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Kushinagar News: एआई प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को दी गई इस्तेमाल करने की जानकारी
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पडरौना। बदलते दौर में एआई के बढ़ते दखल के बीच कुशीनगर के 300 विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बारीकियां सीखीं। महामाया इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पांच और छह अक्तूबर को आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल के साथ भविष्य में मिलने वाले रोजगार के अवसरों और जरूरी डिजिटल स्किल्स की जानकारी दी गई।
प्रदेश सरकार की पहल पर एआई प्रज्ञा के तहत महामाया इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कुशीनगर में पांच और छह अक्तूबर को दो दिवसीय निशुल्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 300 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर एआई की मूल अवधारणाओं के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी हासिल की। प्रधानाचार्य प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एआई के विभिन्न पहलुओं, डिजिटल एवं फ्यूचर स्किल्स तथा आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र में उभर रहे रोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया है।
इंटरैक्टिव और हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर समझाया गया। साथ ही इसके करियर में उपयोग और बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी और रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
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प्रदेश सरकार की पहल पर एआई प्रज्ञा के तहत महामाया इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कुशीनगर में पांच और छह अक्तूबर को दो दिवसीय निशुल्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 300 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर एआई की मूल अवधारणाओं के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी हासिल की। प्रधानाचार्य प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एआई के विभिन्न पहलुओं, डिजिटल एवं फ्यूचर स्किल्स तथा आने वाले समय में तकनीकी क्षेत्र में उभर रहे रोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया है।
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इंटरैक्टिव और हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर समझाया गया। साथ ही इसके करियर में उपयोग और बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी और रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
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