फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   toilet was not in district hospital

जिला अस्पताल में सुलभ शौचालय का अभाव, परेशानी

Fri, 29 Oct 2021 11:12 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 11:12 PM IST
विज्ञापन
toilet was not in district hospital
जिला अस्पताल में सुलभ शौचालय का अभाव, परेशानी
विज्ञापन

इमरजेंसी, ओपीडी, पोस्टमार्टम सहित अन्य जरूरतों से हर दिन आते हैं करीब पांच सौ लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में सुलभ शौचालय नहीं है। ऐसी दशा में मरीजों को लेकर आए लोगों को काफी परेशानी होती है। फिर चाहे वह इमरजेंसी कक्ष एवं ओपीडी वाले मरीज हों अथवा पोस्टमार्टम के सिलसिले में आए लोग हों। कलेक्ट्रेट परिसर में शौचालय है, लेकिन दफ्तर के अंदर का फाटक खुला होने पर ही लोग जा पाते हैं। जिला अस्पताल के इर्द-गिर्द अन्य कोई दूसरा सुलभ शौचालय न होने की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ता है। हालांकि इनडोर मरीजों के लिए राहत यह है कि उन वार्डों के साथ अटैच शौचालय उपलब्ध है।
जनपद मुख्यालय शहर से पांच किलोमीटर दूरी पर है, जहां जिला अस्पताल स्थित है। ज्यादातर लोग शाम पांच बजे के बाद अपने घरों को चले जाते हैं, इसके बाद यहां सन्नाटा हो जाता है। जिला अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा से लेकर ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से लोग आते हैं। परिसर में ही पोस्टमार्टम हाउस है, जहां दुर्घटना, हत्या, मारपीट या अन्य कारणों से स्वजनों की मौत पर पोस्टमार्टम के लिए भी लोग आते हैं। इसके साथ-साथ जिला अस्पताल में पीआईसीयू, एसएनसीयू, एआरटी सेंटर आदि भी है। जहां भर्ती मरीजों से मिलने के लिए लोग आते हैं। इस तरह औसतन लगभग 500 लोगों का हर दिन जिला अस्पताल में आना-जाना होता है, लेकिन अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय न होने के कारण लोगों को असुविधा होती है।
विज्ञापन

शुक्रवार को जिला अस्पताल में मिले पडरौना निवासी अधिवक्ता प्रेम प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिला अस्पताल में भी सुलभ शौचालय होना चाहिए। ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिवक्ता राजीव शुक्ला का कहना था कि जिला अस्पताल में जिस तरह भीड़ होती है, उस हिसाब से सुलभ शौचालय होना चाहिए। क्योंकि अस्पताल के बाहर भी सुलभ शौचालय नहीं है।
बिहार के तमकुहवा से दवा कराने आए विशुनी ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में बाहर से आए लोगों के लिए कहीं मूत्रालय, शौचालय या स्नान घर नहीं है। यहां सुलभ शौचालय होना चाहिए।
कसया क्षेत्र के बहोरापुर से आए सुमेर प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में हर जगह भीड़ लगी रहती है। यदि यहां सुलभ शौचालय बन जाए तो यहां आने वाले लोगों को ऐसे जरूरी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

00000
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय नहीं है। मेडिकल कॉलेज बन रहा है। हो सकता है कि उनके नक्शे में सुलभ शौचालय शामिल हो। इस बारे में कार्यदायी संस्था से बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती इनडोर मरीजों के लिए अंदर प्रत्येक वार्ड में शौचालय की व्यवस्था है। चिकित्सकीय स्टाफ के लिए भी अलग शौचालय उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed