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Kushinagar News: गन्ना और गेहूं की फसल जमींदोज...तिलहन, दलहन को भारी क्षति
Thu, 21 Mar 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 21 Mar 2024 01:26 AM IST
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अकबरपुर गांव क्षेत्र में तेज हवा और बारिश से गिरी गेहूं की फसल।
पडरौना। बेमौसम बारिश और तेज हवा से तिलन, दलहन के फसलों के अलावा आम के बौर को काफी नुकसान पहुंचा है। हवा से गेहूं और गन्ना की फसल खेत में गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। किसान होली बाद मड़ाई की तैयारी में थे। सरकार की ओर से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र भी खोल दिए गए हैं। लेकिन, ऐन वक्त पर मौसम बदलने से किसानों की गाढ़ी कमाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
जिले में 1.20 लाख हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। इसके अलावा मटर, सरसों, मसूर और गन्ना की खेती हुई है। गन्ना कटाई के साथ वसंतकालीन बुआई भी चल रही है। हाल में की गई गन्ने की बुआई पर भी बारिश का असर पड़ेगा। वहीं, गेहूं की फसल लगभग तैयार हो गई थी। गेहूं की बालियों में दाने आ गए हैं। किसान होली बाद गेहूं की मड़ाई करने की तैयारी कर रहे थे। गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र भी खुल चुके हैं। तेज हवा होने के कारण खेतों में गेहूं और गन्ने की फसल गिर गई। इससे किसानों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सुबह 8 बजे अचानक मौसम मेें बदलाव के साथ पूरे दिन तेज हवा के साथ झमाझम बारिश गरज चमक के साथ होती रही। खिरकिया, जंगल बेलवा, जंगल अमवा, सुखपुरा नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सौरहा खुर्द, कोटवा, मड़ार बिंदवलिया, रामपुर बांगर, चितावन चक एक हजार एकड़ से अधिक गन्ना और गेहूं की फसल जमींदोज हो गई है। किसान केदार यादव, मंजूर अंसारी, कलाम अंसारी, कन्हैया यादव, पूर्णमासी यादव, मुरारी शर्मा कहना है कि मौसम ने इस साल साथ दिया था और गेहूं की फसल भी अच्छी हुई थी। लेकिन, बेमौसम बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। खेतों में तैयार हो चुकी मसूर और सरसों की फसल को व्यापक क्षति पहुंची है।
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मौसम ने बढ़ाई ठंड, बाजार में छाया रहा सन्नाटा
-मार्च माह में मौसम का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है। मंगलवार को अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लेकिन, बुधवार की सुबह 19 किलोमीटर की गति से चली पुरवा हवा और बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम तक हुई बूंदाबांदी की वजह से शहर की सड़कों पर कीचड़ पसर गया। नगर के रामकोला रोड, कोतवाली रोड, तिलक चौक, दरबार रोड, जटहां रोड, बेलवा चुंगी, अंबे चौक, बावली चौक और कसया रोड पर पसरे कीचड़ से बचने के लिए लोग संभहल कर चल रहे थे। दोपहर दो बजे के बाद बारिश तो बंद हो गई, लेकिन धूप नहीं निकलने से मौसम में नमी बनी रही, जिससे लोगों को जनवरी की तरह ठंड का अहसास हुआ।
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तिलहन और दलहन की फसल को हो सकता है नुकसान
कृषि विभाग के अनुसार बुधवार को हुई बारिश से तिलहन, दलहन के फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बारिश से नहीं, गेहूं की फसल गिरने से काफी नुकसान होगा। हवा होने के कारण फसल जमीन पर गिर सकती है। किसानों काे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब तक खेतों में फसलों के गिरने की सूचना नहीं है। बेमौसम बारिश और तेज हवा से फसल के नुकसान का सर्वे करा लिया जाएगा। नुकसान का आकलन करने के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। -डाॅ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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सर्दी खांसी और बुखार के बढ़ेंगे मरीज
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मौसम हुए बदलाव से एलर्जीकल इन्वायरमेंट सक्रिय होने के साथ शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का ह्रास होने लगता है। इससे लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारी बढ़ने लगती है। यदि बारिश के बाद धूप हो जाए तो सांस और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है। इस लिए ऐसे मौसम में लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों को पानी उबाल कर पीना चाहिए। भोजन में फल, हरी सब्जी और ताजा भोजन लेना चाहिए।
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जिले में 1.20 लाख हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। इसके अलावा मटर, सरसों, मसूर और गन्ना की खेती हुई है। गन्ना कटाई के साथ वसंतकालीन बुआई भी चल रही है। हाल में की गई गन्ने की बुआई पर भी बारिश का असर पड़ेगा। वहीं, गेहूं की फसल लगभग तैयार हो गई थी। गेहूं की बालियों में दाने आ गए हैं। किसान होली बाद गेहूं की मड़ाई करने की तैयारी कर रहे थे। गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र भी खुल चुके हैं। तेज हवा होने के कारण खेतों में गेहूं और गन्ने की फसल गिर गई। इससे किसानों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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सुबह 8 बजे अचानक मौसम मेें बदलाव के साथ पूरे दिन तेज हवा के साथ झमाझम बारिश गरज चमक के साथ होती रही। खिरकिया, जंगल बेलवा, जंगल अमवा, सुखपुरा नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सौरहा खुर्द, कोटवा, मड़ार बिंदवलिया, रामपुर बांगर, चितावन चक एक हजार एकड़ से अधिक गन्ना और गेहूं की फसल जमींदोज हो गई है। किसान केदार यादव, मंजूर अंसारी, कलाम अंसारी, कन्हैया यादव, पूर्णमासी यादव, मुरारी शर्मा कहना है कि मौसम ने इस साल साथ दिया था और गेहूं की फसल भी अच्छी हुई थी। लेकिन, बेमौसम बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। खेतों में तैयार हो चुकी मसूर और सरसों की फसल को व्यापक क्षति पहुंची है।
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मौसम ने बढ़ाई ठंड, बाजार में छाया रहा सन्नाटा
-मार्च माह में मौसम का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है। मंगलवार को अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लेकिन, बुधवार की सुबह 19 किलोमीटर की गति से चली पुरवा हवा और बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम तक हुई बूंदाबांदी की वजह से शहर की सड़कों पर कीचड़ पसर गया। नगर के रामकोला रोड, कोतवाली रोड, तिलक चौक, दरबार रोड, जटहां रोड, बेलवा चुंगी, अंबे चौक, बावली चौक और कसया रोड पर पसरे कीचड़ से बचने के लिए लोग संभहल कर चल रहे थे। दोपहर दो बजे के बाद बारिश तो बंद हो गई, लेकिन धूप नहीं निकलने से मौसम में नमी बनी रही, जिससे लोगों को जनवरी की तरह ठंड का अहसास हुआ।
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तिलहन और दलहन की फसल को हो सकता है नुकसान
कृषि विभाग के अनुसार बुधवार को हुई बारिश से तिलहन, दलहन के फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बारिश से नहीं, गेहूं की फसल गिरने से काफी नुकसान होगा। हवा होने के कारण फसल जमीन पर गिर सकती है। किसानों काे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब तक खेतों में फसलों के गिरने की सूचना नहीं है। बेमौसम बारिश और तेज हवा से फसल के नुकसान का सर्वे करा लिया जाएगा। नुकसान का आकलन करने के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। -डाॅ. मेनका सिंह, जिला कृषि अधिकारी
सर्दी खांसी और बुखार के बढ़ेंगे मरीज
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मौसम हुए बदलाव से एलर्जीकल इन्वायरमेंट सक्रिय होने के साथ शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का ह्रास होने लगता है। इससे लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारी बढ़ने लगती है। यदि बारिश के बाद धूप हो जाए तो सांस और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है। इस लिए ऐसे मौसम में लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों को पानी उबाल कर पीना चाहिए। भोजन में फल, हरी सब्जी और ताजा भोजन लेना चाहिए।