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Kushinagar News: थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने महापरिनिर्वाण मंदिर में की पूजा
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कुशीनगर रामाभार स्तूप पर बुद्ध वंदना करते थाई श्रद्धालु।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने महापरिनिर्वाण मंदिर में की पूजा
- बौद्ध श्रद्धालुओं ने रामाभार स्तूप की परिक्रमा भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। थाईलैंड से आए 180 सदस्यीय बौद्ध श्रद्धालुओं के दल ने कुशीनगर स्थित महापरिनिर्वाण मंदिर, माथा कुंवर मंदिर और बुद्धा घाट के समीप स्थित मुकुट बंधन चैत्य (रामाभार स्तूप) की विधि विधान से पूजा की। रामाभार स्तूप की परिक्रमा कर कोरोना संकट से मुक्ति और विश्व कल्याण की तथागत से प्रार्थना की।
सोमवार की देर शाम बनारस से आए थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने थाई टेंपल कुशीनगर के जनरल सेक्रेटरी भंते डॉ. पी खोम सांग के निर्देशन में थाई राजा, संघ राजा और थाई राजकुमारी के दुर्घायु और सुख के लिए विधि विधान से विशेष पूजन अर्चन किया और चैत्य की परिक्रमा की।
इसके बाद भिक्षुओं और स्थानीय लोगों को दान दिया। मान्यता है कि बुद्ध का अंतिम संस्कार इसी स्थल पर उनके प्रिय शिष्यों ने किया था। भंते डॉ. पी खोम सांग ने कहा कि बुद्ध का बताया दया, शांति और करुणा का मार्ग उत्तम है। इसी से विश्व कल्याण होगा।
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यह दल बुधवार को लुंबिनी के लिए रवाना हो जाएगा। इस दौरान थाई मंदिर के भंते पी नरोंग, भंते पी किती फान, भंते पी दम, भंते अचान पविंग, संजय कुमार, मुकेश, अंबिकेश त्रिपाठी, ओमप्रकाश कुशवाहा, संदीप आदि मौजूद रहे।
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- बौद्ध श्रद्धालुओं ने रामाभार स्तूप की परिक्रमा भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। थाईलैंड से आए 180 सदस्यीय बौद्ध श्रद्धालुओं के दल ने कुशीनगर स्थित महापरिनिर्वाण मंदिर, माथा कुंवर मंदिर और बुद्धा घाट के समीप स्थित मुकुट बंधन चैत्य (रामाभार स्तूप) की विधि विधान से पूजा की। रामाभार स्तूप की परिक्रमा कर कोरोना संकट से मुक्ति और विश्व कल्याण की तथागत से प्रार्थना की।
सोमवार की देर शाम बनारस से आए थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने थाई टेंपल कुशीनगर के जनरल सेक्रेटरी भंते डॉ. पी खोम सांग के निर्देशन में थाई राजा, संघ राजा और थाई राजकुमारी के दुर्घायु और सुख के लिए विधि विधान से विशेष पूजन अर्चन किया और चैत्य की परिक्रमा की।
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इसके बाद भिक्षुओं और स्थानीय लोगों को दान दिया। मान्यता है कि बुद्ध का अंतिम संस्कार इसी स्थल पर उनके प्रिय शिष्यों ने किया था। भंते डॉ. पी खोम सांग ने कहा कि बुद्ध का बताया दया, शांति और करुणा का मार्ग उत्तम है। इसी से विश्व कल्याण होगा।
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यह दल बुधवार को लुंबिनी के लिए रवाना हो जाएगा। इस दौरान थाई मंदिर के भंते पी नरोंग, भंते पी किती फान, भंते पी दम, भंते अचान पविंग, संजय कुमार, मुकेश, अंबिकेश त्रिपाठी, ओमप्रकाश कुशवाहा, संदीप आदि मौजूद रहे।