{"_id":"655d03837e0efcd49607a608","slug":"the-burnt-princess-kept-suffering-in-the-hospital-no-one-took-care-of-herthe-burnt-princess-kept-suffering-in-the-hospital-no-one-took-care-of-her-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1014-8058-2023-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: अस्पताल में तड़पती रही झुलसी राजकुमारी, किसी ने नहीं ली सुधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: अस्पताल में तड़पती रही झुलसी राजकुमारी, किसी ने नहीं ली सुधि
विज्ञापन
- परिवारवालों की मानें तो राजस्वकर्मियों की जानकारी में था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। सुकरौली के अंबेडकरनगर गनेशपुर की राजकुमारी की पराली से झुलसने के एक सप्ताह बाद मौत हो गई। वह एक सप्ताह तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही थी। परिजनों को छोड़कर किसी जिम्मेदार ने उसकी सुध नहीं ली। परिजनों का आरोप है कि हादसे की जानकारी राजस्वकर्मियों को थी। लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
राजकुमारी के परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे की जानकारी राजस्व कर्मचारियों को दी गई थी। लेकिन राजस्व कर्मियों ने इसे हादसा मानकर छोड़ दिया। घटना के बाद भी जनपद में पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक हाटा तहसील क्षेत्र के मामले हैं।
एडीओ एजी प्रवीण ओझा ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से मिले निर्देश पर आवश्यक जांच पड़ताल की जाती है। इस महिला की मौत या पराली व्यवस्था में हुई कार्रवाई के बारे में राजस्व विभाग के लोग ही बता पाएंगे। हाटा के एसडीएम हीरालाल ने बताया कि महिला की मौत की जानकारी है। नियमानुसार दुर्घटना से संंबंधित सहायता राशि मृतका के परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
मंगलवार को 61 स्थानों पर जलाई गई पराली
पराली को लेकर शासन की तरफ से कड़ी सख्ती है कि इसे न जलाया लाए। फिर भी हाटा में पराली जलाने के मामले अधिक आ रहे हैं। मंगलवार की शाम तक 61 मामले पराली जलाने की सूचना मिली। इसमें से 35 में पराली ही जलाने की पुष्टि हुई। चूंकि इसकी निगरानी सैटेलाइट से हो रही है। इसलिए जहां भी पराली जलाने की संकेत मिल रहा है। वहां मौके पर कर्मचारियों को भेजकर इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। सुकरौली के अंबेडकरनगर गनेशपुर की राजकुमारी की पराली से झुलसने के एक सप्ताह बाद मौत हो गई। वह एक सप्ताह तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही थी। परिजनों को छोड़कर किसी जिम्मेदार ने उसकी सुध नहीं ली। परिजनों का आरोप है कि हादसे की जानकारी राजस्वकर्मियों को थी। लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
राजकुमारी के परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे की जानकारी राजस्व कर्मचारियों को दी गई थी। लेकिन राजस्व कर्मियों ने इसे हादसा मानकर छोड़ दिया। घटना के बाद भी जनपद में पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक हाटा तहसील क्षेत्र के मामले हैं।
विज्ञापन
एडीओ एजी प्रवीण ओझा ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से मिले निर्देश पर आवश्यक जांच पड़ताल की जाती है। इस महिला की मौत या पराली व्यवस्था में हुई कार्रवाई के बारे में राजस्व विभाग के लोग ही बता पाएंगे। हाटा के एसडीएम हीरालाल ने बताया कि महिला की मौत की जानकारी है। नियमानुसार दुर्घटना से संंबंधित सहायता राशि मृतका के परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
मंगलवार को 61 स्थानों पर जलाई गई पराली
पराली को लेकर शासन की तरफ से कड़ी सख्ती है कि इसे न जलाया लाए। फिर भी हाटा में पराली जलाने के मामले अधिक आ रहे हैं। मंगलवार की शाम तक 61 मामले पराली जलाने की सूचना मिली। इसमें से 35 में पराली ही जलाने की पुष्टि हुई। चूंकि इसकी निगरानी सैटेलाइट से हो रही है। इसलिए जहां भी पराली जलाने की संकेत मिल रहा है। वहां मौके पर कर्मचारियों को भेजकर इसकी जांच कराई जा रही है।