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Kushinagar News: विद्यालय में न तो वार्डन और न ही रसोईया
Tue, 16 Sep 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:41 AM IST
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पडरौना। हाटा के संस्कृत विद्या प्रबोधिनी महाविद्यालय में छात्र कृष्णा की हत्या के बाद डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता ने विद्यालय की जांच की। जांच में वार्डन और रसोईया की तैनात नहीं मिली। इसके अलावा कई और अनियमितता मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए उन्होंने प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
पाठशाला में नामांकित छात्रों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी में डीआईओएस 12 सितंबर को जांच करने पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व संस्थापक प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय का स्थायी निवास विद्यालय परिसर में मिला। प्रबंधक के निर्देश पर छात्रावास की पूरी व्यवस्था पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय ही करते थे। जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व प्रधानाचार्य और उनके पुत्र को पूछताछ के लिए कोतवाली हाटा में बैठाया था। डीआईओएस ने बताया कि जांच में पाया गया कि छात्रावास में निवास करने वाले कुल 24 छात्रों की देखभाल के लिए प्रबंधक ने किसी भी शिक्षक, वार्डन को नामित नहीं किया था। छात्रावास में भोजन बनाने के लिए भी रसोईया की नियुक्ति नहीं थी। वहां रहने वाले छात्र स्वयं भी अपना भोजन पकाते थे।
उन्होंने मौजूद छात्र और अभिभावकों से इसके बारे में जानकारी ली तो किसी ने भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरा भी संचालित नहीं था। छात्रावास में रह रहे छात्रों के लिए न तो छात्र विवरण पंजिका थी और न ही आने-जाने संबंधी पंजिका थी। इसके अलावा सुसंगत अभिलेख भी नहीं मिले। डीआईओएस ने बताया कि जांच के दौरान प्रधानाचार्य की तरफ से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने में अनियमितता मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए पाठशाला के प्रबंधक को पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय के विद्यालय परिसर स्थित आवास को तत्काल खाली कराने को कहा गया है। इसके अलावा अनियमितता के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य अवधेश कुमार दूबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के लिए प्रबंधक को निर्देश दिया गया है।
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पाठशाला में नामांकित छात्रों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी में डीआईओएस 12 सितंबर को जांच करने पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व संस्थापक प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय का स्थायी निवास विद्यालय परिसर में मिला। प्रबंधक के निर्देश पर छात्रावास की पूरी व्यवस्था पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय ही करते थे। जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व प्रधानाचार्य और उनके पुत्र को पूछताछ के लिए कोतवाली हाटा में बैठाया था। डीआईओएस ने बताया कि जांच में पाया गया कि छात्रावास में निवास करने वाले कुल 24 छात्रों की देखभाल के लिए प्रबंधक ने किसी भी शिक्षक, वार्डन को नामित नहीं किया था। छात्रावास में भोजन बनाने के लिए भी रसोईया की नियुक्ति नहीं थी। वहां रहने वाले छात्र स्वयं भी अपना भोजन पकाते थे।
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उन्होंने मौजूद छात्र और अभिभावकों से इसके बारे में जानकारी ली तो किसी ने भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरा भी संचालित नहीं था। छात्रावास में रह रहे छात्रों के लिए न तो छात्र विवरण पंजिका थी और न ही आने-जाने संबंधी पंजिका थी। इसके अलावा सुसंगत अभिलेख भी नहीं मिले। डीआईओएस ने बताया कि जांच के दौरान प्रधानाचार्य की तरफ से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने में अनियमितता मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए पाठशाला के प्रबंधक को पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पांडेय के विद्यालय परिसर स्थित आवास को तत्काल खाली कराने को कहा गया है। इसके अलावा अनियमितता के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही कार्यवाहक प्रधानाचार्य अवधेश कुमार दूबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के लिए प्रबंधक को निर्देश दिया गया है।
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