{"_id":"573cafa44f1c1b7406ac73eb","slug":"the-mid-day-meal-off-controversy","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाद के कारण मिड-डे मील बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद के कारण मिड-डे मील बंद
कुशीनगर
Updated Wed, 18 May 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
मिड-डे-मील
- फोटो : FILE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छितौनी। शिक्षकों और ग्राम प्रधान के बीच शुरू हुए विवाद के चलते खड्डा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पथलहवा बैरा टोले में एक पखवारे से मिड-डे मील नहीं बन रहा है। शिक्षक जहां ग्राम प्रधान पर कमीशन मांगने का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं ग्राम प्रधान ने वहां तैनात शिक्षिका पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
खड्डा ब्लॉक के ग्रामसभा बुलहवां स्थित प्राथमिक विद्यालय पथलहवा बैरा टोले में 154 बच्चों का नामांकन हुआ है। औसतन 85 से 90 बच्चे प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं। दो मई को यहां कन्वर्जन कास्ट के चेक पर हस्ताक्षर को लेकर ग्राम प्रधान और अध्यापकों के बीच विवाद शुरू हो गया।
विद्यालय के हेडमास्टर ने एक अध्यापिका को अप्रैल माह के मिड-डे मील के परिवर्तन लागत (7810 रुपये) के चेक पर हस्ताक्षर के लिए ग्राम प्रधान उर्मिला देवी के पास भेजा था। परंतु ग्राम प्रधान ने चेक पर हस्ताक्षर नहीं किया। इसके चलते अगले दिन से ही अध्यापकों ने स्कूल में मिड-डे मील बनवाना बंद कर दिया। प्रधानाध्यापक पंकज सिंह का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने चेक पर हस्ताक्षर के लिए कमीशन मांगा।
विज्ञापन
कमीशन नहीं देने पर चेक पर हस्ताक्षर नहीं किया। पैसों के अभाव में स्कूल पर मिड-डे मील नहीं बन रहा है। हेडमास्टर के अनुसार बीईओ को प्रकरण की लिखित सूचना दे दी गई है। वहीं ग्राम प्रधान उर्मिला देवी का कहना है कि चेक पर हस्ताक्षर कराने आई अध्यापिका ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
इसलिए उन्होंने चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए। कमीशन मांगने का आरोप निराधार है। फिलहाल शिक्षकों और ग्राम प्रधान के बीच एक पखवारे से चल रहे इस विवाद का नुकसान यहां पढ़ने आने वाले बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
तीन मई से ही बच्चे दोपहर में बिना भोजन किए ही वापस घर लौट रहे हैं। इस संबंध में बीईओ खड्डा महेंद्र प्रसाद का कहना है कि ग्राम प्रधान को नोटिस देते हुये कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
खड्डा ब्लॉक के ग्रामसभा बुलहवां स्थित प्राथमिक विद्यालय पथलहवा बैरा टोले में 154 बच्चों का नामांकन हुआ है। औसतन 85 से 90 बच्चे प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं। दो मई को यहां कन्वर्जन कास्ट के चेक पर हस्ताक्षर को लेकर ग्राम प्रधान और अध्यापकों के बीच विवाद शुरू हो गया।
विज्ञापन
विद्यालय के हेडमास्टर ने एक अध्यापिका को अप्रैल माह के मिड-डे मील के परिवर्तन लागत (7810 रुपये) के चेक पर हस्ताक्षर के लिए ग्राम प्रधान उर्मिला देवी के पास भेजा था। परंतु ग्राम प्रधान ने चेक पर हस्ताक्षर नहीं किया। इसके चलते अगले दिन से ही अध्यापकों ने स्कूल में मिड-डे मील बनवाना बंद कर दिया। प्रधानाध्यापक पंकज सिंह का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने चेक पर हस्ताक्षर के लिए कमीशन मांगा।
विज्ञापन
कमीशन नहीं देने पर चेक पर हस्ताक्षर नहीं किया। पैसों के अभाव में स्कूल पर मिड-डे मील नहीं बन रहा है। हेडमास्टर के अनुसार बीईओ को प्रकरण की लिखित सूचना दे दी गई है। वहीं ग्राम प्रधान उर्मिला देवी का कहना है कि चेक पर हस्ताक्षर कराने आई अध्यापिका ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
इसलिए उन्होंने चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए। कमीशन मांगने का आरोप निराधार है। फिलहाल शिक्षकों और ग्राम प्रधान के बीच एक पखवारे से चल रहे इस विवाद का नुकसान यहां पढ़ने आने वाले बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
तीन मई से ही बच्चे दोपहर में बिना भोजन किए ही वापस घर लौट रहे हैं। इस संबंध में बीईओ खड्डा महेंद्र प्रसाद का कहना है कि ग्राम प्रधान को नोटिस देते हुये कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।