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शहाबुद्दीन की जैसी करनी, वैसी भरनी: नीतीश
kushinagar
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:56 PM IST
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राजनीितति
- फोटो : santosh verma
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कुशीनगर/कसया। आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार जो भी निर्णय लेगी सभी दल उसका समर्थन करेंगे। राष्ट्रहित के इस मुद्दे पर किसी तरह की राजनीति ठीक नहीं है। शहाबुद्दीन की जैसी करनी है, वैसी भरनी है। मुलायम सिंह यादव को हम सभी लोगों ने अपना नेता माना था, लेकिन स्थिति बदली तो सब लोग बिखर गए। ये बातें जनता दल युनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीशकुमार ने रविवार की शाम कुशीनगर के मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहीं।
देवरिया जिले के पथरदेवा में आयोजित जनसभा को संबोधित कर लौटते समय शाम साढ़े तीन बजे कुशीनगर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी एक को दोष देना उचित नहीं है। इस मुद्दे पर सभी लोगों को मिलकर लड़ना होगा। इस मुद्दे पर भारत सरकार जो भी कर रही है, हम सब उसके साथ हैं। उत्तर प्रदेश में सपा की अंदरूनी लड़ाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह यादव को हम सभी लोग अपना नेता मानते थे, लेकिन स्थितियां ऐसी बदलीं कि सब कुछ बिखर गया। बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन के प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने बस इतना ही कहा कि जैसी करनी होगी, वैसी भरनी होगी।
इससे पहले कुशीनगर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भंते नंदरतन की अगुवाई में बौद्ध भिक्षुओं ने स्वागत किया। तत्पश्चात बौद्ध भिक्षुओं की देखरेख में भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा के समक्ष बैठकर करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की तथा चीवर चढ़ाया। उन्होंने मौजूद बौद्ध अनुयायियों से प्रतिमा के बारे में विस्तार से जानकारी भी हासिल की। मंदिर की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध के उपदेशों से सीख लेने की बात दोहराई। इसके बाद पैदल ही परिसर का भ्रमण करते हुए गेट तक पहुंचे और सवा चार बजे बिहार के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री लल्लन सिंह, महराजगंज के विधायक हेमनरायन शाह, जदयू के नेता डॉ. इमामुल हक, महबूब आलम सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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पेड़ की छाया में लगाया ध्यान
कसया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने रविवार को कुशीनगर स्थित मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद परिसर में भ्रमण के दौरान ध्यान एक पेड़ की छाया में खड़े होकर ध्यान किया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोग भी ध्यान की मुद्रा में आ गए।
मीडिया से नहीं होना चाहते थे मुखातिब
मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद बाहर निकलने पर मीडिया कर्मियों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की तो जवाब देने की बजाय आगे बढ़ गए। परंतु परिसर में भ्रमण के दौरान वर्मी मंदिर के उत्तरी गेट के सामने मीडिया वालों ने उनसे सवाल पूछना शुरू किया तो सुरक्षा के बीच ही पैदल चलते हुए सवालों का जवाब दिया।
गेट के बाहर समर्थकों को रोका गया
पूजा के लिए मुख्य मंदिर में मुख्यमंत्री के प्रवेश बाद पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं की भीड़ को गेट पर ही रोक लिया। पूजा-अर्चना कर लौटते समय भी काफी दूरी से ही पार्टी कार्यकर्ता नारे लगाते रहे।
तीसरी बार आया हूं कुशीनगर
मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने बताया कि इसके पूर्व वे यहां पर दो बार आ चुके हैं। भगवान बुद्ध से जुड़े बोध गया, लुंबिनी, वैशाली, सारनाथ सहित अन्य स्थलों के बारे में भी बताते कहा कि इन स्थानों पर पहुंचने से शांति मिलती है।
एसपी को भी आगे आना पड़ा
परिसर में उनके काफिले में कई स्थानों पर सुरक्षा और अन्य बिंदुओं को देखते हुए एसपी दीपक कुमार भट्ट को भी आगे आना पड़ा। मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान भी एसपी ने कई बार आगे आकर सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया।
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देवरिया जिले के पथरदेवा में आयोजित जनसभा को संबोधित कर लौटते समय शाम साढ़े तीन बजे कुशीनगर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी एक को दोष देना उचित नहीं है। इस मुद्दे पर सभी लोगों को मिलकर लड़ना होगा। इस मुद्दे पर भारत सरकार जो भी कर रही है, हम सब उसके साथ हैं। उत्तर प्रदेश में सपा की अंदरूनी लड़ाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह यादव को हम सभी लोग अपना नेता मानते थे, लेकिन स्थितियां ऐसी बदलीं कि सब कुछ बिखर गया। बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन के प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने बस इतना ही कहा कि जैसी करनी होगी, वैसी भरनी होगी।
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इससे पहले कुशीनगर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भंते नंदरतन की अगुवाई में बौद्ध भिक्षुओं ने स्वागत किया। तत्पश्चात बौद्ध भिक्षुओं की देखरेख में भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा के समक्ष बैठकर करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की तथा चीवर चढ़ाया। उन्होंने मौजूद बौद्ध अनुयायियों से प्रतिमा के बारे में विस्तार से जानकारी भी हासिल की। मंदिर की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध के उपदेशों से सीख लेने की बात दोहराई। इसके बाद पैदल ही परिसर का भ्रमण करते हुए गेट तक पहुंचे और सवा चार बजे बिहार के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री लल्लन सिंह, महराजगंज के विधायक हेमनरायन शाह, जदयू के नेता डॉ. इमामुल हक, महबूब आलम सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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पेड़ की छाया में लगाया ध्यान
कसया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने रविवार को कुशीनगर स्थित मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद परिसर में भ्रमण के दौरान ध्यान एक पेड़ की छाया में खड़े होकर ध्यान किया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोग भी ध्यान की मुद्रा में आ गए।
मीडिया से नहीं होना चाहते थे मुखातिब
मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद बाहर निकलने पर मीडिया कर्मियों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की तो जवाब देने की बजाय आगे बढ़ गए। परंतु परिसर में भ्रमण के दौरान वर्मी मंदिर के उत्तरी गेट के सामने मीडिया वालों ने उनसे सवाल पूछना शुरू किया तो सुरक्षा के बीच ही पैदल चलते हुए सवालों का जवाब दिया।
गेट के बाहर समर्थकों को रोका गया
पूजा के लिए मुख्य मंदिर में मुख्यमंत्री के प्रवेश बाद पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं की भीड़ को गेट पर ही रोक लिया। पूजा-अर्चना कर लौटते समय भी काफी दूरी से ही पार्टी कार्यकर्ता नारे लगाते रहे।
तीसरी बार आया हूं कुशीनगर
मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने बताया कि इसके पूर्व वे यहां पर दो बार आ चुके हैं। भगवान बुद्ध से जुड़े बोध गया, लुंबिनी, वैशाली, सारनाथ सहित अन्य स्थलों के बारे में भी बताते कहा कि इन स्थानों पर पहुंचने से शांति मिलती है।
एसपी को भी आगे आना पड़ा
परिसर में उनके काफिले में कई स्थानों पर सुरक्षा और अन्य बिंदुओं को देखते हुए एसपी दीपक कुमार भट्ट को भी आगे आना पड़ा। मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान भी एसपी ने कई बार आगे आकर सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया।