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Kushinagar News: गन्ने के साथ करें आलू की बुवाई, मिलेगा दोहरा लाभ
Sun, 17 Nov 2024 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:19 AM IST
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तमकुहीरोड। इस समय किसान आलू की बुवाई में जुटे हैं। किसान यदि शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ आलू की खेती करें तो उन्हें दोहरा लाभ मिल सकता है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ.विनय कुमार मिश्र ने बताया कि सेवरही क्षेत्र में आलू की खेती जगदीशपुर, दाहूगंज, सुमही संतपट्टी, गोसाईपट्टी, मंझरिया, गौरीनगर, चखनी, रानीगंज, बभनौली, सरगटिया करनपट्टी, बैजू पट्टी, झड़वा, पिपरा मुस्तकिल, दोमाठ आदि गांव की मिट्टी उपयुक्त है। यदि किसान वैज्ञानिक तकनीक से गन्ने के साथ आलू की खेती करें तो उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसान कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी अशोका, कुफरी बादशाह, कुफरी सिंदूरी, कुफरी ज्योति, कुफरी अरुण, कुफरी राजेंद्र प्रमुख आदि प्रजाति के आलू बीज बो सकते हैं। ये सभी प्रजातियां 120 से 130 दिन में तैयार हो जाती हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ.विनय कुमार मिश्र ने बताया कि सेवरही क्षेत्र में आलू की खेती जगदीशपुर, दाहूगंज, सुमही संतपट्टी, गोसाईपट्टी, मंझरिया, गौरीनगर, चखनी, रानीगंज, बभनौली, सरगटिया करनपट्टी, बैजू पट्टी, झड़वा, पिपरा मुस्तकिल, दोमाठ आदि गांव की मिट्टी उपयुक्त है। यदि किसान वैज्ञानिक तकनीक से गन्ने के साथ आलू की खेती करें तो उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसान कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी अशोका, कुफरी बादशाह, कुफरी सिंदूरी, कुफरी ज्योति, कुफरी अरुण, कुफरी राजेंद्र प्रमुख आदि प्रजाति के आलू बीज बो सकते हैं। ये सभी प्रजातियां 120 से 130 दिन में तैयार हो जाती हैं।