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Kushinagar News: पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा सिकटिया, खेतों में लगे पौधे
Mon, 09 Jun 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 09 Jun 2025 12:40 AM IST
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दुदही। क्षेत्र के सिकटिया में एक युवक की प्रेरणा से गांव लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग हो गए हैं। गांव की करीब 70 प्रतिशत जमीन पर पौधरोपण कर हरियाली फैलाने में लोग जुट गए हैं। लोगों की मेहनत से वहां हरे-भरे पेड़ पौधे लहलहा भी रहे हैं। दुदही क्षेत्र के बांसी नदी के किनारे सिकटिया गांव बसा है। इस गांव की आबादी 1200 है। गांव के लोगों की करीब 125 एकड़ भूमि है। इसमें गांव के लोग करीब 25 एकड़ में घर बनाए हैं। पांच एकड़ जमीन में बांसी नदी बहती है। इसमें एक एकड़ में तालाब करीब एक एकड़ जमीन में श्मशान घाट, स्कूल एवं ब्रह्मस्थान है।
इस गांव में करीब 50 एकड़ ज़मीन में लोग बागवानी लगाए हैं। गांव के मनोज सिंह 1987 में रांची से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद गांव पहुंचे तो तीन वर्ष तक गन्ने की खेती किए, लेकिन खास लाभ नहीं मिला। वर्ष 1990 से बागवानी लगाना शुरू किया। वे बताते हैं कि उन्हें देख अब गांव के लोग अपनी-अपनी जमीन में लीची, आम, महोबनी, मलेशियन साखू, सागौन आदि का पेड़ लगाए हैं। पौधरोपण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनोज को वर्ष 2011 में देहरादून में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरक सिंह रावत ने उद्यान रत्न का पुरस्कार किया था।
उसके बाद गांव के लोगों में प्रेरणा जगी और गांव के धनजंय सिंह ने 2.5 एकड़, उमा सिंह ने 2.50 एकड़, राजेंद्र राय ने दो एकड़, ध्रुप सिंह ने दो एकड़, सूर्यबली पटेल ने 10 कट्टा, रामदेव ने 10 कट्ठा, लक्ष्मण ने 10 कट्टा, परमेश्वर 10 ने कट्टा, अनिल ने 10 कट्टा, सतीश ने 10 कट्टा और धर्मेंद्र ने 10 कट्टा जमीन में बागवानी लगाया है। इन बागवानी में 100 से अधिक मोर रहते हैं। धनजंय सिंह ने कहा कि मनोज से पूरा गांव प्रेरित है। उनके मार्गदर्शन से 2.5 एकड़ बागवानी लगाया हूं। आगे भी प्रयासरत हूं कि अधिक से अधिक पेड़ पौधा लगाएं।
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इस गांव में करीब 50 एकड़ ज़मीन में लोग बागवानी लगाए हैं। गांव के मनोज सिंह 1987 में रांची से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद गांव पहुंचे तो तीन वर्ष तक गन्ने की खेती किए, लेकिन खास लाभ नहीं मिला। वर्ष 1990 से बागवानी लगाना शुरू किया। वे बताते हैं कि उन्हें देख अब गांव के लोग अपनी-अपनी जमीन में लीची, आम, महोबनी, मलेशियन साखू, सागौन आदि का पेड़ लगाए हैं। पौधरोपण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनोज को वर्ष 2011 में देहरादून में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरक सिंह रावत ने उद्यान रत्न का पुरस्कार किया था।
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उसके बाद गांव के लोगों में प्रेरणा जगी और गांव के धनजंय सिंह ने 2.5 एकड़, उमा सिंह ने 2.50 एकड़, राजेंद्र राय ने दो एकड़, ध्रुप सिंह ने दो एकड़, सूर्यबली पटेल ने 10 कट्टा, रामदेव ने 10 कट्ठा, लक्ष्मण ने 10 कट्टा, परमेश्वर 10 ने कट्टा, अनिल ने 10 कट्टा, सतीश ने 10 कट्टा और धर्मेंद्र ने 10 कट्टा जमीन में बागवानी लगाया है। इन बागवानी में 100 से अधिक मोर रहते हैं। धनजंय सिंह ने कहा कि मनोज से पूरा गांव प्रेरित है। उनके मार्गदर्शन से 2.5 एकड़ बागवानी लगाया हूं। आगे भी प्रयासरत हूं कि अधिक से अधिक पेड़ पौधा लगाएं।
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