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सीडीपीओ, बीडीओ, डीडीओ, डीपीओ सहित कई अधिकारी कर चुके है जांच
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एक वर्ष में भी पूरी नहीं हो सकी जांच
लेहनी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को तोड़वाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। ब्लॉक के लेहनी प्रथम गांव में पांच साल पहले बने आंगनबाड़ी भवन को जेसीबी से तोड़वाने की जांच एक वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाया। इस मामले में ग्राम प्रधान और सीडीपीओ ने एक-दूसरे पर भवन तोड़वाने का आरोप लगाया था और गांव के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद बीडीओ, सीडीपीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत कई अफसरों ने मौका मुआयना किया और अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही थी। इस मामले में डीडीओ ने भी जांचकर बंद लिफाफे में रिपोर्ट रख लिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि जिस आंगनबाड़ी केंद्र को जेसीबी से तोड़ा गया वह महज पांच वर्ष पहने ही बनकर तैयार हुआ था और पूरी तरह से ठीक हालत में था। इस मामले में ग्राम प्रधान और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने एक-दूसरे को दोषी बताकर पल्ला झाड़ लिया था। गांव से लेकर ब्लॉक और जिले स्तर के अधिकारियों ने जांच की। बीडीओ ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को देकर अपनी जिम्मेदारी को पूरी करने की बात कह रही हैं, लेकिन जांच में दोषी कौन है, इसका पता अब तक नहीं चल सका है। इस संबंध में सीडीपीओ अब्दुल क्यूम ने कहा कि पूरे प्रकरण में जांच हुई है। इस जांच में ग्राम प्रधान को दोषी मानते हुए जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान के खिलाफ हाटा कोतवाली में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
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लेहनी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को तोड़वाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। ब्लॉक के लेहनी प्रथम गांव में पांच साल पहले बने आंगनबाड़ी भवन को जेसीबी से तोड़वाने की जांच एक वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाया। इस मामले में ग्राम प्रधान और सीडीपीओ ने एक-दूसरे पर भवन तोड़वाने का आरोप लगाया था और गांव के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद बीडीओ, सीडीपीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत कई अफसरों ने मौका मुआयना किया और अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही थी। इस मामले में डीडीओ ने भी जांचकर बंद लिफाफे में रिपोर्ट रख लिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि जिस आंगनबाड़ी केंद्र को जेसीबी से तोड़ा गया वह महज पांच वर्ष पहने ही बनकर तैयार हुआ था और पूरी तरह से ठीक हालत में था। इस मामले में ग्राम प्रधान और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने एक-दूसरे को दोषी बताकर पल्ला झाड़ लिया था। गांव से लेकर ब्लॉक और जिले स्तर के अधिकारियों ने जांच की। बीडीओ ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को देकर अपनी जिम्मेदारी को पूरी करने की बात कह रही हैं, लेकिन जांच में दोषी कौन है, इसका पता अब तक नहीं चल सका है। इस संबंध में सीडीपीओ अब्दुल क्यूम ने कहा कि पूरे प्रकरण में जांच हुई है। इस जांच में ग्राम प्रधान को दोषी मानते हुए जांच अधिकारी ने ग्राम प्रधान के खिलाफ हाटा कोतवाली में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
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