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Kushinagar News: रफ्तार ऐसी कि संभलने का मौका नहीं मिला, नशे में था बस चालक
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रफ्तार इतनी तेज कि संभलने का मौका तक नहीं मिला, दुकानदारों और घायलों ने सुनाई हादसे की दहशतभरी कहानी
नशे में था अनुबंधित बस का चालक, एआरएम ने अनुबंध समाप्त करने के लिए आरएम को लिखा पत्र
पडरौना। शहर में मंगलवार शाम नशे में धुत चालक की तेज रफ्तार अनुबंधित बस बेकाबू होने से 18 लोगों को कुचल दिया। बस ने गंडक नहर पुल के पास खड़े ई-रिक्शा और गायत्री नगर में टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे में 17 लोग घायल हो गए जबकि एक महिला की मौत हो गई। मामले में रोडवेज प्रशासन ने बस का अनुबंध समाप्त करने के लिए आरएम को पत्र लिखा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कसया थाना क्षेत्र के झुंगवा गांव निवासी अजित विश्वकर्मा पडरौना रोडवेज की अुनबंधित बस को लेकर शहर के बस स्टेशन से शाम करीब 7.20 बजे कसया जाने के लिए निकला। अभी वह शहर के गंडक नहर पुल के पास सड़क किनारे खड़े एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। करीब 20 मीटर पर तैनात यातायात पुलिस के दीवान और होमगार्ड घटना देख जब तक सक्रिय हुए, तब तक चालक बस लेकर करीब 100 मीटर आगे निकल गया।
प्रभारी निरीक्षक टीएसआई रमेश कुमार यादव ने बताया कि गंडक नहर पर तैनात यातायात पुलिस के दीवान आदित्य कुमार और वहां तैनात होमगार्ड विनोद यादव, सुरेंद्र मद्धेशिया, विजय कुमार ने अपने-अपने मोबाइल से छावनी में तैनात यातायात सिपाही दिनेश शर्मा और रविंद्रनगर स्थित सरस्वती चौक के चेक पोस्ट पर तैनात टीएसएआई मदन राम और अन्य उच्चाधिकारियों को घटना की खबर दी।
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उन्होंने बताया कि छावनी स्थित कुबेरस्थान मोड़ पर तैनात यातायात सिपाही दिनेश शर्मा से अभी घटना के संबंध में बात चल ही रही थी, तब बस गायत्री नगर स्थित पेट्रोलपंप के पास एक टेंपो को टक्कर मारते हुए तहसील कार्यालय से आगे बढ़ गई। उन्होंने बताया कि चालक को रविंद्रनगर पुलिस की हिरासत में चालक की ब्रेथ एनलॉइजर से जांच की गई तो एनलॉइजर मशीन उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की गति इतनी तेज थी कि किसी को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला।
पडरौना डिपो की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, अनुबंधित बस के चालक राजेश्वर कुमार ने परिवार में किसी की बीमारी का हवाला देकर दोपहर में ही बस की चाबी परिचालक अनूप कुशवाहा को सौंप दी थी। चालक के चले जाने पर बस के परिचालक ने बस की चाबी बस मालिक आर्या चंद्रा को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। इसके बाद बस मालिक के कहने पर दूसरे चालक अजीत विश्वकर्मा बस लेकर कसया जा रहा था।
स्पीकअप
शाम करीब 7:30 बजे एक ग्राहक को सेब देने के लिए वजन कर रहा था। इसी दौरान बस पलक झपकते ही आगे निकल गई। जब तक लोग माजरा समझ पाते, तब तक बस सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गया।
- कासिम अली, दुकानदार।
रात होने के चलते ग्राहक कम हो गए थे। दुकान बढ़ाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक बस ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। घटना के बाद नहर पर तैनात यातायात पुलिस कर्मी दौड़े लेकिन तब तक बस काफी आगे चली गई थी।
- राजेंद्र गुप्ता, दुकानदार।
किसी काम से बाजार गया था। वहां से जैसे ही दुकान के सामने बाइक खड़ी की वैसे ही तेज गति की आवाज सुनीं। पीछे मुड़कर देख तो एक तेज बस आगे जा रही है, बस के करीब 50 मीटर पीछे टेंपो क्षतिग्रस्त हो गई है और उसमें सवार घायल हैं।
- अमित बगाड़िया, दुकानदार।
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अनियंत्रित बस को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो वह मौत बनकर सामने बढ़ रही हो। डर के मारे बस को रोकने की हिम्मत कोई नहीं कर रहा था। किसी तरह जान बच गई।
- अनुष्का (घायल,), परसौना।
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बाजार में खरीदारी करने आए थे। खरीदारी करने के बाद बाइक से घर जा रहे थे। अभी छावनी पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रही अनियंत्रित बस की चपेट में आकर सड़क पर गिर गए। गनीमत रही कि सड़क की बाईं तरफ गिरे, यदि दाईं तरफ गिरे होते तो बस कुचल दी होती।
- अरविंद मिश्र (घायल), लक्ष्मीपुर महांथ।
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शहर में एक दुकान पर काम करता हूं। वहां से घर जा रहा था। अभी गांव के पास मंदिर के सामने पहुंचे ही था कि अनियंत्रित बस की चपेट में आकर घायल हो गया। बस की गति काफी तेज थी। हादसे में किसी तरह से जान बच गई।
- घायल, अलाउद्दीन, निवासी, सोहरौना।
नशे में था चालक, अनुबंध खत्म करने की संस्तुति
मंगलवार की रात हुए हादसे के मामले में रोडवेज प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि बस का अनुबंध समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम), गोरखपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि हादसे के समय चालक नशे में था। ऐसे में अनुबंधित बस के संचालन की जिम्मेदारी को लेकर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की गई है। बस मालिक को भी नोटिस देकर बिना निगम की अनुमति से दूसरे बस चालक को बस की चाबी क्यों दी गई। इसके संबंध में जवाब मांगा गया है।
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नशे में था अनुबंधित बस का चालक, एआरएम ने अनुबंध समाप्त करने के लिए आरएम को लिखा पत्र
पडरौना। शहर में मंगलवार शाम नशे में धुत चालक की तेज रफ्तार अनुबंधित बस बेकाबू होने से 18 लोगों को कुचल दिया। बस ने गंडक नहर पुल के पास खड़े ई-रिक्शा और गायत्री नगर में टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे में 17 लोग घायल हो गए जबकि एक महिला की मौत हो गई। मामले में रोडवेज प्रशासन ने बस का अनुबंध समाप्त करने के लिए आरएम को पत्र लिखा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कसया थाना क्षेत्र के झुंगवा गांव निवासी अजित विश्वकर्मा पडरौना रोडवेज की अुनबंधित बस को लेकर शहर के बस स्टेशन से शाम करीब 7.20 बजे कसया जाने के लिए निकला। अभी वह शहर के गंडक नहर पुल के पास सड़क किनारे खड़े एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। करीब 20 मीटर पर तैनात यातायात पुलिस के दीवान और होमगार्ड घटना देख जब तक सक्रिय हुए, तब तक चालक बस लेकर करीब 100 मीटर आगे निकल गया।
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प्रभारी निरीक्षक टीएसआई रमेश कुमार यादव ने बताया कि गंडक नहर पर तैनात यातायात पुलिस के दीवान आदित्य कुमार और वहां तैनात होमगार्ड विनोद यादव, सुरेंद्र मद्धेशिया, विजय कुमार ने अपने-अपने मोबाइल से छावनी में तैनात यातायात सिपाही दिनेश शर्मा और रविंद्रनगर स्थित सरस्वती चौक के चेक पोस्ट पर तैनात टीएसएआई मदन राम और अन्य उच्चाधिकारियों को घटना की खबर दी।
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उन्होंने बताया कि छावनी स्थित कुबेरस्थान मोड़ पर तैनात यातायात सिपाही दिनेश शर्मा से अभी घटना के संबंध में बात चल ही रही थी, तब बस गायत्री नगर स्थित पेट्रोलपंप के पास एक टेंपो को टक्कर मारते हुए तहसील कार्यालय से आगे बढ़ गई। उन्होंने बताया कि चालक को रविंद्रनगर पुलिस की हिरासत में चालक की ब्रेथ एनलॉइजर से जांच की गई तो एनलॉइजर मशीन उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की गति इतनी तेज थी कि किसी को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला।
पडरौना डिपो की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, अनुबंधित बस के चालक राजेश्वर कुमार ने परिवार में किसी की बीमारी का हवाला देकर दोपहर में ही बस की चाबी परिचालक अनूप कुशवाहा को सौंप दी थी। चालक के चले जाने पर बस के परिचालक ने बस की चाबी बस मालिक आर्या चंद्रा को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। इसके बाद बस मालिक के कहने पर दूसरे चालक अजीत विश्वकर्मा बस लेकर कसया जा रहा था।
स्पीकअप
शाम करीब 7:30 बजे एक ग्राहक को सेब देने के लिए वजन कर रहा था। इसी दौरान बस पलक झपकते ही आगे निकल गई। जब तक लोग माजरा समझ पाते, तब तक बस सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गया।
- कासिम अली, दुकानदार।
रात होने के चलते ग्राहक कम हो गए थे। दुकान बढ़ाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक बस ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। घटना के बाद नहर पर तैनात यातायात पुलिस कर्मी दौड़े लेकिन तब तक बस काफी आगे चली गई थी।
- राजेंद्र गुप्ता, दुकानदार।
किसी काम से बाजार गया था। वहां से जैसे ही दुकान के सामने बाइक खड़ी की वैसे ही तेज गति की आवाज सुनीं। पीछे मुड़कर देख तो एक तेज बस आगे जा रही है, बस के करीब 50 मीटर पीछे टेंपो क्षतिग्रस्त हो गई है और उसमें सवार घायल हैं।
- अमित बगाड़िया, दुकानदार।
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अनियंत्रित बस को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो वह मौत बनकर सामने बढ़ रही हो। डर के मारे बस को रोकने की हिम्मत कोई नहीं कर रहा था। किसी तरह जान बच गई।
- अनुष्का (घायल,), परसौना।
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बाजार में खरीदारी करने आए थे। खरीदारी करने के बाद बाइक से घर जा रहे थे। अभी छावनी पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रही अनियंत्रित बस की चपेट में आकर सड़क पर गिर गए। गनीमत रही कि सड़क की बाईं तरफ गिरे, यदि दाईं तरफ गिरे होते तो बस कुचल दी होती।
- अरविंद मिश्र (घायल), लक्ष्मीपुर महांथ।
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शहर में एक दुकान पर काम करता हूं। वहां से घर जा रहा था। अभी गांव के पास मंदिर के सामने पहुंचे ही था कि अनियंत्रित बस की चपेट में आकर घायल हो गया। बस की गति काफी तेज थी। हादसे में किसी तरह से जान बच गई।
- घायल, अलाउद्दीन, निवासी, सोहरौना।
नशे में था चालक, अनुबंध खत्म करने की संस्तुति
मंगलवार की रात हुए हादसे के मामले में रोडवेज प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने बताया कि बस का अनुबंध समाप्त करने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम), गोरखपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि हादसे के समय चालक नशे में था। ऐसे में अनुबंधित बस के संचालन की जिम्मेदारी को लेकर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की गई है। बस मालिक को भी नोटिस देकर बिना निगम की अनुमति से दूसरे बस चालक को बस की चाबी क्यों दी गई। इसके संबंध में जवाब मांगा गया है।