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मासूमों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए शुरू हुआ मिशन इंद्रधनुष-4
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मासूमों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए शुरू हुआ मिशन इंद्रधनुष-4
- कोरोना संक्रमण काल में टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए चलेगा यह अभियान
- 15 मार्च तक नियमित चलेगा टीकाकरण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। दो वर्ष तक के मासूम बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए सोमवार से मिशन इंद्रधनुष-4 अभियान शुरू कर दिया गया। यह अभियान उन बच्चों के लिए शुरू किया गया है, जो कोरोना संकटकाल में नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। यह अभियान 15 मार्च तक चलेगा। इन बच्चों के अलावा उन गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण किया जाएगा, जो टीकाकरण से वंचित रह गई थीं। विभागीय सर्वे में दो वर्ष तक के 16,486 बच्चे और 3,970 गर्भवती महिलाएं मिली हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई थी। इनमें काफी संख्या में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। इस वजह से नियमित टीकाकरण नहीं हो पा रहा था। नतीजन काफी संख्या में बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गए थे। उन्हें खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए सोमवार से मिशन इंद्रधनुष-4 शुरू किया गया। यह टीका उन्हें लगाया जाएगा, जो नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे।
उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में चलेगा। प्रथम चरण सात मार्च से, द्वितीय चरण चार अप्रैल से और तृतीय चरण दो मई से चलेगा। अभियान की सफलता के लिए कुशीनगर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे कराकर कुल 16,486 बच्चे और 3,970 गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर लिया गया है। यह नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। इन सभी लाभार्थियों का टीकाकरण करने के लिए 2,360 सत्र बनाए गए हैं। 10 मार्च को मतगणना के कारण कोई सत्र नहीं चलेगा। डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने जनपद के लोगों से अपील की है कि नियमित टीकाकरण से वंचित अपने गांव या मोहल्ले के दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ले जाकर टीका जरूर लगवाएं।
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सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि दो साल तक का समय बच्चों के लिए बहुत संवेदनशील होता है। उन्हें बीसीजी, डीपीटी, पोलियो, इंसेफेलाइटिस, खसरा, हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए यह टीके लगाए जाते हैं। इसलिए जो बच्चे टीके से वंचित रह गए हैं, उन्हें टीका जरूर लगवाएं।
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- कोरोना संक्रमण काल में टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए चलेगा यह अभियान
- 15 मार्च तक नियमित चलेगा टीकाकरण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। दो वर्ष तक के मासूम बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए सोमवार से मिशन इंद्रधनुष-4 अभियान शुरू कर दिया गया। यह अभियान उन बच्चों के लिए शुरू किया गया है, जो कोरोना संकटकाल में नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। यह अभियान 15 मार्च तक चलेगा। इन बच्चों के अलावा उन गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण किया जाएगा, जो टीकाकरण से वंचित रह गई थीं। विभागीय सर्वे में दो वर्ष तक के 16,486 बच्चे और 3,970 गर्भवती महिलाएं मिली हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई थी। इनमें काफी संख्या में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। इस वजह से नियमित टीकाकरण नहीं हो पा रहा था। नतीजन काफी संख्या में बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गए थे। उन्हें खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए सोमवार से मिशन इंद्रधनुष-4 शुरू किया गया। यह टीका उन्हें लगाया जाएगा, जो नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे।
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उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में चलेगा। प्रथम चरण सात मार्च से, द्वितीय चरण चार अप्रैल से और तृतीय चरण दो मई से चलेगा। अभियान की सफलता के लिए कुशीनगर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर सर्वे कराकर कुल 16,486 बच्चे और 3,970 गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर लिया गया है। यह नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। इन सभी लाभार्थियों का टीकाकरण करने के लिए 2,360 सत्र बनाए गए हैं। 10 मार्च को मतगणना के कारण कोई सत्र नहीं चलेगा। डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने जनपद के लोगों से अपील की है कि नियमित टीकाकरण से वंचित अपने गांव या मोहल्ले के दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ले जाकर टीका जरूर लगवाएं।
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सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि दो साल तक का समय बच्चों के लिए बहुत संवेदनशील होता है। उन्हें बीसीजी, डीपीटी, पोलियो, इंसेफेलाइटिस, खसरा, हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए यह टीके लगाए जाते हैं। इसलिए जो बच्चे टीके से वंचित रह गए हैं, उन्हें टीका जरूर लगवाएं।