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साइकिल से कलेक्ट्रेट पहुंचे डॉक्टर, मरीज परेशान
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:26 PM IST
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रैली
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जिला इकाई की तरफ से नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के विरोध में शहर में रैली निकाली गई। सुबह 10 बजे बाइक व साइकिल से डॉक्टर शहर के मुख्य मार्गों से घूमते हुए जिला मुख्यालय के लिए निकल गए। इसके कारण दोपहर तक मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार होने के कारण सरकारी अस्पतालों में भी केवल इमरजेंसी मरीज ही देखे जा रहे थे।
दोपहर बाद जब डॉक्टर वापस अपने क्लीनिक पहुंचे तो वहां जमा मरीजों की भीड़ लगी थी। इसके कारण सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों व साथ आए लोगों को शाम तक बैठना पड़ा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भारत सरकार के नेशनल मेडिकल कमीशन का विरोध कर रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर बीके बर्नवाल का कहना है कि सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन के जरिए केवल छह महीने का प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को भी एलोपैथिक विधि से इलाज की छूट देना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो एमबीबीएस और अन्य डिग्रीधारी चिकित्सकों और बिना डिग्रीधारी चिकित्सकों में अंतर नहीं रह जाएगा। सचिव डॉक्टर अजय कुमार शुक्ल का कहना है कि इस कमीशन के लागू होने से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज संचालकों की मनमानी बढ़ेगी। पढ़ाई व इलाज तो महंगा होगा ही अकुशल चिकित्सक लोगों की जान लेंगे और सारा दोष पढ़े लिखे डॉक्टरों के सिर पर मढ़ा जाएगा। संगठन से जुड़े सभी चिकित्सकों ने इसके विरोध में रविवार को सुबह 10 बजे से नगर में साइकिल व बाइक रैली निकाली। पडरौना नगर का भ्रमण करते हुए डॉक्टर जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम आंद्रा वामसी को ज्ञापन सौंपा। डॉक्टर दोपहर 12 बजे तक अपने क्लीनिक वापस पहुंचे।
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डॉक्टरों के इस सांकेतिक आंदोलन से दूर दराज से आए मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ा। जटहां बाजार क्षेत्र से आईं सुरजावती ने शहर के एक प्राइवेट चिकित्सक के पास सुबह 10 बजे का नंबर लगाया था लेकिन डॉक्टर के मौजूद नहीं होने की वजह से उन्हें दोपहर दो बजे तक इंतजार करना पड़ा। दुदही क्षेत्र से आए विंध्याचल को कई दिन से बुखार था। सुरेश के साथ आए विंध्याचल प्राइवेट डॉक्टरों से मुलाकात नहीं होने के चलते जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गए। वहां मौजूद डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखकर दीं तथा अगले दिन ओपीडी में आने को कहा।
डॉक्टरों की तरफ से निकाली गई रैली में डॉक्टर ज्ञान प्रकाश राय, डॉक्टर बीके सिंह, डॉक्टर आरएस यादव, डॉक्टर सीके त्रिपाठी, डॉक्टर शशि प्रताप मल्ल, डॉक्टर संदीप अरूण श्रीवास्तव, डॉक्टर कमलेश वर्मा, डॉक्टर देव शरण सिंह, डॉक्टर संजय गुप्ता, डॉक्टर पीएन राय, डॉक्टर सुशील यादव, डॉक्टर रिजवानुल हक, डॉक्टर संतोष साहनी, शैलेश तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, अंकुर यादव, प्रकाश तिवारी, संजीव कुशवाहा, अनवर सुहैल, अमित मणि त्रिपाठी आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
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दोपहर बाद जब डॉक्टर वापस अपने क्लीनिक पहुंचे तो वहां जमा मरीजों की भीड़ लगी थी। इसके कारण सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे मरीजों व साथ आए लोगों को शाम तक बैठना पड़ा।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भारत सरकार के नेशनल मेडिकल कमीशन का विरोध कर रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर बीके बर्नवाल का कहना है कि सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन के जरिए केवल छह महीने का प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को भी एलोपैथिक विधि से इलाज की छूट देना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो एमबीबीएस और अन्य डिग्रीधारी चिकित्सकों और बिना डिग्रीधारी चिकित्सकों में अंतर नहीं रह जाएगा। सचिव डॉक्टर अजय कुमार शुक्ल का कहना है कि इस कमीशन के लागू होने से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज संचालकों की मनमानी बढ़ेगी। पढ़ाई व इलाज तो महंगा होगा ही अकुशल चिकित्सक लोगों की जान लेंगे और सारा दोष पढ़े लिखे डॉक्टरों के सिर पर मढ़ा जाएगा। संगठन से जुड़े सभी चिकित्सकों ने इसके विरोध में रविवार को सुबह 10 बजे से नगर में साइकिल व बाइक रैली निकाली। पडरौना नगर का भ्रमण करते हुए डॉक्टर जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम आंद्रा वामसी को ज्ञापन सौंपा। डॉक्टर दोपहर 12 बजे तक अपने क्लीनिक वापस पहुंचे।
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डॉक्टरों के इस सांकेतिक आंदोलन से दूर दराज से आए मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ा। जटहां बाजार क्षेत्र से आईं सुरजावती ने शहर के एक प्राइवेट चिकित्सक के पास सुबह 10 बजे का नंबर लगाया था लेकिन डॉक्टर के मौजूद नहीं होने की वजह से उन्हें दोपहर दो बजे तक इंतजार करना पड़ा। दुदही क्षेत्र से आए विंध्याचल को कई दिन से बुखार था। सुरेश के साथ आए विंध्याचल प्राइवेट डॉक्टरों से मुलाकात नहीं होने के चलते जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गए। वहां मौजूद डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखकर दीं तथा अगले दिन ओपीडी में आने को कहा।
डॉक्टरों की तरफ से निकाली गई रैली में डॉक्टर ज्ञान प्रकाश राय, डॉक्टर बीके सिंह, डॉक्टर आरएस यादव, डॉक्टर सीके त्रिपाठी, डॉक्टर शशि प्रताप मल्ल, डॉक्टर संदीप अरूण श्रीवास्तव, डॉक्टर कमलेश वर्मा, डॉक्टर देव शरण सिंह, डॉक्टर संजय गुप्ता, डॉक्टर पीएन राय, डॉक्टर सुशील यादव, डॉक्टर रिजवानुल हक, डॉक्टर संतोष साहनी, शैलेश तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, अंकुर यादव, प्रकाश तिवारी, संजीव कुशवाहा, अनवर सुहैल, अमित मणि त्रिपाठी आदि चिकित्सक मौजूद रहे।