{"_id":"5a4297b64f1c1b0d698c4666","slug":"the-fog-increases-the-difficulties-of-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे ने फिर बढ़ाई लोगों की मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे ने फिर बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
अलाव के पास बैठे बच्चे।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। करीब एक सप्ताह से राहत के बाद मंगलवार को शीतलहर फिर से शुरू हो गई। सुबह से ही से सर्द हवाएं चलने के साथ-साथ गलन भी रही। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। इससे विद्यालय आते-जाते बच्चों सहित हर उम्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस वर्ष खरमास शुरू होने के एक दिन पहले से ही शीतलहर शुरू हो गई थी। करीब दस दिनों तक लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ा था। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश भी घोषित कर दिया था। उसके बाद धूप हो जाने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी।
इधर, सोमवार रात से सुबह तक सर्द हवा चलने के साथ और घना कोहरा छाया रहा। इसके लोगों को आवागमन में काफी दिक्क्कों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को सुबह होने के बाद शीतलहर शुरू हो गई। धूप न होने और हवा चलने से ठंड इतनी बढ़ गई थी कि लोग बचने के लिए अलाव के आगे बैठे दिखे।
विज्ञापन
दुकानों में लोगों ने ब्लोवर या हीटर जलाकर ठंड से बचने की कोशिश की। वहीं जो लोग साधन संपन्न नहीं हैं, वे लकड़ियां, कागज, सूखे पत्ते या अन्य निष्प्रयोज्य सामग्रियां जलाकर आग से निजात पाने की कोशिश करते रहे। चाय, कैंटीन और होटलों में भी लोग भट्ठियों के पास बैठे रहे। विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को भी शीतलहर की वजह से ठंड में ठिठुरना पड़ा।
ठंड में मवेशियों के लिए चारा लाने में उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। इसी तरह दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और श्रमिकों सहित सहित अन्य कम आए वाले लोगों के सामने ठंड से बचाव चुनाती बन गई है। शीतलहर में पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
विज्ञापन
इस वर्ष खरमास शुरू होने के एक दिन पहले से ही शीतलहर शुरू हो गई थी। करीब दस दिनों तक लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ा था। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश भी घोषित कर दिया था। उसके बाद धूप हो जाने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी।
विज्ञापन
इधर, सोमवार रात से सुबह तक सर्द हवा चलने के साथ और घना कोहरा छाया रहा। इसके लोगों को आवागमन में काफी दिक्क्कों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को सुबह होने के बाद शीतलहर शुरू हो गई। धूप न होने और हवा चलने से ठंड इतनी बढ़ गई थी कि लोग बचने के लिए अलाव के आगे बैठे दिखे।
विज्ञापन
दुकानों में लोगों ने ब्लोवर या हीटर जलाकर ठंड से बचने की कोशिश की। वहीं जो लोग साधन संपन्न नहीं हैं, वे लकड़ियां, कागज, सूखे पत्ते या अन्य निष्प्रयोज्य सामग्रियां जलाकर आग से निजात पाने की कोशिश करते रहे। चाय, कैंटीन और होटलों में भी लोग भट्ठियों के पास बैठे रहे। विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को भी शीतलहर की वजह से ठंड में ठिठुरना पड़ा।
ठंड में मवेशियों के लिए चारा लाने में उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। इसी तरह दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और श्रमिकों सहित सहित अन्य कम आए वाले लोगों के सामने ठंड से बचाव चुनाती बन गई है। शीतलहर में पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।