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एपी बांध का हिस्सा धंसा, नोनियापट्टी में अफरातफरी

Sat, 13 Jul 2019 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 11:39 PM IST
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spur of ap dam supressed due to increased discharge
एपी बांध पर बाढ़ बचाव कार्य और गंडक नदी के रुख का जायजा लेते डीएम और एसपी। - फोटो : KUSHINAGAR
एपी बांध का हिस्सा धंसा, नोनियापट्टी में अफरातफरी
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संवेदनशीन स्थानों पर बोल्डर से बचाव कार्य कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। एपी बांध से सटे नोनियापट्टी में शनिवार को सुबह उस समय अफरा तफरी मच गई जब गंडक नदी के कटान को रोकने के लिए कराए जा रहे बचाव कार्य का लगभग 60 मीटर हिस्सा नदी में धंस गया। लोगों का कहना है कि मिट्टी से भरे जीओ बैग की जगह बोल्डर से बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो एपी बांध के साथ कई गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
वाल्मीकिनगर बैराज से डिस्चार्ज बढ़ने से एपी बांध पर गंडक नदी के कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है। पहले ही किमी 1.000 और किमी 1.480 पर नदी का भारी दबाव था। अब नोनियापट्टी में एपी बांध पर खतरा उत्पन्न हो गया है। मिट्टी से भरे जीओ बैग से कटान रोकने की कवायद पर उस समय ब्रेक लग गया, कार्य चल रहा था।जिसकाएपी बांध का 60 मीटर हिस्सा धंस गया। सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों का कहना था कि अगर अब भी विभाग नहीं चेता है और बोल्डर से कटान रोकने का इंतजाम नहीं किया तो एपी बांध के साथ खैरखुटा, कचहरी टोला, मदुरही, फागु छापर, विरवट कोन्हवलिया, डीह टोला, लोकनहा आदि गांवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यही नहीं, नदी के मुहाने पर बसे प्रहलाद राम, सतन राम, चंद्रिका राम, अच्छेलाल बैठा आदि के घरों को नदी चपेट में ले सकती है। गांव के संजय कुमार सिंह, बबलु प्रसाद, अजय राम, सुकई राम, पारस प्रसाद, गौतम सिंह, राघव राम आदि ने बोल्डर से बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।
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डीएम-एसपी ने किया एपी बांध का निरीक्षण
तमकुहीरोड। डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह और एसपी राजीव नारायण मिश्र ने शनिवार को एपी बांध का निरीक्षण किया। अहिरौलीदान, कचहरी टोला, बाघाचौर, नोनियापट्टी के पास पहुंचकर बड़ी गंडक के कटान का हाल जाना। डीएम ने बाढ़खंड के जिम्मेदारों के साथ तहसील प्रशासन को हिदायत दिया कि सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जाएं। हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूर्ण करने और सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया।
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इस दौरान एसडीएम अरविंद कुमार, बाढ़खंड तृतीय के सहायक अभियंता पीसी त्रिपाठी, जेई रमेशधर दुबे, चंद्रप्रकाश, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, भाजपा नेता जेके सिंह, राजस्व निरीक्षक नकछेद साह, लेखपाल विजय प्रकाश मिश्र, अरविंद सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।
खतरे के निशान के करीब पहुंची बड़ी गंडक, बढ़ी चिंता
खड्डा। इस बरसात में बड़ी गंडक का डिस्चार्ज पहली बार एक लाख चौरानवे हजार क्यूसेक पहुंच गया। जलस्तर भैसहां गेजस्थल पर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। शनिवार को खड्डा क्षेत्र में 45.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।

इंडो-नेपाल बार्डर के वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में छोड़े जा रहे पानी का डिस्चार्ज शनिवार सुबह आठ बजे 1,66,600, दोपहर 12 बजे 1,91200, दोपहर दो बजे 1,94,800 तथा शाम चार बजे 1,77,800 क्यूसेक था। इस वजह से जलस्तर में बढ़ोत्तरी दिखी। खड्डा क्षेत्र के भैसहां गेज स्थल पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर सुबह आठ बजे 95.38 मीटर, दस बजे 95.49 मीटर, चार बजे शाम को 95.62 मीटर था। यह खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर नीचे था। शनिवार को इस क्षेत्र में 45.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
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