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Kushinagar News: रुक-रुक कर हो रही बारिश, 40 फीसदी किसानों की अटकी सांस
Sat, 19 Apr 2025 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:23 AM IST
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पडरौना। बीते दस अप्रैल से तेज हवा के साथ जिले के अलग-अलग स्थानों पर हो रही रुक-रुक कर बारिश के चलते किसानों की सांस अटकी है। अभी भी जिले के करीब 40 फीसदी किसानों ने गेहूं की कटाई और मढ़ाई नहीं की है। हालांकि, गनीमत है कि बारिश होने के अगले दिन ही धूप निकल जाने से खेत में खड़ी फसलों के खराब होने की आशंका कम है।
जनपद में 1.14 हेक्टेयर भूमि पर इस वर्ष गेहूं की बुवाई की गई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले के करीब 60 फीसदी किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई और मढ़ाई कर ली है, लेकिन अभी करीब 40 फीसदी किसानों की गेहूं की फसल खेत में है। उधर, बीते दस अप्रैल से ही एक से दो दिन पर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तेज गति से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। गनीमत यह है कि बारिश के अगले दिन धूप निकल जाने से किसानों को कुछ राहत मिल जा रही है।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिन तेज हवा के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने के बाद धूप होने से खेत में खड़ी फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं की फसल काटकर खलिहान में रखी है, वह यदि बारिश में भीग जाए तो उसके दाने काले पड़ जाएंगे। काले पड़े गेहूं के दाने की बिक्री करने पर उसका रेट कम मिलता है। इसके अलावा उसकी रोटी भी सही नहीं होती है।
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ऐसे में किसानों की सांस अटकी रह रही है। मकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र के किसान गन्ने के बाद सबसे अधिक गेहूं की खेती करते हैं। इस समय जंगली पट्टी, पिपराघाट, सुमही संतपट्टी, राजपुर खाश, दवनहा, गौरी नगर, डोमाठ, घघवा जगदीश, जवही दयाल, तिवारी पट्टी, गौराहा, भावपुर, परसा उर्फ सीरिसिया आदि गांव में गेहूं की तैयार फसल खड़ी है। कटाई का काम शुरू तो हुआ है, विलंब से गेहूं की बुआई होने के कारण अभी भी गेंहू की कटाई 60 से 70 प्रतिशत बाकी है।
मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिन तक आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस चेतावनी ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के मथुरा सिंह, सुरेंद्र यादव, सत्यदेव चौहान, ध्रुव निषाद, मनोज गुप्ता आदि किसानों का कहना है कि खेत में पक कर तैयार गेहूं की फसल यदि बारिश में भीग जाए तो खराब हो जाएगी। ा
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जनपद में 1.14 हेक्टेयर भूमि पर इस वर्ष गेहूं की बुवाई की गई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले के करीब 60 फीसदी किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई और मढ़ाई कर ली है, लेकिन अभी करीब 40 फीसदी किसानों की गेहूं की फसल खेत में है। उधर, बीते दस अप्रैल से ही एक से दो दिन पर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तेज गति से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। गनीमत यह है कि बारिश के अगले दिन धूप निकल जाने से किसानों को कुछ राहत मिल जा रही है।
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मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिन तेज हवा के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश होने के बाद धूप होने से खेत में खड़ी फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं की फसल काटकर खलिहान में रखी है, वह यदि बारिश में भीग जाए तो उसके दाने काले पड़ जाएंगे। काले पड़े गेहूं के दाने की बिक्री करने पर उसका रेट कम मिलता है। इसके अलावा उसकी रोटी भी सही नहीं होती है।
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ऐसे में किसानों की सांस अटकी रह रही है। मकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, सेवरही क्षेत्र के किसान गन्ने के बाद सबसे अधिक गेहूं की खेती करते हैं। इस समय जंगली पट्टी, पिपराघाट, सुमही संतपट्टी, राजपुर खाश, दवनहा, गौरी नगर, डोमाठ, घघवा जगदीश, जवही दयाल, तिवारी पट्टी, गौराहा, भावपुर, परसा उर्फ सीरिसिया आदि गांव में गेहूं की तैयार फसल खड़ी है। कटाई का काम शुरू तो हुआ है, विलंब से गेहूं की बुआई होने के कारण अभी भी गेंहू की कटाई 60 से 70 प्रतिशत बाकी है।
मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिन तक आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस चेतावनी ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के मथुरा सिंह, सुरेंद्र यादव, सत्यदेव चौहान, ध्रुव निषाद, मनोज गुप्ता आदि किसानों का कहना है कि खेत में पक कर तैयार गेहूं की फसल यदि बारिश में भीग जाए तो खराब हो जाएगी। ा