{"_id":"6a4abbe4b0fff3d676005832","slug":"the-funeral-bier-was-carried-out-before-the-wedding-turban-could-be-donned-the-support-of-old-age-was-shattered-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-163173-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सेहरा सजने से पहले उठी अर्थी, बुढ़ापे की टूट गई लाठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सेहरा सजने से पहले उठी अर्थी, बुढ़ापे की टूट गई लाठी
Mon, 06 Jul 2026 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
अरनहा जंगल टोला निवासी दोनो युवकों की डुबने से मौत के बाद रोते बिलखते परिजन और जुटी भीड़।स्रोत-
मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के अरनहवा (जंगल टोला) के रहने वाले दो चचेरे भाइयों को बड़ी गंडक नदी की लहरों ने निगल लिया। इस हृदयविदारक घटना से गांव का माहौल गमगीन हो गया। जिन घरों में कुछ ही दिनों पहले बेटों के घर लौटने की खुशियाें का माहौल था, वहां सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही थी्र। जंगल टोला के घरों में रविवार की रात चूल्हा तक नहीं जला।
मृतक इब्राहिम अंसारी (21) की जिंदगी अभी नई शुरुआत की दहलीज पर थी। करीब दो महीने पहले ही उसका रिश्ता तय हुआ था। परिजन घर में आने वाली नई बहू के स्वागत की तैयारियों और भविष्य के सुनहरे सपने संजो रहे थे। लेकिन किसे पता था कि शादी की शहनाइयां गूंजने से पहले ही घर से जनाजा उठाने की नौबत आ जाएगी।
जिस बेटे के सिर पर सेहरा सजाने का ख्वाब माता-पिता ने देखा था, अब उसी को कांपते हाथों से कंधा देना पड़ा। वहीं, दूसरा भाई इशहाक अंसारी (20) अपने बुजुर्ग माता-पिता की इकलौती संतान था। वह सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि ढलती उम्र में उन बूढ़ी आंखों का इकलौता चश्मा और बुढ़ापे की एकमात्र लाठी था। बेटे के सहारे जीवन बिताने का उनका हर सपना एक पल में बिखर गया।
विज्ञापन
बदहवास मां अपने इकलौते लाल को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही है, तो पिता की पथराई आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
गांव के लोग ढांढस बंधाने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन गम के आगे हर सांत्वना छोटी पड़ रही थी। दोनों चचेरे भाई रोजगार के सिलसिले में गांव से बाहर रहते थे। कुछ दिन पहले ही दोनों परिवार के साथ समय बिताने और गांव की खुशियां साझा करने घर लौटे थे। उन्हें क्या मालूम था कि अपनों के बीच की यह उनकी आखिरी घर वापसी होगी।
रविवार को दोनों एक साथ गंडक नदी में नहाने गए और कुछ ही पलों में दोनों की जिंदगी की डोर हमेशा के लिए टूट गई।
विज्ञापन
मृतक इब्राहिम अंसारी (21) की जिंदगी अभी नई शुरुआत की दहलीज पर थी। करीब दो महीने पहले ही उसका रिश्ता तय हुआ था। परिजन घर में आने वाली नई बहू के स्वागत की तैयारियों और भविष्य के सुनहरे सपने संजो रहे थे। लेकिन किसे पता था कि शादी की शहनाइयां गूंजने से पहले ही घर से जनाजा उठाने की नौबत आ जाएगी।
विज्ञापन
जिस बेटे के सिर पर सेहरा सजाने का ख्वाब माता-पिता ने देखा था, अब उसी को कांपते हाथों से कंधा देना पड़ा। वहीं, दूसरा भाई इशहाक अंसारी (20) अपने बुजुर्ग माता-पिता की इकलौती संतान था। वह सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि ढलती उम्र में उन बूढ़ी आंखों का इकलौता चश्मा और बुढ़ापे की एकमात्र लाठी था। बेटे के सहारे जीवन बिताने का उनका हर सपना एक पल में बिखर गया।
विज्ञापन
बदहवास मां अपने इकलौते लाल को याद कर बार-बार बेहोश हो जा रही है, तो पिता की पथराई आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
गांव के लोग ढांढस बंधाने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन गम के आगे हर सांत्वना छोटी पड़ रही थी। दोनों चचेरे भाई रोजगार के सिलसिले में गांव से बाहर रहते थे। कुछ दिन पहले ही दोनों परिवार के साथ समय बिताने और गांव की खुशियां साझा करने घर लौटे थे। उन्हें क्या मालूम था कि अपनों के बीच की यह उनकी आखिरी घर वापसी होगी।
रविवार को दोनों एक साथ गंडक नदी में नहाने गए और कुछ ही पलों में दोनों की जिंदगी की डोर हमेशा के लिए टूट गई।

अरनहा जंगल टोला निवासी दोनो युवकों की डुबने से मौत के बाद रोते बिलखते परिजन और जुटी भीड़।स्रोत-

अरनहा जंगल टोला निवासी दोनो युवकों की डुबने से मौत के बाद रोते बिलखते परिजन और जुटी भीड़।स्रोत-