुलेंस।संवाद