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Kushinagar News: अपने आचरण से माता-पिता को प्रसन्न करना संतान का धर्म
Sun, 06 Oct 2024 04:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 06 Oct 2024 04:02 AM IST
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गुरवलिया बाजार। क्षेत्र के बंगरा रामबक्स राय गांव में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित रोहित रिछारिया ने कहा कि श्रीरामचरितमानस जीवन जीने की और श्रीमद्भागवत मरने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि जिसने मृत्यु संभाल ली, उसने सब कुछ संभाल लिया। अपने आचरण से माता-पिता को प्रसन्न करना संतान का धर्म है।
कथावाचक ने बताया कि अगर जीव धर्म के मार्ग पर चले तो उसकी सदैव विजय होती है। कौरव और पांडवों के बीच महाभारत हुआ। पांडव धर्म के मार्ग पर चले, तो उनको विजय मिली। धर्मो रक्षति रक्षित: यदि धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। प्रत्येक संतान का धर्म है कि वह अपने माता-पिता को अपने आचरण से प्रसन्न रखे। इसके पूर्व कथा का शुभारंभ वृंदावन धाम से पधारे आचार्य हेमकांता महाराज ने ग्रंथ पूजन कर किया।
इस दौरान आयोजक शत्रुघ्न उर्फ डिंपल शुक्ल, पंडित रामअवध शुक्ल, रामकिशोर शुक्ल, सत्येंद्र उर्फ गुड्डू शुक्ल, कृष्णा शुक्ल, वीरेंद्र शुक्ल, नन्हे शुक्ल, नगीना कुशवाहा, अनवर अंसारी, सुनील कुमार, रोहित कुमार, शोभित, त्रिपुरारी, छेदी प्रसाद , पारसनाथ शुक्ल, दूधनाथ शुक्ल, श्रीराम शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने बताया कि अगर जीव धर्म के मार्ग पर चले तो उसकी सदैव विजय होती है। कौरव और पांडवों के बीच महाभारत हुआ। पांडव धर्म के मार्ग पर चले, तो उनको विजय मिली। धर्मो रक्षति रक्षित: यदि धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। प्रत्येक संतान का धर्म है कि वह अपने माता-पिता को अपने आचरण से प्रसन्न रखे। इसके पूर्व कथा का शुभारंभ वृंदावन धाम से पधारे आचार्य हेमकांता महाराज ने ग्रंथ पूजन कर किया।
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इस दौरान आयोजक शत्रुघ्न उर्फ डिंपल शुक्ल, पंडित रामअवध शुक्ल, रामकिशोर शुक्ल, सत्येंद्र उर्फ गुड्डू शुक्ल, कृष्णा शुक्ल, वीरेंद्र शुक्ल, नन्हे शुक्ल, नगीना कुशवाहा, अनवर अंसारी, सुनील कुमार, रोहित कुमार, शोभित, त्रिपुरारी, छेदी प्रसाद , पारसनाथ शुक्ल, दूधनाथ शुक्ल, श्रीराम शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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