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समूह बनाकर शुरू किया व्यवसाय, अब हो रहा है मुनाफा
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समूह बनाकर शुरू किया व्यवसाय, अब हो रहा है मुनाफा
पडरौना (कुशीनगर)। लक्ष्य को पूरा करने के लिए यदि पूरी निष्ठा के साथ कड़ी परिश्रम की जाए तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है। इस कहावत को सच साबित किया है, दुदही क्षेत्र के चाफ निवासी राधिका देवी ने। उन्होंने गांव की महिलाओं को एकत्र कर समूह की स्थापना की और हल्दी की पैकिंग का कार्य शुरू किया। आज इनके समूह की महिलाएं करीब पांच हजार रुपये महीने की कमाई कर रही हैं।
समूह की अध्यक्ष राधिका देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त रूप से हल्दी की पैदावार होती है। उन्होंने सोचा कि यदि हल्दी से जुड़ा कोई व्यवसाय किया जाएगा तो आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने एक वर्ष पहले गांव की 12 महिलाओं को एकत्र कर एक समूह बनाकर हल्दी पाउडर की पैकिंग का कार्य शुरू किया। पहली बार समूह को 60 किलोग्राम हल्दी पाउडर का आर्डर मिला। अब प्रतिदिन डेढ़ क्विंटल हल्दी की बिक्री आसानी से हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक किलोग्राम हल्दी पैकेट बनाने में करीब 120 रुपये लागत आती है। इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जाता है, जिससे समूह से जुड़ी सभी महिलाओं को करीब पांच हजार रुपये की आमदनी होती है। इनके समूह के कार्य देखते हुए सामुदायिक निवेश निधि से एक लाख दस हजार रुपये का अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
सुनैना कर रहीं गुड़ की पैकिंग
सपने को पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ पूरी ईमानदारी से कार्य करना बेहत महत्वपूर्ण होता है। जिले की दुदही क्षेत्र के चाफ निवासी सुनैना देवी ने भी सकारात्मक सोच के साथ करीब एक वर्ष पहले अपने सपने को जीवंत करना शुरू किया। आज उनके साथ गांव की 12 महिलाएं करीब दस हजार रुपये महीने की आमदनी कर परिवार चला रही हैं।
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सुनैना देवी बताती हैं कि कुशीनगर जिला गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। क्षेत्र में कई लोग गुड़ बनाने का कार्य करते हैं। करीब एक वर्ष पहले उन्होंने गांव की महिलाओं का समूह बनाकर गुड़ की पैकिंग का कार्य शुरू किया। शुरुआत में परेशानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे व्यवसाय में आनी वाली परेशानी दूर होती गई। पहली बार उन्हें केवल 60 क्विंटल गुड़ का आर्डर मिला, लेकिन अब प्रतिदिन पांच से छह क्विंटल पैकिंग किया हुआ गुड़ बिक जाता है, जिससे समूह से जुड़ी सभी महिलाओं को करीब दस हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इस ग्रुप के बेहतर कार्य को देखते हुए एनआरएलएम की तरफ से सामुदायिक निवेश निधि के तहत एक लाख दस हजार रुपये अनुदान के लिए प्रस्तावित किया गया है।
निर्मला प्रेरणा कैंटीन चला रहीं
पडरौना। रामकोला क्षेत्र के दहाउर सपहा निवासी निर्मला देवी ब्लॉक परिसर में प्रेरणा कैंटीन चलाती हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। गांव के एक व्यक्ति से स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिली। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित एनआरएलएम से संपर्क किया तो रामकोला ब्लॉक परिसर में प्रेरणा कैंटीन चलाने की अनुमति मिल गई। अब गांव की अन्य महिलाओं के साथ रामकोला ब्लॉक परिसर में कैंटीन चलाकर महीने की सात से आठ हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।
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पडरौना (कुशीनगर)। लक्ष्य को पूरा करने के लिए यदि पूरी निष्ठा के साथ कड़ी परिश्रम की जाए तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है। इस कहावत को सच साबित किया है, दुदही क्षेत्र के चाफ निवासी राधिका देवी ने। उन्होंने गांव की महिलाओं को एकत्र कर समूह की स्थापना की और हल्दी की पैकिंग का कार्य शुरू किया। आज इनके समूह की महिलाएं करीब पांच हजार रुपये महीने की कमाई कर रही हैं।
समूह की अध्यक्ष राधिका देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त रूप से हल्दी की पैदावार होती है। उन्होंने सोचा कि यदि हल्दी से जुड़ा कोई व्यवसाय किया जाएगा तो आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने एक वर्ष पहले गांव की 12 महिलाओं को एकत्र कर एक समूह बनाकर हल्दी पाउडर की पैकिंग का कार्य शुरू किया। पहली बार समूह को 60 किलोग्राम हल्दी पाउडर का आर्डर मिला। अब प्रतिदिन डेढ़ क्विंटल हल्दी की बिक्री आसानी से हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक किलोग्राम हल्दी पैकेट बनाने में करीब 120 रुपये लागत आती है। इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जाता है, जिससे समूह से जुड़ी सभी महिलाओं को करीब पांच हजार रुपये की आमदनी होती है। इनके समूह के कार्य देखते हुए सामुदायिक निवेश निधि से एक लाख दस हजार रुपये का अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
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सुनैना कर रहीं गुड़ की पैकिंग
सपने को पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ पूरी ईमानदारी से कार्य करना बेहत महत्वपूर्ण होता है। जिले की दुदही क्षेत्र के चाफ निवासी सुनैना देवी ने भी सकारात्मक सोच के साथ करीब एक वर्ष पहले अपने सपने को जीवंत करना शुरू किया। आज उनके साथ गांव की 12 महिलाएं करीब दस हजार रुपये महीने की आमदनी कर परिवार चला रही हैं।
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सुनैना देवी बताती हैं कि कुशीनगर जिला गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। क्षेत्र में कई लोग गुड़ बनाने का कार्य करते हैं। करीब एक वर्ष पहले उन्होंने गांव की महिलाओं का समूह बनाकर गुड़ की पैकिंग का कार्य शुरू किया। शुरुआत में परेशानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे व्यवसाय में आनी वाली परेशानी दूर होती गई। पहली बार उन्हें केवल 60 क्विंटल गुड़ का आर्डर मिला, लेकिन अब प्रतिदिन पांच से छह क्विंटल पैकिंग किया हुआ गुड़ बिक जाता है, जिससे समूह से जुड़ी सभी महिलाओं को करीब दस हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इस ग्रुप के बेहतर कार्य को देखते हुए एनआरएलएम की तरफ से सामुदायिक निवेश निधि के तहत एक लाख दस हजार रुपये अनुदान के लिए प्रस्तावित किया गया है।
निर्मला प्रेरणा कैंटीन चला रहीं
पडरौना। रामकोला क्षेत्र के दहाउर सपहा निवासी निर्मला देवी ब्लॉक परिसर में प्रेरणा कैंटीन चलाती हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। गांव के एक व्यक्ति से स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिली। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित एनआरएलएम से संपर्क किया तो रामकोला ब्लॉक परिसर में प्रेरणा कैंटीन चलाने की अनुमति मिल गई। अब गांव की अन्य महिलाओं के साथ रामकोला ब्लॉक परिसर में कैंटीन चलाकर महीने की सात से आठ हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं।