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Kushinagar News: एनएचएम संविदा कर्मियों का प्रदर्शन जारी, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
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दूसरे दिन सीएचसी, पीएचसी पर काली पट्टी बांध कर किया काम
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जनपद शाखा कुशीनगर ने आंदोलन शुरू किया है। संविदा कर्मी नियमितीकरण व समान कार्य-समान वेतन सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन द्वितीय चरण के दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर काला फीता बांधा।
जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में कार्यरत एनएचएम के सभी संवर्ग के अधिकारी व कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रादेशिक आह्वान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर विरोध जताया। संघ के कर्मचारियों द्वारा 6 अक्तूबर को पूरे जिले में प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान उन्होंने काली पट्टी बांधकर कार्य किया, जो उनके विरोध का प्रतीक था। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सात अक्तूबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिले के समस्त कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए आर-पार के संघर्ष के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
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संविदा कर्मियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल हैं। वे कुल 8 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। संघ का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए कार्यस्थल पर प्रदर्शन किया। उनका यह विरोध सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए है। जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने आंदोलन की आगे की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि तृतीय चरण में 08, 09 व 10 अक्तूबर को पूर्ण कार्य बहिष्कार होगा। इस दौरान सभी कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। यदि तब भी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन शुरू होगा। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
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कुशीनगर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जनपद शाखा कुशीनगर ने आंदोलन शुरू किया है। संविदा कर्मी नियमितीकरण व समान कार्य-समान वेतन सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन द्वितीय चरण के दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर काला फीता बांधा।
जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में कार्यरत एनएचएम के सभी संवर्ग के अधिकारी व कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रादेशिक आह्वान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर विरोध जताया। संघ के कर्मचारियों द्वारा 6 अक्तूबर को पूरे जिले में प्रदर्शन किया गया।
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इस दौरान उन्होंने काली पट्टी बांधकर कार्य किया, जो उनके विरोध का प्रतीक था। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सात अक्तूबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिले के समस्त कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए आर-पार के संघर्ष के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
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संविदा कर्मियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल हैं। वे कुल 8 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। संघ का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए कार्यस्थल पर प्रदर्शन किया। उनका यह विरोध सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए है। जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय ने आंदोलन की आगे की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि तृतीय चरण में 08, 09 व 10 अक्तूबर को पूर्ण कार्य बहिष्कार होगा। इस दौरान सभी कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। यदि तब भी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन शुरू होगा। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।