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Kushinagar News: जारी रहेगी जांच...उत्तर पुस्तिका गायब होने के मामले में प्रधानाचार्य का तर्क खारिज
Sat, 19 Apr 2025 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:32 AM IST
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पडरौना। मूल्याकंन केंद्र पर जमा कराने जा रहे उत्तर पुस्तिका का बंडल में गिरने के मामले में हुई विभागीय जांच में प्रधानाचार्य के तर्क को डीआईओएस ने खारिज कर दिया। जांच के दौरान प्रधानाचार्य ने परिचारकों पर उत्तर पुस्तिका का बंडल बाइक पर ठीक से नहीं बांधने का तर्क दिया था।
इसे खारिज करते हुए डीआईओएस ने अधीनस्थों के प्रति शासकीय क्षमता शून्य मानते हुए उन्हें निलंबित कर विद्यालय के एक शिक्षक को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया है।
वर्ष 2025 की चल रही बोर्ड परीक्षा के दौरान बीते सात मार्च 2025 को हाईस्कूल की अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। इसमें परीक्षा केंद्र जनता इंटर काॅलेज, सोहसा मठिया में परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को उप संकलन केंद्र बुद्ध इंटर काॅलेज, कुशीनगर पर जमा कराने के लिए परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक/ कार्यवाहक प्रधानाचार्य कपिल देव प्रसाद स्वयं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल गिर गया।
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इस मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है। इस मामले में कार्यवाहक प्रधानाचार्य/केंद्र व्यवस्थापक की तरफ से विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई गई आख्या में उन्होंने बताया कि राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (आउटसोर्सिंग) कर्मचारी बाइक के एक तरफ रबर से बंडल बांधा गया था।
स्थाई परिचारक मिथिलेश कुमार की तरफ से दूसरी तरफ रबर बांधी। परिचारक मिथिलेश कुमार ने उत्तर पुस्तिका के बंडल को बोरी के अंदर उनके कहने पर भी नहीं रखा। बंडल को बोरी में लपेटकर बाइक के पिछली सीट पर रखकर एक तरफ बोरी को रबर से बांधा दिया। कोई भी परिचारक साथ चलने के लिए तैयार नहीं हुआ। बंडल बोरी के अंदर नहीं होने के कारण एवं रबर से ठीक से बंधे न होने के कारण सरक कर रास्ते में गिर गया। उनकी तरफ से दिए गए तर्क समझ से परे है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य/केन्द्र व्यवस्थापक की ओर से अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं करने और उनकी तरफ से दिया गया स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं माना है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य का अधीनस्थों के प्रति प्रशासकीय नेतृत्व क्षमता शून्य बताया है। गठित त्रिस्तरीय जांच समिति ने भी अपनी आख्या में यह भी स्पष्ट किया है कि कपिल देव प्रसाद प्रथम दृष्टया दोषी हैं।
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इसे खारिज करते हुए डीआईओएस ने अधीनस्थों के प्रति शासकीय क्षमता शून्य मानते हुए उन्हें निलंबित कर विद्यालय के एक शिक्षक को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया है।
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वर्ष 2025 की चल रही बोर्ड परीक्षा के दौरान बीते सात मार्च 2025 को हाईस्कूल की अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। इसमें परीक्षा केंद्र जनता इंटर काॅलेज, सोहसा मठिया में परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को उप संकलन केंद्र बुद्ध इंटर काॅलेज, कुशीनगर पर जमा कराने के लिए परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक/ कार्यवाहक प्रधानाचार्य कपिल देव प्रसाद स्वयं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल गिर गया।
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इस मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है। इस मामले में कार्यवाहक प्रधानाचार्य/केंद्र व्यवस्थापक की तरफ से विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई गई आख्या में उन्होंने बताया कि राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (आउटसोर्सिंग) कर्मचारी बाइक के एक तरफ रबर से बंडल बांधा गया था।
स्थाई परिचारक मिथिलेश कुमार की तरफ से दूसरी तरफ रबर बांधी। परिचारक मिथिलेश कुमार ने उत्तर पुस्तिका के बंडल को बोरी के अंदर उनके कहने पर भी नहीं रखा। बंडल को बोरी में लपेटकर बाइक के पिछली सीट पर रखकर एक तरफ बोरी को रबर से बांधा दिया। कोई भी परिचारक साथ चलने के लिए तैयार नहीं हुआ। बंडल बोरी के अंदर नहीं होने के कारण एवं रबर से ठीक से बंधे न होने के कारण सरक कर रास्ते में गिर गया। उनकी तरफ से दिए गए तर्क समझ से परे है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य/केन्द्र व्यवस्थापक की ओर से अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं करने और उनकी तरफ से दिया गया स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं माना है। डीआईओएस ने प्रधानाचार्य का अधीनस्थों के प्रति प्रशासकीय नेतृत्व क्षमता शून्य बताया है। गठित त्रिस्तरीय जांच समिति ने भी अपनी आख्या में यह भी स्पष्ट किया है कि कपिल देव प्रसाद प्रथम दृष्टया दोषी हैं।