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Kushinagar News: शुगरकेन हार्वेस्टर किसानों को मजदूरों की कमी से दिलाएगा राहत
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खड्डा। गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर है। गन्ने की कटाई और छिलाई के दौरान मजदूरों की कमी से जूझ रहे किसानों की समस्या अब काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। आईपीएल चीनी मिल खड्डा ने किसानों की परेशानी को देखते हुए शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मशीन के आने के बाद खेतों में खड़े गन्ने की कटाई, पत्तियों की सफाई और गन्ने को चाप्स के रूप में तैयार करने का काम कम समय में हो सकेगा। इससे खेत जल्द खाली होंगे और किसानों को गेहूं की समय से बुआई में भी मदद मिलेगी।
खड्डा परिक्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है। हजारों किसानों की आय का प्रमुख साधन गन्ना है। पिछले कुछ वर्षों से गन्ने की कटाई-छिलाई के लिए मजदूरों की कमी किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। मजदूर नहीं मिलने से तैयार गन्ना समय से खेत से बाहर नहीं निकल पाता। इससे किसानों को अतिरिक्त मजदूरी देनी पड़ती है और कई बार फसल लंबे समय तक खेत में खड़ी रह जाती है। नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्या और गंभीर है। इन गांवों में गन्ना छिलाई के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिलने से किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। गन्ने की कटाई में देरी का असर अगली फसल की तैयारी पर भी पड़ता है। खासकर गेहूं की बुआई पिछड़ने से किसानों को उत्पादन और लागत दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोट:::
क्षेत्र के किसानों की समस्या को देखते हुए शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मशीन के आने से किसानों को गन्ने की कटाई-छिलाई में होने वाली मजदूरों की कमी से राहत मिलेगी। साथ ही चीनी मिल को भी समय से बेहतर गुणवत्ता का गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। -एनपी सिंह, प्रधान प्रबंधक आईपीएल चीनी मिल खड्डा
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ऐसे काम करती है मशीन
-शुगरकेन हार्वेस्टर आधुनिक कृषि मशीन है, जो खेत में खड़े गन्ने की कटाई, ऊपरी पत्तियों की सफाई और गन्ने को छोटे टुकड़ों में काटने का काम एक साथ करती है। मशीन में लगे कटिंग सिस्टम से गन्ना जमीन के पास से काटा जाता है। इसके बाद पत्तियां और कचरा अलग होते जाते हैं और गन्ना चॉप्स के रूप में तैयार होकर कन्वेयर के जरिये ट्रॉली या वाहन में लोड होता जाता है। हाथ से गन्ने की कटाई और छिलाई में मजदूरों की टीम को कई दिन लग सकते हैं। इसके मुकाबले हार्वेस्टर बड़े क्षेत्र में कम समय में कटाई का काम पूरा कर सकता है। इससे खेत जल्दी खाली होगा और किसान समय से अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे। वहीं, चीनी मिल को भी समय से गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
-
-किसानों को इन समस्याओं से मिलेगी राहत
-मजदूरों की कमी के कारण होने वाली कटाई में देरी कम होगी।
-खेत कम समय में खाली हो सकेंगे।
-गेहूं की बुआई समय से करने में मदद मिलेगी।
-कटाई और लोडिंग में लगने वाला समय कम होगा।
-नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
-चीनी मिल को भी समय से गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
-किसानों की समस्या को देखते हुए उठाया कदम
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खड्डा परिक्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है। हजारों किसानों की आय का प्रमुख साधन गन्ना है। पिछले कुछ वर्षों से गन्ने की कटाई-छिलाई के लिए मजदूरों की कमी किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। मजदूर नहीं मिलने से तैयार गन्ना समय से खेत से बाहर नहीं निकल पाता। इससे किसानों को अतिरिक्त मजदूरी देनी पड़ती है और कई बार फसल लंबे समय तक खेत में खड़ी रह जाती है। नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में समस्या और गंभीर है। इन गांवों में गन्ना छिलाई के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिलने से किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। गन्ने की कटाई में देरी का असर अगली फसल की तैयारी पर भी पड़ता है। खासकर गेहूं की बुआई पिछड़ने से किसानों को उत्पादन और लागत दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कोट:::
क्षेत्र के किसानों की समस्या को देखते हुए शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मशीन के आने से किसानों को गन्ने की कटाई-छिलाई में होने वाली मजदूरों की कमी से राहत मिलेगी। साथ ही चीनी मिल को भी समय से बेहतर गुणवत्ता का गन्ना उपलब्ध हो सकेगा। -एनपी सिंह, प्रधान प्रबंधक आईपीएल चीनी मिल खड्डा
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ऐसे काम करती है मशीन
-शुगरकेन हार्वेस्टर आधुनिक कृषि मशीन है, जो खेत में खड़े गन्ने की कटाई, ऊपरी पत्तियों की सफाई और गन्ने को छोटे टुकड़ों में काटने का काम एक साथ करती है। मशीन में लगे कटिंग सिस्टम से गन्ना जमीन के पास से काटा जाता है। इसके बाद पत्तियां और कचरा अलग होते जाते हैं और गन्ना चॉप्स के रूप में तैयार होकर कन्वेयर के जरिये ट्रॉली या वाहन में लोड होता जाता है। हाथ से गन्ने की कटाई और छिलाई में मजदूरों की टीम को कई दिन लग सकते हैं। इसके मुकाबले हार्वेस्टर बड़े क्षेत्र में कम समय में कटाई का काम पूरा कर सकता है। इससे खेत जल्दी खाली होगा और किसान समय से अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे। वहीं, चीनी मिल को भी समय से गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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-किसानों को इन समस्याओं से मिलेगी राहत
-मजदूरों की कमी के कारण होने वाली कटाई में देरी कम होगी।
-खेत कम समय में खाली हो सकेंगे।
-गेहूं की बुआई समय से करने में मदद मिलेगी।
-कटाई और लोडिंग में लगने वाला समय कम होगा।
-नदी पार के बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।
-चीनी मिल को भी समय से गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
-किसानों की समस्या को देखते हुए उठाया कदम