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Kushinagar News: दिन में धूप व रात में ठंड से बढ़े त्वचा रोगी
Tue, 10 Feb 2026 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:52 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज करते चिकित्सक।संवाद
पडरौना। दिन में धूप और रात में ठंड ने त्वचा रोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। सफाई में कमी और संक्रमण के कारण एक्जिमा, खुजली, दाद आदि के मरीज बढ़े हैं। निजी चिकित्सकों के पास भी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इस समय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 150 से अधिक त्वचा रोगी आ रहे हैं।
बीते करीब एक पखवाड़े से दिन में गर्मी और रात में ठंड पड़ रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। इसमें वायरल बुखार के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे। साथ ही बारिश के बाद से ही त्वचा रोग से पीड़ित मरीज बढ़े हैं। मरीजों को लाल दाने से लेकर पूरे शरीर में एलर्जी की शिकायत हो रही है। मेडिकल कॉलेज रवींद्रनगर की ओपीडी में करीब 150 मरीज पहुंचे, जिन्हें चर्म रोग की समस्या थी।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 120 से 150 मरीज आ रहे हैं। इन दिनों एक्जिमा, खुजली और दाद के मरीज ज्यादा हैं। ठंड के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है।
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ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एक्जिमा और खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि अब त्वचा के रोगी कुछ बढ़ गए हैं।
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बीते करीब एक पखवाड़े से दिन में गर्मी और रात में ठंड पड़ रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। इसमें वायरल बुखार के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे। साथ ही बारिश के बाद से ही त्वचा रोग से पीड़ित मरीज बढ़े हैं। मरीजों को लाल दाने से लेकर पूरे शरीर में एलर्जी की शिकायत हो रही है। मेडिकल कॉलेज रवींद्रनगर की ओपीडी में करीब 150 मरीज पहुंचे, जिन्हें चर्म रोग की समस्या थी।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 120 से 150 मरीज आ रहे हैं। इन दिनों एक्जिमा, खुजली और दाद के मरीज ज्यादा हैं। ठंड के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है।
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ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एक्जिमा और खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि अब त्वचा के रोगी कुछ बढ़ गए हैं।