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Kushinagar News: कोरोना से जंग के पहले कदम पर लगी ठेस, धोखा दे गई व्यवस्था
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एलटू आईसीयू में जानकारी लेते हुए स्टेट नोडल अफसर डॉ. एके गुप्ता।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
कोरोना से जंग के पहले कदम पर लगी ठेस, धोखा दे गई व्यवस्था
लेवल टू अस्पताल में लगी ऑक्सीजन प्लांट का पैनल मिला खराब
एक साल में खामी दूर नहीं करा पाने पर नोडल अफसर हुए खफा
तत्काल व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश, टेक्नीशियन की भी भारी कमी
पडरौना। कोरोना से जंग लड़ने के लिए बने लेवल टू अस्पताल में तैयारियों की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को हुए मॉक ड्रिल में व्यवस्था ने धोखा दे दिया। अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड है, वेंटिलेटर की व्यवस्था है। ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है, लेकिन जब मरीज के इलाज का अभ्यास शुरू हुआ तो ऑक्सीजन प्लांट का पैनल धोखा दे गया। पता चला पैनल लंबे समय से खराब है। इस पर नोडल अफसर ने नाराजगी जताई और तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करें।
लखनऊ से पहुंचे नोडल अफसर डॉ. एके गुप्ता मंगलवार की सुबह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। 9:20 बजे वह आरटीपीसीआर लैब पहुंचे। कर्मचारियों ने पूछा कि कोरोना संक्रमण की कितनी जांच हो रही है। इस पर जवाब मिला प्रतिदिन 30 से 40। इस पर उन्होंने जांच बढ़ाने की हिदायत दी। इसके बाद वह पैथोलॉजी पहुंचे। वहां एक मरीज के रक्त के नमूने की अपने सामने जांच कराई।
इसके बाद नोडल अफसर कोरोना संक्रमितों के लिए बने लेवल टू हॉस्पिटल पहुंचे। यहां विधायक निधि से लगे ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्हें जानकारी दी गई कि इलेक्ट्रिक पैनल खराब है। एक साल से मरम्मत नहीं होने से उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल ठीक कराने को कहा।
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इसके बाद कोरोना मरीज को लिफ्ट के जरिए आईसीयू तक ले जाने में लगने वाले समय की जांच की। इसके लिए डमी मरीज को एंबुलेंस से उतारकर खुद उसके साथ लिफ्ट से आईसीयू में पहुंचे। वहां जाने में करीब दो मिनट का समय लगा। आईसीयू में ऑक्सीजन लेवल, वेंटिलेटर सहित अन्य व्यवस्था देखी। नोडल अफसर अस्पताल में करीब तीन घंटे तक मौजूद रहे। उनके साथ सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमएस डॉ. एसके वर्मा, दिलीप, सतीश, एके मल्ल सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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18 पद स्वीकृति, तैनाती एक टेक्नीशियन की
- जनपद में नौ आक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। एक प्लांट पर दो टेक्नीशियन की तैनाती होनी चाहिए। जनपद में 18 टेक्नीशियन की जगह एक की तैनाती की गई है। बाकी अन्य जगहों के लिए 17 लोगों को ट्रेनिंग देकर काम चलाया जा रहा है। सीएमओ का कहना है कि शासन से नियुक्ति नहीं हो रही है।
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पडरौना में मशीन है, जेनरेटर नहीं
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जितना चाहा, उतना ही देखकर नोडल अफसर लौट गए। पडरौना नगर स्थित पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट के निरीक्षण के लिए नहीं गए। इस अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिजली निगम के भरोसे है। बिजली कटने पर ऑक्सीजन प्लांट नहीं चल पाएगा। एक साल में केंद्र में जेनरेटर का इंतजाम नहीं हो सका है।
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वर्जन
मॉक ड्रिल के जरिए कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। आरटीपीसीआर जांच में कमी पाई गई, जिसे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। विधायक निधि से लगे ऑक्सीजन प्लांट का पैनल खराब है। टेक्नीशियन की कमी है। मॉकड्रिल में जो कमियां मिली हैं, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- डॉ. एके गुप्ता, नोडल अफसर, कुशीनगर
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पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है
पडरौना। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि कोरोना की आहट के बीच बीमारी से निपटने की जिला प्रशासन की तैयारी जारी है। जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य अस्पतालों में सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं। पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, जिनसे कोरोना संक्रमितों का उपचार किया जा सकेगा।
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जिले में स्वास्थ्य सेवा पर एक नजर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या : 52
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र : 14
जिला अस्पताल में बेड : 150
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जनपद में ऑक्सीजन प्लांट
ऑक्सीजन प्लांट की संख्या : 09
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ): 134
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कोविड अस्पताल
कोविड हॉस्पिटल में है 100 बेड की सुविधा
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कोविड टीकाकरण की सुविधा
-पडरौना पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय
- सभी सीएचसी और जिला अस्पताल
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डॉक्टरों की संख्या
- जिला अस्पताल में डॉक्टर के स्वीकृत पद : 81
- जिला अस्पताल में तैनात कुल डॉक्टर : 49
- जिला अस्पताल रिक्त पद : 32
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लेवल टू अस्पताल में लगी ऑक्सीजन प्लांट का पैनल मिला खराब
एक साल में खामी दूर नहीं करा पाने पर नोडल अफसर हुए खफा
तत्काल व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश, टेक्नीशियन की भी भारी कमी
पडरौना। कोरोना से जंग लड़ने के लिए बने लेवल टू अस्पताल में तैयारियों की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को हुए मॉक ड्रिल में व्यवस्था ने धोखा दे दिया। अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड है, वेंटिलेटर की व्यवस्था है। ऑक्सीजन प्लांट भी लगा है, लेकिन जब मरीज के इलाज का अभ्यास शुरू हुआ तो ऑक्सीजन प्लांट का पैनल धोखा दे गया। पता चला पैनल लंबे समय से खराब है। इस पर नोडल अफसर ने नाराजगी जताई और तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करें।
लखनऊ से पहुंचे नोडल अफसर डॉ. एके गुप्ता मंगलवार की सुबह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। 9:20 बजे वह आरटीपीसीआर लैब पहुंचे। कर्मचारियों ने पूछा कि कोरोना संक्रमण की कितनी जांच हो रही है। इस पर जवाब मिला प्रतिदिन 30 से 40। इस पर उन्होंने जांच बढ़ाने की हिदायत दी। इसके बाद वह पैथोलॉजी पहुंचे। वहां एक मरीज के रक्त के नमूने की अपने सामने जांच कराई।
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इसके बाद नोडल अफसर कोरोना संक्रमितों के लिए बने लेवल टू हॉस्पिटल पहुंचे। यहां विधायक निधि से लगे ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। उन्हें जानकारी दी गई कि इलेक्ट्रिक पैनल खराब है। एक साल से मरम्मत नहीं होने से उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल ठीक कराने को कहा।
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इसके बाद कोरोना मरीज को लिफ्ट के जरिए आईसीयू तक ले जाने में लगने वाले समय की जांच की। इसके लिए डमी मरीज को एंबुलेंस से उतारकर खुद उसके साथ लिफ्ट से आईसीयू में पहुंचे। वहां जाने में करीब दो मिनट का समय लगा। आईसीयू में ऑक्सीजन लेवल, वेंटिलेटर सहित अन्य व्यवस्था देखी। नोडल अफसर अस्पताल में करीब तीन घंटे तक मौजूद रहे। उनके साथ सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमएस डॉ. एसके वर्मा, दिलीप, सतीश, एके मल्ल सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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18 पद स्वीकृति, तैनाती एक टेक्नीशियन की
- जनपद में नौ आक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। एक प्लांट पर दो टेक्नीशियन की तैनाती होनी चाहिए। जनपद में 18 टेक्नीशियन की जगह एक की तैनाती की गई है। बाकी अन्य जगहों के लिए 17 लोगों को ट्रेनिंग देकर काम चलाया जा रहा है। सीएमओ का कहना है कि शासन से नियुक्ति नहीं हो रही है।
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पडरौना में मशीन है, जेनरेटर नहीं
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जितना चाहा, उतना ही देखकर नोडल अफसर लौट गए। पडरौना नगर स्थित पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट के निरीक्षण के लिए नहीं गए। इस अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिजली निगम के भरोसे है। बिजली कटने पर ऑक्सीजन प्लांट नहीं चल पाएगा। एक साल में केंद्र में जेनरेटर का इंतजाम नहीं हो सका है।
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वर्जन
मॉक ड्रिल के जरिए कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। आरटीपीसीआर जांच में कमी पाई गई, जिसे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। विधायक निधि से लगे ऑक्सीजन प्लांट का पैनल खराब है। टेक्नीशियन की कमी है। मॉकड्रिल में जो कमियां मिली हैं, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- डॉ. एके गुप्ता, नोडल अफसर, कुशीनगर
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पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है
पडरौना। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि कोरोना की आहट के बीच बीमारी से निपटने की जिला प्रशासन की तैयारी जारी है। जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य अस्पतालों में सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं। पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, जिनसे कोरोना संक्रमितों का उपचार किया जा सकेगा।
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जिले में स्वास्थ्य सेवा पर एक नजर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या : 52
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र : 14
जिला अस्पताल में बेड : 150
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जनपद में ऑक्सीजन प्लांट
ऑक्सीजन प्लांट की संख्या : 09
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ): 134
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कोविड अस्पताल
कोविड हॉस्पिटल में है 100 बेड की सुविधा
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कोविड टीकाकरण की सुविधा
-पडरौना पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय
- सभी सीएचसी और जिला अस्पताल
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डॉक्टरों की संख्या
- जिला अस्पताल में डॉक्टर के स्वीकृत पद : 81
- जिला अस्पताल में तैनात कुल डॉक्टर : 49
- जिला अस्पताल रिक्त पद : 32
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