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Kushinagar News: जलभराव के कारण टापू बना सिरसिया दीक्षित स्कूल, निजी घर के बरामदे में पढ़ रहे बच्चे
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सिरसिया दीक्षित प्राथमिक विद्यालय के एक मकान के बरामदे में पढ़ते बच्चे।
गांव के ही एक व्यक्ति के घर के बरामदे में हो रही पढ़ाई, कीड़े-मकोड़ों का डेरा बना स्कूल
विशुनपुरा ब्लॉक के सिरसिया दीक्षित गांव का मामला
पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के सिरसिया दीक्षित गांव में जलभराव के कारण के कारण परिषदीय स्कूल के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बीते दिनों हुई भारी बरसात से विद्यालय टापू बन गया। इसके चलते 63 बच्चों की पढ़ाई गांव के एक मकान के बरामदे में हो रही है। ऐसे में बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इससे अभिभावक चिंतित हैं।
मुख्य पिचरोड से स्कूल की दूरी महज 150 मीटर है लेकिन यह रास्ता वर्ष 1969 से अब तक नहीं बन सका है। हाल के दिनों में बारिश के कारण इस मार्ग पर जलभराव हो गया है। इस वजह से स्कूल बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। स्कूल में पंजीकृत 63 बच्चों की अपेक्षा नई जगह पर कम बच्चे पढ़ने जा रहे हैं। मंगलवार दोपहर को प्राथमिक विद्यालय के 35 बच्चे गांव के ही कृष्ण प्रकाश दीक्षित के मकान के बरामदे में पढ़ते मिले।
विद्यालय तक जाने वाले रास्ते पर जलभराव होने के कारण छोटे बच्चों के डूबने भर का पानी है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं क्योंकि जलभराव के कारण पहुंचना जोखिम भरा है। विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक सोनी सिंह, एक सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए सोनी सिंह ने आग्रह कर बरामदे में बच्चों को बैठाने की व्यवस्था की है।
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ग्राम प्रधान सुनील कुमार दीक्षित भी दो अक्तूबर को महात्मा गांधी और शास्त्री जयंती पर ध्वजारोहण के लिए जाते समय अपनी बाइक सहित फिसल गए थे। उन्हें चोट नहीं लगी, पर यह घटना रास्ते की खराब हालत बताती है। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के अभिभावक राजन चौधरी, केवल प्रजापति, दीपचंद दीक्षित और सत्यप्रकाश ने अपनी चिंता व्यक्त की है। वे पूछते हैं कि आखिर पानी सूखने का इंतजार कब तक करना होगा।
अभिभावकों का कहना है कि बारिश तो हर साल होती है। क्या हरदम बच्चों को इसी तरह किसी के बरामदे में पढ़ना पड़ेगा। प्रभारी प्रधानाध्यापक सोनी सिंह ने बताया कि जलभराव के कारण विद्यालय में पढ़ाई कराना संभव नहीं था। पानी से बचने के लिए कीड़े-मकोड़े तक विद्यालय में घुस आते हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा। उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए बरामदे में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
नहीं मिल रहा मिड डे मिल
सिरसिया दीक्षित गांव में परिषदीय विद्यालय बंद होने के कारण निजी मकान में स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इस वजह से बच्चों को मिड डे मिल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि बच्चों को फल व दूध बच्चों को दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
वर्जन
विभागीय अधिकारियों का इससे अवगत करा दिया गया है। विशुनपुरा के बीडीओ से भी लिखित रूप में समस्या के स्थाई समाधान का आग्रह किया गया है। वर्तमान में बच्चों को गांव के एक व्यक्ति के बरामदे में स्कूल संचालित कराया जा रहा है। इसके पूर्व भी बीडीओ से सड़क को ठीक कराने के लिए कहा था।
-जयंत कुमार, बीईओ
वर्जन
अधिक बारिश होने के कारण सड़क पर पानी भरा है। मामला संज्ञान में है, पानी हटने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
- अखंड प्रताप, बीडीओ विशुनपुरा ब्लॉक
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विशुनपुरा ब्लॉक के सिरसिया दीक्षित गांव का मामला
पिपरा बाजार। विशुनपुरा ब्लॉक के सिरसिया दीक्षित गांव में जलभराव के कारण के कारण परिषदीय स्कूल के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बीते दिनों हुई भारी बरसात से विद्यालय टापू बन गया। इसके चलते 63 बच्चों की पढ़ाई गांव के एक मकान के बरामदे में हो रही है। ऐसे में बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इससे अभिभावक चिंतित हैं।
मुख्य पिचरोड से स्कूल की दूरी महज 150 मीटर है लेकिन यह रास्ता वर्ष 1969 से अब तक नहीं बन सका है। हाल के दिनों में बारिश के कारण इस मार्ग पर जलभराव हो गया है। इस वजह से स्कूल बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। स्कूल में पंजीकृत 63 बच्चों की अपेक्षा नई जगह पर कम बच्चे पढ़ने जा रहे हैं। मंगलवार दोपहर को प्राथमिक विद्यालय के 35 बच्चे गांव के ही कृष्ण प्रकाश दीक्षित के मकान के बरामदे में पढ़ते मिले।
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विद्यालय तक जाने वाले रास्ते पर जलभराव होने के कारण छोटे बच्चों के डूबने भर का पानी है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं क्योंकि जलभराव के कारण पहुंचना जोखिम भरा है। विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक सोनी सिंह, एक सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए सोनी सिंह ने आग्रह कर बरामदे में बच्चों को बैठाने की व्यवस्था की है।
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ग्राम प्रधान सुनील कुमार दीक्षित भी दो अक्तूबर को महात्मा गांधी और शास्त्री जयंती पर ध्वजारोहण के लिए जाते समय अपनी बाइक सहित फिसल गए थे। उन्हें चोट नहीं लगी, पर यह घटना रास्ते की खराब हालत बताती है। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के अभिभावक राजन चौधरी, केवल प्रजापति, दीपचंद दीक्षित और सत्यप्रकाश ने अपनी चिंता व्यक्त की है। वे पूछते हैं कि आखिर पानी सूखने का इंतजार कब तक करना होगा।
अभिभावकों का कहना है कि बारिश तो हर साल होती है। क्या हरदम बच्चों को इसी तरह किसी के बरामदे में पढ़ना पड़ेगा। प्रभारी प्रधानाध्यापक सोनी सिंह ने बताया कि जलभराव के कारण विद्यालय में पढ़ाई कराना संभव नहीं था। पानी से बचने के लिए कीड़े-मकोड़े तक विद्यालय में घुस आते हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा। उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए बरामदे में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
नहीं मिल रहा मिड डे मिल
सिरसिया दीक्षित गांव में परिषदीय विद्यालय बंद होने के कारण निजी मकान में स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इस वजह से बच्चों को मिड डे मिल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि बच्चों को फल व दूध बच्चों को दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
वर्जन
विभागीय अधिकारियों का इससे अवगत करा दिया गया है। विशुनपुरा के बीडीओ से भी लिखित रूप में समस्या के स्थाई समाधान का आग्रह किया गया है। वर्तमान में बच्चों को गांव के एक व्यक्ति के बरामदे में स्कूल संचालित कराया जा रहा है। इसके पूर्व भी बीडीओ से सड़क को ठीक कराने के लिए कहा था।
-जयंत कुमार, बीईओ
वर्जन
अधिक बारिश होने के कारण सड़क पर पानी भरा है। मामला संज्ञान में है, पानी हटने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
- अखंड प्रताप, बीडीओ विशुनपुरा ब्लॉक