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Kushinagar News: एंबुलेंस नहीं आ सकी...बीमार महिला को 2 किमी चारपाई पर लेकर गए घरवाले- रास्ते में मौत

Sun, 08 Jun 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 08 Jun 2025 12:37 AM IST
सार

गांव की सविता देवी ने बताया कि प्रभावती पत्नी रामप्रसाद निषाद दोपहर तक खेत में काम करके वापस आई थीं। घर आने के बाद हैंडपंप पर हाथ धो रही थीं कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और बेहोश होकर गिर पड़ीं। गांव की रूखी देवी का कहना है कि गांव में आने जाने के लिए कच्ची सड़क है।

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There was no way for the ambulance to reach, family members carried sick woman on a cot for 2 kilometers
बीमार महिला को खाट पर लादकर इलाज के लिए ले जाते घरवाले - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

थानाक्षेत्र के पिपराघाट देवनारायण टोला में एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके चलते इसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। शनिवार को सोशल मीडिया पर बीमार महिला को चारपाई पर लिटाकर इलाज के लिए लेकर जाते हुए वीडियो वायरल होने लगा।

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इसमें बताया गया कि रास्ता नहीं होने से महिला को समय से इलाज नहीं मिल पाया और इसकी जान चली गई, लेकिन घर वाले कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं। वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। सेवरही थाना क्षेत्र के पिपराघाट चौकी के पिपराघाट देवनारायण टोला में गांव की प्रभावति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 

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वह अचेत होकर गिर पड़ी। रास्ता नहीं होने के कारण घर वाले आनन फानन में चारपाई पर लेटाकर उसे करीब दो किमी दूर पर मुख्य मार्ग पर ले गए। वहां से निजी सवारी से सीएचसी पर ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह मामला 4 जून का बताया जा रहा है। परिवारी जनों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया।

गांव की सविता देवी ने बताया कि प्रभावती पत्नी रामप्रसाद निषाद दोपहर तक खेत में काम करके वापस आई थीं। घर आने के बाद हैंडपंप पर हाथ धो रही थीं कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और बेहोश होकर गिर पड़ीं। गांव की रूखी देवी का कहना है कि गांव में आने जाने के लिए कच्ची सड़क है।
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इस पर वाहन के आने जाने में दिक्कत होती है। सवारी के अभाव में परिवार वाले गांव वालों के सहयोग से चारपाई पर लेटाकर लगभग दो किलोमीटर मुख्य मार्ग तक ले गए, जहां से निजी साधन से सीएचसी सेवरही लेकर गए। गांव के उपेंद्र यादव बताया कि सड़क का विवाद वर्षों से चला आ रहा है।

बरसात के दिनों में पैदल आना जाना दुश्वार भी हो जाता है। सड़क के लिए शासन प्रशासन से लगातार मांग की जाती रही है। मदन यादव बताते हैं जो सड़क वर्तमान में चल रही है वह कुछ लोगों के निजी जमीन में चल रहा है। ये लोग पक्की सड़क बनने नहीं देते हैं। उन लोगों का कहना है कि सरकार पहले मुआवजा दे, उसके बाद सड़क बनेगी।
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