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पारा छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
kushinagar
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:21 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर ठंड से सिकुड़ी महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
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पडरौना।
बुधवार को तापमान लुढ़ककर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस पर भी तेज पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया। हाड़कंपाती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग घरों में दुबक गए। जो निकले भी वे अलाव की तलाश करते रहे। इतना ही नहीं पांच दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बेजुबानों की हालत भी खराब हो चली है। रैन बसेरों में व्यवस्था न के बराबर है। यहां न तो ओढ़ने के लिए रजाई है और न ही बिछाने के लिए चादर। ऐसे में मुसाफिरों से लेकर रिक्शा चालक, ठेला व्यवसायी और गरीब तबका काफी परेशान है।
रैन बसेरों में व्यवस्था नाकाफी
कड़ाके की ठंड से गरीबों को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से नगर के सुभाष चौक पुलिस चौकी के पास रैन बसेरा बनाया गया है। इसमें न तो ओढ़ने के लिए रजाई या कंबल ही है और न ही चादर की व्यवस्था है। इसके चलते रिक्शा चालक और मुसाफिर भी इसमें रहने से परहेज कर रहे हैं। सिधुआ बाजार के रूदल, सरया के जर्नादन, मंसाछापर के मुन्ना, खड्डा बुजुर्ग के चंद्रिका, पडरौना के हीरामन का कहना है कि टेंट के पर्दे से ढककर इसमें रहने की व्यवस्था की गई है। न तो हवा ही रुक रही है और न ही ठंड से निजात मिल रही है।
बेजुबान भी अलाव के सहारे
दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से पड़ी हाड़ कंपाने वाली ठंड से हर कोई परेशान है। इंसान तो इंसान, बेजुबान जानवरों को भी अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बुधवार को पिंजरा पोल गोशाला में अलाव की व्यवस्था कराई गई थी। जैसे ही अलाव जलना शुरू हुआ तो गायें चारों तरफ से घेरकर अलाव के सामने खड़ी हो गई।
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सबसे ठंडा रहा बुधवार
बुधवार का दिन मंडल में कुशीनगर जिला सर्वाधिक ठंडा रहा। बुधवार को पारा लुढ़ककर छह डिग्री सेल्सियस तक आ गया। पिछले दो माह में दूसरी बार जिले का पारा छह डिग्री तक आया है। अभी और ठंड पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कोयले और लकड़ी की डिमांड बढ़ी
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अब अपने घरों में अलाव का सहारा लेने लगे हैं। शहर की कई दुकानों पर अलाव के लिए लोग कोयले और लकड़ी की खरीदारी करते नजर आए। एक कोयला व्यवसायी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कोयले की खरीदारी तेज हुई है। दुकानदारों के अलावा आम लोग भी कोयला ले जा रहे हैं। वहीं, जटहां रोड पर स्थित एक लकड़ी व्यापारी ने बताया कि सूखी लकड़ी के लिए लोग सुबह से शाम तक आ रहे हैं। 12 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से लकड़ी बेची जा रही है।
ऊनी कपड़ों की खरीदारी हुई तेज
हर कोई ठंड से बचने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे है। ऊनी कपड़ों की खरीदारी पिछले दो दिनों में काफी बढ़ी हुई है। देहात क्षेत्रों से लगायत शहरी क्षेत्रों में स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर, ऊनी मोजा इत्यादि की व्यापार में वृद्धि हुई है।
रेलवे स्टेशन पर ठिठुर रहे यात्री
कड़ाके की ठंड में पडरौना रेलवे स्टेशन परिसर में भी यात्रियों के लिए कोई ठोस बंदोबस्त नहीं किया गया है। अलाव की व्यवस्था न होने से यात्री काफी परेशान दिखे। दुदही के धनंजय, रामकोला के पिक्कू, कप्तानगंज के कमलेश, तरयासुजान के रितेश यादव ने बताया कि ठंड से हर कोई परेशान है लेकिन रेलवे स्टेशन परिसर में अलाव की व्यवस्था न होने से मुसीबत और बढ़ गई है।
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बुधवार को तापमान लुढ़ककर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस पर भी तेज पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया। हाड़कंपाती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग घरों में दुबक गए। जो निकले भी वे अलाव की तलाश करते रहे। इतना ही नहीं पांच दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बेजुबानों की हालत भी खराब हो चली है। रैन बसेरों में व्यवस्था न के बराबर है। यहां न तो ओढ़ने के लिए रजाई है और न ही बिछाने के लिए चादर। ऐसे में मुसाफिरों से लेकर रिक्शा चालक, ठेला व्यवसायी और गरीब तबका काफी परेशान है।
रैन बसेरों में व्यवस्था नाकाफी
कड़ाके की ठंड से गरीबों को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से नगर के सुभाष चौक पुलिस चौकी के पास रैन बसेरा बनाया गया है। इसमें न तो ओढ़ने के लिए रजाई या कंबल ही है और न ही चादर की व्यवस्था है। इसके चलते रिक्शा चालक और मुसाफिर भी इसमें रहने से परहेज कर रहे हैं। सिधुआ बाजार के रूदल, सरया के जर्नादन, मंसाछापर के मुन्ना, खड्डा बुजुर्ग के चंद्रिका, पडरौना के हीरामन का कहना है कि टेंट के पर्दे से ढककर इसमें रहने की व्यवस्था की गई है। न तो हवा ही रुक रही है और न ही ठंड से निजात मिल रही है।
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बेजुबान भी अलाव के सहारे
दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से पड़ी हाड़ कंपाने वाली ठंड से हर कोई परेशान है। इंसान तो इंसान, बेजुबान जानवरों को भी अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बुधवार को पिंजरा पोल गोशाला में अलाव की व्यवस्था कराई गई थी। जैसे ही अलाव जलना शुरू हुआ तो गायें चारों तरफ से घेरकर अलाव के सामने खड़ी हो गई।
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सबसे ठंडा रहा बुधवार
बुधवार का दिन मंडल में कुशीनगर जिला सर्वाधिक ठंडा रहा। बुधवार को पारा लुढ़ककर छह डिग्री सेल्सियस तक आ गया। पिछले दो माह में दूसरी बार जिले का पारा छह डिग्री तक आया है। अभी और ठंड पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कोयले और लकड़ी की डिमांड बढ़ी
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अब अपने घरों में अलाव का सहारा लेने लगे हैं। शहर की कई दुकानों पर अलाव के लिए लोग कोयले और लकड़ी की खरीदारी करते नजर आए। एक कोयला व्यवसायी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कोयले की खरीदारी तेज हुई है। दुकानदारों के अलावा आम लोग भी कोयला ले जा रहे हैं। वहीं, जटहां रोड पर स्थित एक लकड़ी व्यापारी ने बताया कि सूखी लकड़ी के लिए लोग सुबह से शाम तक आ रहे हैं। 12 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से लकड़ी बेची जा रही है।
ऊनी कपड़ों की खरीदारी हुई तेज
हर कोई ठंड से बचने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे है। ऊनी कपड़ों की खरीदारी पिछले दो दिनों में काफी बढ़ी हुई है। देहात क्षेत्रों से लगायत शहरी क्षेत्रों में स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर, ऊनी मोजा इत्यादि की व्यापार में वृद्धि हुई है।
रेलवे स्टेशन पर ठिठुर रहे यात्री
कड़ाके की ठंड में पडरौना रेलवे स्टेशन परिसर में भी यात्रियों के लिए कोई ठोस बंदोबस्त नहीं किया गया है। अलाव की व्यवस्था न होने से यात्री काफी परेशान दिखे। दुदही के धनंजय, रामकोला के पिक्कू, कप्तानगंज के कमलेश, तरयासुजान के रितेश यादव ने बताया कि ठंड से हर कोई परेशान है लेकिन रेलवे स्टेशन परिसर में अलाव की व्यवस्था न होने से मुसीबत और बढ़ गई है।