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Kushinagar News: टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने भरी हुंकार

Fri, 27 Feb 2026 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 27 Feb 2026 01:37 AM IST
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Teachers protested against the mandatory TET
बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते ​शिक्षक।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। टीईटी की अनिवार्यता से छूट प्रदान करने के लिए शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। वे टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले धरना दे रहे थे। शिक्षकों ने शाम करीब चार बजे तक धरना-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए डॉ. रामजियायन मौर्य को ज्ञापन सौंपा। करीब तीन घंटे तक बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। मांगा पूरा नहीं होने पर आर-पार की लड़ाई का एलान किया है।
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जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके बाद नियुक्त होने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि उसके पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है। इनका कहना था कि सुप्रीमकोर्ट के 01 सितम्बर, 2025 के निर्णय के द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। जोकि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है। इस वजह से देश भर के शिक्षक टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आन्दोलनरत रहकर भारत सरकार से इस संबंध में अध्यादेश लाकर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में जनपद के परिषदीय शिक्षकों ने गुरुवार को अपराह्न एक बजे से बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षकों की मांग थी कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का संज्ञान लेते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान करने हेतु अध्यादेश लाकर संसद द्वारा कानून पारित कराया जाए।
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धरना प्रदर्शन में जिला संयोजक राजकुमार सिंह, जिला सह संयोजक अनूप कुमार सिंह, जिला मंत्री छेदी प्रसाद, महेश प्रसाद रजक, प्रवीण कुमार पांडेय, बृजमोहन प्रसाद, रजनीश प्रकाश सिंह, अमित कुमार तिवारी, पारसनाथ साहनी, मणींद्र तिवारी, बांके बिहारी लाल, मधेश कुमार मिश्र, रामेश्वर सिंह, देवानंद धर दुबे, बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, रामप्रकाश शर्मा, दिनेश कुमार सिंह, कलमदानी सिंह, सतीश कुमार पासवान, कुंजेश्वर सिंह, प्रेमचंद गौतम, प्रमोद कुमार यादव, अवधेश कुमार, अनिल कुमार, अनिल सिंह, संजय गुप्ता, संजीव गोंड, मसउव्वर अख्तर, वेद प्रकाश गुप्ता, रामगति प्रजापति, इंद्रजीत मणि त्रिपाठी, राजेश गुप्ता, अरविंद सिंह, रामदिनेश सिंह, मारकंडेय त्रिपाठी, शालिनी जायसवाल, मेहरुद्दीन अली, रोशनी साहनी, रामप्रवेश यादव आदि शिक्षक शामिल रहे।
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