फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Tehsil did not receive verification report, fake license is arriving

Kushinagar News: तहसील को नहीं मिली सत्यापन रिपोर्ट, पहुंच रहा नकली परवाना

Wed, 12 Feb 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 12 Feb 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
Tehsil did not receive verification report, fake license is arriving
खड्डा। खड्डा और महराजगंज के भू-माफियाओं और जालसाजों का गठजोड़ काफी मजबूत है। जिम्मेदारों की मिलीभगत से फर्जी सत्यापन आदेश और परवाना तो रजिस्टर्ड डाक से तहसील पहुंच जा रहा है, लेकिन जो असल जांच रिपोर्ट हैं वह रास्ते में ही गुम हो जा रही है। ताजा मामला गोरखपुर एआरओ कोर्ट का है।
विज्ञापन

एआरओ गोरखपुर कोर्ट ने अगस्त में रजिस्टर्ड डाक से तहसीलदार खड्डा को पत्र भेजकर बताया था कि पिछले दिनों एआरओ कार्यालय के पते से जितना भी परवाना गया है, वह सब गलत है। यह रजिस्ट्री तहसील प्रशासन तक नहीं पहुंची, जबकि फर्जी सत्यापन आदेश व परवाना रजिस्टर्ड डाक से तहसील में पहुंचता रहा। फिलहाल इस मामले में गोपनीय जांच शुरू हो गई है।
विज्ञापन

तहसील के कर्मचारियों की मिलीभगत से अभिलेखों में फर्जीवाड़ा और पिछली तारीखों में अधिकारियों का फर्जी आदेश तैयार करने का खेल कई महीनों से चल रहा है। पिछले वर्ष गोरखपुर एआरओ कोर्ट के नाम से शिवपुर गांव के एक मुकदमा गुरूचन बनाम ग्रामसभा, जिसका आदेश दिनांक 7 जून वर्ष 2019 को हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसका परवाना तहसीलदार खड्डा के यहां रजिस्टर्ड डाक से पहुंचा और भू-माफिया अभिलेख में अपना नाम दर्ज कराने के लिए उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाने लगे। शक होने पर तहसीलदार खड्डा ने पत्रांक संख्या 971 से 25 मई वर्ष 2024 को उक्त मुकदमे व परवाना आदेश को सत्यापन के लिए एआरओ गोरखपुर को एक पत्र भेजा। एआरओ ने 18 जुलाई 2024 को तहसीलदार खड्डा को बताया कि सहायक अभिलेख अधिकारी गोरखपुर के न्यायालय की ओर से ऐसा कोई परवाना आदेश जारी नहीं किया गया है और ना ही मिसिलबंद व पोर्टल पर ऐसा कोई मुकदमा दर्ज हुआ था।
रिपोर्ट बनाकर 6 अगस्त 2024 को तहसीलदार खड्डा के नाम रजिस्टर्ड डाक से गोरखपुर एआरओ कार्यालय से खड्डा तहसीलदार को भेजी गई थी। लेकिन, हैरत की बात यह है कि एआरओ कार्यालय से भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट वाली रजिस्ट्री तहसील तक नहीं पहुंची, जबकि 3 सितंबर वर्ष 2024 को फर्जी तरीके से परवाना पर सत्यापित लिखकर तहसील में जमा करा दिया गया।

सबसे बड़ी बात यह है कि तहसील के किसी कर्मचारी या राजस्व अधिकारी ने मुकदमा नंबर ऑनलाइन चेक करने की जहमत नहीं उठाई और फर्जी को असली मानकर कार्रवाई करते रहे। यह मामला तो एक नजीर है। ऐसे ही कई फर्जी मुकदमे का आदेश व परवाना तहसील में पहुंचा है। तहसीलदार के जांच शुरू करने के बाद ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed