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Kushinagar News: दोस्त ने ही की थी अस्पताल संचालक की हत्या
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कुशीनगर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनवीरपुर गांव निवासी अस्पताल संचालक गौस आलम की अस्पताल में ही उसके दोस्त अनमोल ने अपने दोस्त के साथ मिलकर सूजा और पेपर कटर से हत्या कर दी।
रात को कार से दोनों शव को लेकर गंडक नदी के किनारे ले जाकर फेंक दिया। गौस आलम के मोबाइल से अनमोल ने अपने मोबाइल पर मैसेज भेजा और मोबाइल, घटना में इस्तेमाल चीजों को गंडक नदी में फेंक दिया। अनमोल अपने मोबाइल का मैसेज दिखाकर परिजनों और पुलिस को गुमराह करता रहा।
सर्विलांस व साइबर टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण की मदद से घटना की तह में पहुंची और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गौस आलम के शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराएगी। इसके बाद ही नरकंकाल गौस आलम का है या नहीं इसकी पुष्टि होगी। बसहिया बनवीर गांव निवासी गौस आलम (26) गांव के अपने दोस्त अनमोल कुशवाहा के साथ मिलकर गांव के चौराहा पर निजी अस्पताल चलाते थे, 23 सितंबर को अपने अस्पताल से गायब हो गए।
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इसकी जानकारी होने के बाद परिजन परेशान थे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश करने लग गई। पुलिस ने पिता एजाजुल हक के तहरीर पर गुमशुदगी का मुकदमा हत्या में तब्दील कर मुख्य आरोपी अनमोल और उसके दोस्त राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। घटना का पर्दाफाश पुलिस ने शुक्रवार को कर दिया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अनमोल कुशवाहा ने बताया कि वह एवं मृतक गौस आलम मिलकर आस्था हॉस्पिटल, बसहिया बनवीरपुर संचालित करते थे। हिसाब-किताब में विवाद के कारण गौस आलम उसे पैसा हेरफेर का आरोप लगाकर दबाव बनाता और बेइज्जत करता था।
इससे परेशान होकर वह गौस आलम को रास्ते से हटाकर हॉस्पिटल हथियाना चाहता था। 23 सितंबर की रात हॉस्पिटल में अकेले में उसने पेपर कटर (सूजा) से गौस आलम के गले पर वार किया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने साथी राकेश यादव को बुलाया।
दोनों ने मिलकर शव को कार में रखकर सिसवा जंगल नहर के पास छिपाया। भ्रम फैलाने के लिए गौस आलम के मोबाइल से स्वयं को मैसेज भेजा और मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त सूजा को परसौनी कला नहर में फेंक दिया।
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रात को कार से दोनों शव को लेकर गंडक नदी के किनारे ले जाकर फेंक दिया। गौस आलम के मोबाइल से अनमोल ने अपने मोबाइल पर मैसेज भेजा और मोबाइल, घटना में इस्तेमाल चीजों को गंडक नदी में फेंक दिया। अनमोल अपने मोबाइल का मैसेज दिखाकर परिजनों और पुलिस को गुमराह करता रहा।
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सर्विलांस व साइबर टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण की मदद से घटना की तह में पहुंची और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गौस आलम के शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराएगी। इसके बाद ही नरकंकाल गौस आलम का है या नहीं इसकी पुष्टि होगी। बसहिया बनवीर गांव निवासी गौस आलम (26) गांव के अपने दोस्त अनमोल कुशवाहा के साथ मिलकर गांव के चौराहा पर निजी अस्पताल चलाते थे, 23 सितंबर को अपने अस्पताल से गायब हो गए।
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इसकी जानकारी होने के बाद परिजन परेशान थे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश करने लग गई। पुलिस ने पिता एजाजुल हक के तहरीर पर गुमशुदगी का मुकदमा हत्या में तब्दील कर मुख्य आरोपी अनमोल और उसके दोस्त राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। घटना का पर्दाफाश पुलिस ने शुक्रवार को कर दिया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अनमोल कुशवाहा ने बताया कि वह एवं मृतक गौस आलम मिलकर आस्था हॉस्पिटल, बसहिया बनवीरपुर संचालित करते थे। हिसाब-किताब में विवाद के कारण गौस आलम उसे पैसा हेरफेर का आरोप लगाकर दबाव बनाता और बेइज्जत करता था।
इससे परेशान होकर वह गौस आलम को रास्ते से हटाकर हॉस्पिटल हथियाना चाहता था। 23 सितंबर की रात हॉस्पिटल में अकेले में उसने पेपर कटर (सूजा) से गौस आलम के गले पर वार किया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने साथी राकेश यादव को बुलाया।
दोनों ने मिलकर शव को कार में रखकर सिसवा जंगल नहर के पास छिपाया। भ्रम फैलाने के लिए गौस आलम के मोबाइल से स्वयं को मैसेज भेजा और मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त सूजा को परसौनी कला नहर में फेंक दिया।