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Kushinagar News: प्रशासन ने नहीं सुनी...ग्रामीणों ने खुद बना लिया 50 मीटर लंबा पुल

Fri, 12 Dec 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 12 Dec 2025 01:01 AM IST
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The administration didn't listen... so the villagers built a 50-meter-long bridge themselves.
जवहीदयाल में बने बांस के पुल से होकर जाते लोग। संवाद     
तमकुहीरोड। क्षेत्र के जवहीदयाल में एपी बांध के पास गंडक नदी का एक छोटा हिस्सा इस समय बांध के पास से बह रहा है। इसको पार कर ग्रामीणाें को बड़ी गंडक पार करने के लिए नाव पकड़ने जाना पड़ता है। नदी के पास निकली गंडक की दूसरी धारा पार करने में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। गांव के लोगों ने आपसी सहयोग कर बृहस्पतिवार को बांस-बल्ली व लोहे का खंभा लगाकर करीब 50 मीटर लंबा पुल बना दिया। इसके सहारे अब लोगों का आना जाना सुगम हो गया है।
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एपी बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों की अधिकतर खेती गंडक नदी के उस पार है। पिपराघाट व अहिरौली दान के बीच गंडक नदी पर कोई पुल नही होने से क्षेत्र के किसान व मजदूर बड़ी संख्या में नियमित जान जोखिम में डाल कर बड़ी नाव से खेतीबाड़ी के लिए उस पार जाते हैं। इस साल गंडक नदी एपी बांध के किनारे दो हिस्सों में बट गई है, जिसमें नदी का करीब 100 मीटर हिस्सा बांध के पास तो शेष बड़ा हिस्सा उससे काफी दूर बह रही है।
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इसके चलते बड़ी नाव बांध के पास नहीं आ पा रही थी। इससे खेती करने के लिए नदी पार करने वाले किसानों को उन बड़ी नाव तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती थी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब शासन प्रशासन ने उनकी सुधि नहीं ली तो उन लोगों ने ग्राम प्रधान, नदी के घाट पर रहने वाले लोगों और ग्रामीणों की मदद से नदी पर करीब 50 मीटर लंबे बांस व लोहे के पोल से पुल का निर्माण का निर्णय किया। अब वह पुल बन कर तैयार हो गया है।
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क्षेत्र के ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, अमेरिका निषाद, अवध निषाद, बृजकिशोर साहनी, सूर्यदेव यादव, विद्या चौहान, विजय साहनी, रामनाथ चौहान आदि का कहना है कि बांध के किनारे बसे घघवा जगदीश, चैनपट्टी, जवही दयाल सहित कई गांव के लोगों की अधिकतर खेती गंडक नदी के उस पार है। जब तक गंडक नदी पक्के पुल का निर्माण नही होगा, तब तक इस समस्या से निजात मिलना मुश्किल है।
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