{"_id":"68aa11276f2eda5be10d23e8","slug":"the-villagers-chased-away-the-workers-who-had-come-to-open-the-pontoon-bridge-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-143923-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पीपा पुल खोलने पहुंचे मजदूरों को ग्रामीणों ने खदेड़ कर भगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पीपा पुल खोलने पहुंचे मजदूरों को ग्रामीणों ने खदेड़ कर भगाया
विज्ञापन
गोलाघाट में क्षतिग्रस्त पीपा के पुल के मरम्मत की मांग करते लोग।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गोलाघाट में बांसी नदी में बना पीपे का पुल 90 प्रतिशत सही हालत में है, जबकि इसकी पांच-सात मीटर किनारे की एप्रोच और एक पीपा क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उसकी मरम्मत कराए जाने के बजाय प्रशासन शुक्रवार को पुल खोलने पहुंच गया। यह देख ग्रामीण नाराज हो गए और मजदूरों को खदेड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी भी सामान्य है। ऐसे में पीपा पुल खोला जाता है तो सैकड़ों छात्रों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से पुल खोले जाने के बजाय उसकी मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
सेवरही विकास खंड के पिपराघाट एहतमाली ग्राम सभा के गोलाघाट में बांसी नदी पर 2012 में पीडब्लूडी की ओर पीपे के पुल का निर्माण कराया गया था। उसके पहले लोग छोटी नाव से नदी पार करते थे। आज भी राजपुर बगहा, राजपुर खाश, गोलाघाट, तीनटोलिया, इमिलिया टोला, जोगनी, बुटन टोला, प्रभुनाथ चौराहा, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा, नौका टोला, नरवा जोत सहित कई गांवों के लोगों के लिए यह पुल आवाजाही का एक मात्र साधन है।
विज्ञापन
क्षेत्र के राजकिशोर निरंकारी,सरल शर्मा, ध्रुव निषाद, मोहन यादव, संतोष मुसहर, सुभाष गुप्ता, वीरेंद्र यादव, सुरेंद्र शर्मा आदि ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराकर उस पर आवागमन बहाल किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
तमकुहीरोड। गोलाघाट में बांसी नदी में बना पीपे का पुल 90 प्रतिशत सही हालत में है, जबकि इसकी पांच-सात मीटर किनारे की एप्रोच और एक पीपा क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उसकी मरम्मत कराए जाने के बजाय प्रशासन शुक्रवार को पुल खोलने पहुंच गया। यह देख ग्रामीण नाराज हो गए और मजदूरों को खदेड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी भी सामान्य है। ऐसे में पीपा पुल खोला जाता है तो सैकड़ों छात्रों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से पुल खोले जाने के बजाय उसकी मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
सेवरही विकास खंड के पिपराघाट एहतमाली ग्राम सभा के गोलाघाट में बांसी नदी पर 2012 में पीडब्लूडी की ओर पीपे के पुल का निर्माण कराया गया था। उसके पहले लोग छोटी नाव से नदी पार करते थे। आज भी राजपुर बगहा, राजपुर खाश, गोलाघाट, तीनटोलिया, इमिलिया टोला, जोगनी, बुटन टोला, प्रभुनाथ चौराहा, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा, नौका टोला, नरवा जोत सहित कई गांवों के लोगों के लिए यह पुल आवाजाही का एक मात्र साधन है।
विज्ञापन
क्षेत्र के राजकिशोर निरंकारी,सरल शर्मा, ध्रुव निषाद, मोहन यादव, संतोष मुसहर, सुभाष गुप्ता, वीरेंद्र यादव, सुरेंद्र शर्मा आदि ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराकर उस पर आवागमन बहाल किए जाने की मांग की है।